राज्य कृषि समाचार (State News)

राजस्थान: बीज उत्पादन में गड़बड़ी पर कृषि मंत्री ने दिखाई सख्ती, जयशंकर सीड्स को कारण बताओ नोटिस जारी  

25 सितम्बर 2025, भोपाल: राजस्थान: बीज उत्पादन में गड़बड़ी पर कृषि मंत्री ने दिखाई सख्ती, जयशंकर सीड्स को कारण बताओ नोटिस जारी- राजस्थान के कृषि एवं उद्यानिकी मंत्री डॉ. किरोड़ी लाल ने कहा कि राज्य सरकार किसानों को उच्च क्वालिटी के उर्वरक, बीज और पेस्टिसाइड उपलब्ध कराने के लिए सदैव प्रयासरत है और किसानों को अन्य गुणवत्तायुक्त बीज हर हाल में उपलब्ध करवाया जायेगा। निम्न गुणवत्ता युक्त खाद, पेस्टिसाइड और बीज उपलब्ध कराने वाले विनिर्माता और दुकानदारों पर सख्त रुख अपनाते हुए लाइसेंस निरस्तीकरण तक की कार्रवाई अमल में लाई जायेंगी। इसी क्रम में मैसर्स जय शंकर सीड्स प्रा. लि. को बीज उत्पादन कार्यक्रम में पाई गई अनियमितताओं के लिए कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है।

 कृषि मंत्री ने बीते शनिवार व रविवार को श्री गंगानगर और हनुमानगढ़ जिले के कई इलाकों में उगाये जा रहे बीज का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान हनुमानगढ़ जिले के पीलीबंगा क्षेत्र में मैसर्स जय शंकर सीड्स प्रा.लि. द्वारा  उगाये जा रहे बीज में अनियमितताएं मिली। उन्होंने बताया कि उक्त फर्म द्वारा सुदेश पुत्र रामस्वरूप के नाम से ग्वार की किस्म एसजी-2-20 का 6 हैक्टेयर में आधार से प्रमाणित बीज उत्पादन कार्यक्रम लिया गया था। जिसमें निरीक्षण के दौरान पाया गया कि 11 एलकेएस-ए में रामस्वरूप पुत्र लेखराम की जमीन है। रामस्वरूप पुत्र लेखराम के सुदेश नाम का कोई पुत्र नहीं है, साथ ही पूरे गांव में भी सुदेश नाम का कोई व्यक्ति नहीं है। रामस्वरूप पुत्र लेखराम के ग्राम 11 एलकेएस खेत में कपास की फसल मौके पर पाई गई और कृषक रामस्वरूप ने बताया कि उसके द्वारा बीज उत्पादन का कोई कार्यक्रम नही लिया गया है।

डॉ. किरोड़ी लाल ने बताया कि ग्राम 10 एलकेएस की जगह धोखाधड़ी एवं गलत तथ्य प्रस्तुत कर 11 एलकेएस-ए खेत की जमाबंदी लगाकर मैसर्स जय शंकर सीड्स प्रा.लि. द्वारा धोखाधड़ी एवं गलत तथ्य प्रस्तुत कर बीज उत्पादन कार्यक्रम लिया गया। इसलिए राजस्थान राज्य बीज एवं जैविक प्रमाणीकरण संस्था द्वारा धोखाधड़ी करने के कारण फर्म को नोटिस देकर 7 दिन में अनियमितताओं के संबंध में स्पष्टीकरण मांगा है। नोटिस का संतुष्टीजनक जवाब नहीं देने पर बीज प्रमाणीकरण संस्था द्वारा पंजीयन निलंबन, निरस्तीकरण कर कानूनी कार्यवाही अमल में लाई जायेगी।

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