Ad DesktopAd TabletAd Mobile
राज्य कृषि समाचार (State News)

खाद-बीज की आपूर्ति और वर्मी कम्पोस्ट के उपयोग को दें बढ़ावा

छत्तीसगढ़ में रासायनिक उर्वरकों की कमी को पूरा करने केन्द्र सरकार को लिखा जाएगा पत्र

19 जुलाई 2022, रायपुर: खाद-बीज की आपूर्ति और वर्मी कम्पोस्ट के उपयोग को दें बढ़ावा – मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने प्रदेश में केन्द्र से रासायनिक उर्वरकों की कम आपूर्ति को देखते हुए कृषि उत्पादन आयुक्त को केन्द्र से समन्वय कर मांग के अनुरूप रासायनिक उर्वरकों की आपूर्ति के लिए पत्र लिखने को कहा है। उन्होंने अधिकारियों को मौसम की स्थिति पर नजर रखने और जहां खाद, बीज की कमी है, वहां खाद-बीज की पर्याप्त मात्रा में उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने आज यहां मुख्यमंत्री निवास में आयोजित बैठक में प्रदेश में वर्षा की स्थिति, खाद-बीज की उपलब्धता, सिंचाई जलाशयों में जल भराव की स्थिति, खरीफ फसलों के क्षेत्राच्छादन, संक्रामक बीमारियों की रोकथाम के उपायों की समीक्षा की। बैठक में कृषि मंत्री श्री रविन्द्र चौबे भी उपस्थित थे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्मी कम्पोस्ट के उत्पादन के मामले में छत्तीसगढ़ अन्य राज्यों से काफी आगे हैं। रासायनिक उर्वरकों की कमी की पूर्ति काफी हद तक वर्मी कम्पोस्ट की जा सकती है। आने वाले समय में वर्मी कम्पोस्ट का उत्पादन बढ़ाना होगा। उन्होंने रासायनिक  उर्वरकों के ओव्हर रेट की शिकायतों के प्रकरणों में कड़ी कार्यवाही करने के निर्देश दिए

मुख्यमंत्री ने बैठक में कहा कि मनरेगा के तहत भू-जल संरक्षण और संवर्धन की संरचनाएं प्राथमिकता के साथ निर्मित की जाएं। इससे भू-जल स्तर में सुधार होगा, सिंचाई के लिए जल की उपलब्धता बढ़ेगी और ईको सिस्टम के लिए भी लाभदायक होगा।

बैठक में जानकारी दी गई कि खरीफ 2022 में केन्द्र से यूरिया, डीएपी, एनपीके, पोटाश और सुपर फास्फेट को मिलाकर कुल 13.70 लाख मीट्रिक टन रासायनिक उर्वरकों की मांग की गई थी, जिसके विरूद्ध छत्तीसगढ़ को मात्र 6.30 मीट्रिक टन रासायनिक उर्वरकों की आपूर्ति केन्द्र द्वारा की गई है। बैठक में जानकारी दी गई कि मार्कफेड, सहकारी समिति और निजी क्षेत्रों में कुल 11.03 लाख मीट्रिक टन रासायनिक उर्वरक का भंडारण किया गया, जो खरीफ 2022 के लिए निर्धारित लक्ष्य का 81 प्रतिशत है। भण्डारण की तुलना में किसानों को समितियों और निजी क्षेत्रांे को मिलाकर 67 प्रतिशत रासायनिक उर्वरकों का वितरण किया जा चुका है। अधिकारियों ने बताया कि इस वर्ष किसानों को पिछले वर्ष इसी अवधि में अधिक रासायनिक उर्वरकों का वितरण किया गया है। खरीफ वर्ष 2022 में 11 जुलाई तक वर्ष 7.35 लाख मीट्रिक टन रासायनिक उर्वरकों का वितरण किया गया था, जबकि गत वर्ष की अवधि में 6.74 लाख मीट्रिक टन रासायनिक उर्वरकों का वितरण किया गया था। कृषि उत्पादन आयुक्त डॉ. कमलप्रीत सिंह ने बैठक में बताया कि डीएपी उर्वरक की कमी को दूर करने के लिए किसानों को यूरिया, एनपीके, सुपर फास्फेट और पोटाश के साथ वर्मी कम्पोस्ट निर्धारित मात्रा में उपयोग करने की सलाह दी गई है।

Ad DesktopAd TabletAd Mobile
Ad DesktopAd TabletAd Mobile

बैठक में मुख्य सचिव श्री अमिताभ जैन, अपर मुख्य सचिव श्री सुब्रत साहू, जल संसाधन विभाग के सचिव श्री अन्बलगन पी., वित्त सचिव श्रीमती अलरमेलमंगई डी., राजस्व सचिव श्री एन.एन. एक्का, पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के सचिव श्री प्रसन्ना आर., मुख्यमंत्री के सचिव श्री सिद्धार्थ कोमल सिंह परदेशी, डॉ. एस. भारतीदासन और श्री अंकित आनंद, मुख्यमंत्री की उप सचिव सुश्री सौम्या चौरसिया सहित संबंधित अधिकारी उपस्थित थे।  

कृषक जगत को व्हाट्सएप पर फॉलो करें
खेती-किसानी की ताज़ा खबरें, सीधे आपके फ़ोन पर
चैनल फॉलो करें

महत्वपूर्ण खबर: सोयाबीन कृषकों के लिए उपयोगी सलाह (18-24 जुलाई )