राज्य कृषि समाचार (State News)

रायपुर: इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय में ‘एग्री टेक मिलन 2026’ आज से, 500 से अधिक पूर्व छात्र होंगे शामिल  

16 मार्च 2026, रायपुर: रायपुर: इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय में ‘एग्री टेक मिलन 2026’ आज से, 500 से अधिक पूर्व छात्र होंगे शामिल – इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के अंतर्गत संचालित स्वामी विवेकानंद कृषि अभियांत्रिकी एवं प्रौद्योगिकी महाविद्यालय में 14 और 15 मार्च को दो दिवसीय एल्युमिनाई मीट “एग्री टेक मिलन 2026” का आयोजन किया जा रहा है। इस कार्यक्रम में महाविद्यालय के 500 से अधिक पूर्व छात्र-छात्राएं भाग लेंगे। इनमें छत्तीसगढ़ के साथ-साथ देश के विभिन्न राज्यों से लगभग 250 से अधिक पूर्व विद्यार्थियों के आने की संभावना है। कार्यक्रम का उद्देश्य पूर्व छात्रों को एक मंच पर लाना, अनुभव साझा करना तथा कृषि अभियांत्रिकी के क्षेत्र में नवाचार और तकनीकी विकास को बढ़ावा देना है।

कार्यक्रम का शुभारंभ 14 मार्च को प्रातः 11 बजे विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. गिरीश चंदेल द्वारा किया जाएगा। समारोह की अध्यक्षता महाविद्यालय के अधिष्ठाता डॉ. अजय वर्मा करेंगे। इस अवसर पर विश्वविद्यालय के विभिन्न संकायों के अधिष्ठाता, निदेशक, कुलसचिव तथा छत्तीसगढ़ शासन के कृषि विभाग के वरिष्ठ अधिकारी विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहेंगे। दो दिवसीय आयोजन के दौरान पूर्व छात्र अपने अनुभव साझा करेंगे और वर्तमान विद्यार्थियों को करियर मार्गदर्शन भी प्रदान करेंगे।

महाविद्यालय के अधिष्ठाता डॉ. अजय वर्मा ने बताया कि महाविद्यालय में पहली बार इतने बड़े स्तर पर एल्युमिनाई मीट आयोजित की जा रही है। इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय से पिछले लगभग 30 वर्षों में कृषि अभियांत्रिकी की पढ़ाई कर चुके अनेक विद्यार्थी आज देशभर में प्रशासनिक सेवाओं, औद्योगिक संस्थानों, स्टार्टअप तथा शिक्षण एवं अनुसंधान संस्थानों में महत्वपूर्ण पदों पर कार्यरत हैं। इस आयोजन के माध्यम से इन सभी पूर्व छात्रों को एक मंच पर जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है।

तकनीकी प्रदर्शनी में दिखेंगी किसानोपयोगी नई तकनीकें

एग्री टेक मिलन 2026 के दौरान दो दिवसीय प्रौद्योगिकी प्रदर्शन मेला भी आयोजित किया जाएगा। इसमें कृषि अभियांत्रिकी महाविद्यालय द्वारा विकसित किसानों के लिए उपयोगी नवीन तकनीकों और उपकरणों का प्रदर्शन किया जाएगा। इन तकनीकों का उद्देश्य खेती को अधिक आधुनिक, कम लागत वाला और उत्पादक बनाना है।

97 तकनीकें विकसित, 32 डिज़ाइन पेटेंट

डॉ. अजय वर्मा ने बताया कि विश्वविद्यालय में वर्ष 1997 में कृषि अभियांत्रिकी संकाय की स्थापना की गई थी। इसके बाद वर्ष 2014 में स्वामी विवेकानंद कृषि अभियांत्रिकी एवं प्रौद्योगिकी महाविद्यालय की स्थापना हुई, जिसके माध्यम से स्नातक और स्नातकोत्तर पाठ्यक्रम संचालित किए जा रहे हैं। अब तक 700 से अधिक विद्यार्थी इन पाठ्यक्रमों से उपाधि प्राप्त कर चुके हैं। महाविद्यालय द्वारा अब तक 97 नई प्रौद्योगिकियां विकसित की गई हैं और 32 डिज़ाइन पेटेंट भी कराए जा चुके हैं।

पूर्व छात्र दे रहे विभिन्न क्षेत्रों में योगदान

महाविद्यालय के कई पूर्व छात्र संघ लोक सेवा आयोग और राज्य लोक सेवा आयोग के माध्यम से प्रशासनिक सेवाओं में महत्वपूर्ण पदों पर कार्यरत हैं। इसके अलावा अनेक विद्यार्थी उद्योग, स्टार्टअप, अनुसंधान संस्थानों और विश्वविद्यालयों में वैज्ञानिक, प्राध्यापक और वरिष्ठ अधिकारियों के रूप में कार्य कर रहे हैं। एग्री टेक मिलन 2026 को महाविद्यालय के इतिहास में एक महत्वपूर्ण और ऐतिहासिक आयोजन माना जा रहा है।

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