राज्य कृषि समाचार (State News)

प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना: राजस्थान किसान गेहूँ, सरसों व अन्य रबी फसलों का बीमा 31 दिसंबर तक करें  

09 दिसंबर 2025, जयपुर: प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना: राजस्थान किसान गेहूँ, सरसों व अन्य रबी फसलों का बीमा 31 दिसंबर तक करें – राजस्थान के किसानों के लिए प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत रबी सीजन की फसलें जैसे गेहूं, सरसों, आलू, बैंगन, नींबू और आम को बीमा कवर किया गया है। किसानों को 31 दिसंबर 2025 तक अपनी फसलों का बीमा करवाने का अवसर दिया गया है। योजना के तहत किसानों को बीमित राशि का केवल 1.5 प्रतिशत प्रीमियम ही जमा करना होगा, जबकि शेष प्रीमियम राशि केंद्र और राज्य सरकारें 50-50 प्रतिशत के अनुपात में वहन करेंगी।

जिन किसानों ने किसान क्रेडिट कार्ड (केसीसी) ले रखा है, उनके लिए बीमा प्रक्रिया स्वतः ही बैंक द्वारा की जाएगी। इसके अलावा, गैर-केसीसी धारक किसान भी राष्ट्रीय फसल बीमा पोर्टल, बैंक शाखा या बीमा कम्पनी के अधिकृत प्रतिनिधि से संपर्क कर अपनी फसल का बीमा करवा सकते हैं। बीमित फसल में किसी प्रकार के प्राकृतिक आपदाओं, जैसे कि बेमौसमी वर्षा, ओलावृष्टि, सूखा, कीट एवं बीमारी से नुकसान होने की स्थिति में किसान को मुआवजा मिलेगा।

प्रीमियम और मुआवजे का विवरण

फसल बीमा की योजना के तहत गेहूं की फसल के लिए 96,172 रुपये और सरसों के लिए 1,21,864 रुपये प्रति हेक्टेयर की बीमित राशि तय की गई है। किसान को गेहूं के लिए 1443 रुपये और सरसों के लिए 1828 रुपये प्रति हेक्टेयर प्रीमियम राशि जमा करनी होगी। बाकी का प्रीमियम राज्य और केंद्र सरकार वहन करेगी।

बीमा में जुड़ी महत्वपूर्ण तिथियाँ

किसान जो बीमित फसल में कोई बदलाव करना चाहते हैं, वे 29 दिसंबर 2025 तक अपनी फसल की बुवाई में परिवर्तन की सूचना दे सकते हैं। जिन किसानों ने 24 दिसंबर से पहले अपनी फसल का बीमा नहीं करवाना है, वे संबंधित बैंक में घोषणा पत्र प्रस्तुत कर सकते हैं।

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आपदा की स्थिति में मुआवजा

फसल कटाई के बाद किसानों को अगर चक्रवात, ओलावृष्टि या अन्य प्राकृतिक आपदाओं से नुकसान होता है, तो उन्हें मुआवजा मिलेगा। साथ ही, अगर फसल की बुवाई से लेकर कटाई तक कोई प्राकृतिक आपदा आ जाती है, तो बीमित किसान को 25 प्रतिशत मुआवजा मिल सकता है।

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प्रोसेस और दस्तावेज़

जो किसान केसीसी धारक नहीं हैं, उन्हें फसल बीमा के लिए अपनी फसल का विवरण, खसरा नंबर, स्वप्रमाणित घोषणा पत्र और बैंक पासबुक की प्रति देना होगा। इस योजना का उद्देश्य किसानों को प्राकृतिक आपदाओं और मौसम की अनिश्चितताओं से होने वाली वित्तीय क्षति से सुरक्षा प्रदान करना है।

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