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राज्य कृषि समाचार (State News)

राजस्थान: अतिवृष्टि से खराब फसलों पर किसानों को मिला मुआवजा, 51 हजार किसानों के खातों में पहुंची राशि

18 मई 2026, जयपुर: राजस्थान: अतिवृष्टि से खराब फसलों पर किसानों को मिला मुआवजा, 51 हजार किसानों के खातों में पहुंची राशि – प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना सवाई माधोपुर जिले के किसानों के लिए प्राकृतिक आपदाओं के समय प्रभावी सुरक्षा कवच साबित हो रही है। सवाई माधोपुर जिला कलक्टर काना राम के विशेष निर्देशन एवं सतत मॉनिटरिंग में प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के अंतर्गत खरीफ-2025 में जिले के किसानों को बड़ी राहत मिली है। खरीफ 2025 सीजन में अतिवृष्टि से प्रभावित फसलों के नुकसान पर जिले के किसानों को 47 करोड़ 33 लाख रुपये की रिकॉर्ड दावा राशि स्वीकृत की गई है। यह राशि जिले के हजारों किसानों के लिए आर्थिक राहत एवं संबल का माध्यम बनी है।

संयुक्त निदेशक कृषि (विस्तार) लखपत लाल मीणा ने बताया कि खरीफ 2025 में जिले में अतिवृष्टि के कारण बाजरा, तिल एवं उड़द की फसलों को व्यापक नुकसान हुआ था। जिला कलक्टर काना राम के निर्देशन में प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के अंतर्गत कृषि विभाग एवं बीमा कंपनी द्वारा संयुक्त रूप से सर्वे, फसल कटाई प्रयोग एवं औसत उपज का वैज्ञानिक आकलन किया गया, जिसके आधार पर बीमित किसानों को दावा राशि स्वीकृत हुई। उन्होंने बताया कि जिले में अब तक 51 हजार 370 किसानों के खातों में 46 करोड़ 28 लाख रुपये की राशि सीधे डीबीटी के माध्यम से हस्तांतरित की जा चुकी है।

उन्होंने बताया कि गत वर्ष खरीफ 2024 में जिले के किसानों को 35 करोड़ 44 लाख रुपये की दावा राशि प्राप्त हुई थी, जबकि इस वर्ष सर्वाधिक 47 करोड़ 33 लाख रुपये की राशि स्वीकृत हुई है, जो योजना के प्रति किसानों की बढ़ती जागरूकता एवं समय पर बीमा करवाने का सकारात्मक परिणाम है।

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तहसीलवार किसानों को मिली दावा राशि

सहायक निदेशक कृषि (सांख्यिकी) श्याम बिहारी मधुरिया ने बताया कि जिले की विभिन्न तहसीलों में बड़ी संख्या में किसानों को बीमा दावा राशि का लाभ मिला है। सर्वाधिक 20 करोड़ 60 लाख रुपये की राशि सवाई माधोपुर तहसील के किसानों को प्राप्त हुई, जबकि चौथ का बरवाड़ा क्षेत्र के किसानों को 8 करोड़ 96 लाख रुपये की दावा राशि स्वीकृत हुई। इसी प्रकार मलारना डूंगर क्षेत्र को 3 करोड़ 41 लाख रुपये, बौंली तहसील को 2 करोड़ 54 लाख रुपये, खंडार क्षेत्र को 2 करोड़ 89 लाख रुपये, बामनवास को 1 करोड़ 42 लाख रुपये, बरनाला क्षेत्र को 2 करोड़ 5 लाख रुपये, वजीरपुर को 1 करोड़ 51 लाख रुपये, तलावड़ा को 1 करोड़ 78 लाख रुपये, मित्रपुरा को 65 लाख रुपये तथा गंगापुर क्षेत्र को 47 लाख रुपये की दावा राशि प्राप्त हुई है।

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उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना अंतर्गत खरीफ 2025 में जिले के 68 हजार 258 किसानों द्वारा 3 लाख 77 हजार 687 पॉलिसियां ली गईं तथा लगभग 53 हजार 968 हेक्टेयर क्षेत्र बीमित किया गया। किसानों द्वारा लगभग 4 करोड़ 80 लाख रुपये प्रीमियम जमा करवाया गया था।

किसानों ने साझा किए अनुभव, योजना को बताया लाभकारी

ग्राम कुश्तला निवासी किसान मेरवाल सिंह ने बताया कि उन्होंने वर्ष 2023 से योजना के तहत फसल बीमा करवाना शुरू किया है। इस वर्ष 5 हजार 315 रुपये प्रीमियम जमा करवाने पर उन्हें 1 लाख 81 हजार रुपये की दावा राशि प्राप्त हुई। उन्होंने कहा कि प्राकृतिक आपदा की स्थिति में यह योजना किसानों के लिए बड़ी राहत साबित हो रही है। इसी प्रकार ग्राम खिजूरी के एक किसान ने 5.5 एकड़ भूमि का बीमा करवाया था। उन्हें लगभग 3 हजार 800 रुपये प्रीमियम के बदले 1 लाख 6 हजार रुपये का मुआवजा प्राप्त हुआ।

वही भारतीय किसान संघ के संभागीय मंत्री एवं प्रगतिशील किसान गजानंद जाट ने किसानों से प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना का अधिकाधिक लाभ लेने की अपील करते हुए कहा कि समय पर बीमा, सही गिरदावरी एवं फसल क्षति की सूचना दर्ज करवाने से किसानों को बेहतर क्लेम प्राप्त होता है। उन्होंने बताया कि अधिक वर्षा से उड़द की फसल खराब होने पर उन्हें भी 50 हजार रुपये से अधिक की दावा राशि प्राप्त हुई है। किसानों ने क्षेत्र के अन्य कृषकों से भी समय पर फसल बीमा करवाने की अपील की।

1 जुलाई से शुरू होगा खरीफ 2026 का बीमा नामांकन

कृषि विभाग के अधिकारियों ने बताया कि खरीफ 2026 के लिए प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना अंतर्गत नामांकन कार्य 1 जुलाई से 31 जुलाई 2026 तक किया जाएगा। ऋणी किसानों का बीमा संबंधित बैंक शाखाओं के माध्यम से किया जाएगा, जबकि गैर-ऋणी किसान राष्ट्रीय फसल बीमा पोर्टल, ई-मित्र, सीएससी केंद्र अथवा अधिकृत बीमा प्रतिनिधियों के माध्यम से आवेदन कर सकेंगे।

योजना के तहत गैर-ऋणी किसानों को अधिसूचित फसल की बीमित राशि का मात्र 2 प्रतिशत प्रीमियम जमा करवाना होगा। आवेदन के साथ आधार कार्ड, जनाधार कार्ड, बैंक पासबुक, भूमि दस्तावेज, बुवाई प्रमाण-पत्र एवं स्वप्रमाणित घोषणा-पत्र प्रस्तुत करना आवश्यक होगा।
जिला कलक्टर काना राम ने जिले के किसानों से अपील की है कि वे समय पर अपनी फसलों का बीमा करवाएं तथा प्राकृतिक आपदाओं से आर्थिक सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना का अधिकतम लाभ उठाएं।उन्होंने कहा कि राज्य सरकार एवं जिला प्रशासन किसानों के हित संरक्षण एवं कृषि सुरक्षा के लिए प्रतिबद्ध है।

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