राज्य कृषि समाचार (State News)

पोषण सुरक्षा हेतु मोटा अनाज (श्री अन्न) का महत्व एवं उपयोगिता प्रशिक्षण का आयोजन

वरिष्ठ वैज्ञानिक एवं प्रमुख कृषि विज्ञान केन्द्र, धार

26 मई 2025, भोपाल: पोषण सुरक्षा हेतु मोटा अनाज (श्री अन्न) का महत्व एवं उपयोगिता प्रशिक्षण का आयोजन – कृषि विज्ञान केंद्र धार द्वारा पोषण सुरक्षा हेतु मोटा अनाज (श्री अन्न) का महत्व एवं उपयोगिता विषय पर दो दिवसीय अतः सेवाकालीन प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन केन्द्र के वरिष्ठ वैज्ञानिक एवं प्रमुख डॉ. एस.एस. चौहान के मार्गदर्शन में किया गया। प्रशिक्षण कार्यक्रम में केंद्र के वरिष्ठ वैज्ञानिक एवं प्रमुख ने बताया कि मोटे अनाज गेहूं और चावल की तुलना में सस्ते होने के साथ-साथ उच्च प्रोटीन, फाइबर, विटामिन तथा आयरन आदि की उपस्थिति के चलते पोषण हेतु बेहतर आहार होते हैं।

मोटे अनाजों में कैल्शियम और मैग्नीशियम की प्रचुरता होती है। तद्ोपरांत केंद्र की प्रसार वैज्ञानिक डॉ. अंकिता पाण्डेय द्वारा ग्रामीण स्तर पर कुपोषण को कम करने तथा पोषक तत्वों की पूर्ति करने के लिए मिलेट्स तथा स्थानीय उत्पादों के पौष्टिक गुणों के साथ-साथ उनकी प्रसंस्करण तकनीकियों को विस्तार से समझाया गया। साथ ही केंद्र के शस्य वैज्ञानिक डॉ. जी.एस. गाठिये सर ने बताया कि यूनाइटेड नेशन जनरल असेंबली ने 2023 को इंटरनेशनल ईयर ऑफ मिलेट्स के रूप में मनाने के लिए भारत के प्रस्ताव को स्वीकृति दी है। उन्होंने बताया कि मोटे अनाज के सेवन से कई प्रकार की स्वास्थ्य समास्याओं से निपटा जा सकता है जैसे मधुमेह और मोटापे की समस्या, क्योंकि यह ग्लूटेन युक्त होते हैं और इनमें ग्लाइसेमिक इंडेक्स कम होता है। मोटे अनाज एंटी ऑक्सीडेंट का संपन्न स्त्रोत है। इसमें आयरन की उच्च मात्रा महिलाओं की प्रजनन आयु और शिशुओं में एनीमिया के उच्च प्रसार को रोकने में सक्षम है। केंद्र के उद्यानिकी वैज्ञानिक डॉ. डी.एस. मंडलोई ने बताया कि आर्थिक समस्या की दृष्टि से मोटे अनाज बहुत ही उपयुक्त होते हैं। चूंकि, मोटे उत्पादन हेतु निवेश की कम आवश्यकता होती है। अतः ये किसानों के लिए आय के स्थायी स्त्रोत साबित हो सकते हैं।

कार्यक्रम में जिले के 32 आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं की सक्रिय भागीदारी रही। महिलाओं को पौष्टिक एवं स्वादिष्ट प्रसंस्करित उत्पादों के निर्माण में साफ सुथरे उपयोगी उपकरण, शुद्ध पानी का उपयोग, ठंडे, सूखे एवं हवादार स्थान पर उत्पादों का संग्रहण जैसे आदि विशेष ध्यान रखने योग्य बातों के बारे में बताया गया। प्रशिक्षण दौरान कृषि विज्ञान केन्द्र, धार से श्री रीतेश जैन, श्री गौरव सारस्वत एवं श्री जितेन्द्र नायक ने उपस्थित होकर सहयोग प्रदान किया

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