राज्य कृषि समाचार (State News)

मध्यप्रदेश में जैविक खेती को बढ़ावा, किसानों को मिलेंगे सोलर पंप

22 फ़रवरी 2025, भोपाल: मध्यप्रदेश में जैविक खेती को बढ़ावा, किसानों को मिलेंगे सोलर पंप –  मध्यप्रदेश सरकार कृषि आधारित उद्योगों और जैविक खेती को बढ़ावा देने की योजना पर काम कर रही है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने शुक्रवार को राज्य स्तरीय जैविक कृषि उत्पादन तथा मूल्य संवर्धन कार्यशाला का उद्घाटन करते हुए कहा कि पर्यावरण और मानव स्वास्थ्य पर रासायनिक खेती के दुष्प्रभावों को कम करने के लिए जैविक और प्राकृतिक कृषि तकनीकों को बढ़ावा देना जरूरी है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में इस साल लगभग 1 लाख एकड़ क्षेत्र में जैविक खेती का लक्ष्य रखा गया है, जिसे आने वाले वर्षों में बढ़ाकर 5 लाख हेक्टेयर तक ले जाने की योजना है। किसानों को जैविक उत्पादों का उचित मूल्य दिलाने के लिए जैविक हाट-बाजारों की स्थापना की जाएगी। इसके अलावा, प्राकृतिक कृषि उत्पादों के लिए आदर्श जिले और विकासखंड विकसित किए जाएंगे।

सोलर पंप और कृषि मेलों की योजना

मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि जैविक खेती करने वाले किसानों को सोलर पंप उपलब्ध कराए जाएंगे, जिससे उन्हें ऊर्जा संकट से राहत मिलेगी। उन्होंने जैविक और प्राकृतिक खेती पर आधारित विशेष मेलों के आयोजन के निर्देश भी दिए।

डॉ. यादव ने अपने विदेश दौरों का हवाला देते हुए कहा कि दुनिया भर में स्वास्थ्यवर्धक और प्रदूषण रहित कृषि उत्पादों की मांग बढ़ रही है, और मध्यप्रदेश इस क्षेत्र में बड़ी भूमिका निभा सकता है।

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कृषि आधारित उद्योगों पर जोर

मुख्यमंत्री ने कहा कि चूंकि राज्य कृषि प्रधान है, इसलिए खेती के साथ उद्योगों को जोड़ने की नीति अपनाई जा रही है। औद्योगिक विकास की कम दर वाले जिलों में कृषि आधारित उद्योगों को बढ़ावा दिया जाएगा। इसके अलावा, प्रदेश का दुग्ध उत्पादन वर्तमान में 9 प्रतिशत है, जिसे 20 प्रतिशत तक बढ़ाने का लक्ष्य रखा गया है।

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मुख्यमंत्री ने बताया कि किसानों को सब्जी उत्पादों के निर्यात पर केंद्र और राज्य सरकार द्वारा ट्रांसपोर्ट लागत में सहायता दी जा रही है। इस पहल को आगे बढ़ाने के लिए कृषक उत्पादक संगठनों और स्वयंसेवी संस्थाओं की मदद से अभियान चलाया जाएगा।

जैविक खेती के लिए नई नीति

कृषि मंत्री एदल सिंह कंषाना ने कहा कि कार्यशाला के निष्कर्षों के आधार पर राज्य में जैविक खेती को लेकर नई नीति बनाई जाएगी। उन्होंने बताया कि जैविक खेती को बढ़ावा देने के लिए 9 सेवा प्रदाताओं के साथ एमओयू किए गए हैं।

प्रदेश में वर्तमान में 11.48 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में जैविक खेती हो रही है, और यदि वन क्षेत्र को शामिल किया जाए तो यह आंकड़ा 20.55 लाख हेक्टेयर तक पहुंच जाता है, जो देश में सबसे अधिक है।

पराली जलाने पर सख्ती

सरकार ने पराली जलाने को रोकने के लिए कड़े कदम उठाने का दावा किया है। किसानों को खेत में ही फसल अवशेष प्रबंधन के लिए 42,500 से अधिक कृषि यंत्र वितरित किए गए हैं, जिससे पराली जलाने की घटनाओं में कमी आई है।

दो दिवसीय कार्यशाला में कृषि वैज्ञानिकों, जैविक खेती विशेषज्ञों, कृषक उत्पादक संगठनों और प्रगतिशील किसानों के बीच जैविक खेती को लेकर विस्तृत चर्चा होगी। इसका उद्देश्य राज्य की जैविक खेती नीति को और अधिक प्रभावी बनाना है।

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इस कार्यक्रम में अपर मुख्य सचिव उद्यानिकी अनुपम राजन, कृषि सचिव एम. सेल्वेन्द्रन और कृषि संचालक अजय गुप्ता सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।

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