राज्य कृषि समाचार (State News)

बिहार में निजी नर्सरी खोलना हुआ आसान, कृषि वानिकी योजना के तहत मिलेगा 50% अनुदान; ऐसे करें आवेदन  

02 फरवरी 2026, भोपाल: बिहार में निजी नर्सरी खोलना हुआ आसान, कृषि वानिकी योजना के तहत मिलेगा 50% अनुदान; ऐसे करें आवेदन – बिहार सरकार किसानों और ग्रामीण युवाओं को अतिरिक्त आय से जोड़ने के लिए कृषि वानिकी (Agro Forestry) को बढ़ावा दे रही है। इसके तहत राज्य में निजी पौधशालाएं (नर्सरी) स्थापित करने पर सरकार कुल लागत का 50 प्रतिशत तक अनुदान दे रही है। इस योजना का उद्देश्य गुणवत्तापूर्ण पौधों की उपलब्धता बढ़ाना और किसानों की आय में वृद्धि करना है।

किन फसलों और पौधों की नर्सरी पर मिलेगा लाभ

कृषि वानिकी योजना के अंतर्गत लकड़ी, फलदार और बहुउपयोगी पौधों की नर्सरी को प्राथमिकता दी जा रही है। इसमें मुख्य रूप से गम्हार, सागवान, नीम, सेमल, शीशम सहित अन्य उपयोगी प्रजातियां शामिल हैं। इन पौधों की मांग खेती के साथ-साथ उद्योग और पर्यावरण संरक्षण में भी लगातार बढ़ रही है।

कितना मिलेगा अनुदान

निजी नर्सरी स्थापना की स्वीकृत लागत पर अधिकतम 50 प्रतिशत अनुदान दिया जाएगा। शेष राशि लाभार्थी को स्वयं वहन करनी होगी। अनुदान की राशि सीधे लाभार्थी के बैंक खाते में भेजी जाएगी, जिससे प्रक्रिया पारदर्शी बनी रहे।

कौन कर सकता है आवेदन

इस योजना का लाभ राज्य के पंजीकृत किसान, किसान समूह, स्वयं सहायता समूह , ग्रामीण युवा और उद्यमी ले सकते हैं। आवेदक के पास नर्सरी स्थापना के लिए उपयुक्त भूमि और आवश्यक संसाधन होना जरूरी है।

आवेदन की प्रक्रिया

इच्छुक लाभार्थी कृषि विभाग के पोर्टल या नजदीकी कृषि कार्यालय के माध्यम से आवेदन कर सकते हैं। आवेदन के दौरान भूमि से जुड़े दस्तावेज, पहचान पत्र और बैंक खाते की जानकारी देना अनिवार्य होगा। आवेदन की जांच के बाद पात्र लाभार्थियों को योजना का लाभ दिया जाएगा।

किसानों के लिए क्यों फायदेमंद है यह योजना

नर्सरी व्यवसाय से किसानों को खेती के साथ अतिरिक्त आमदनी, स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर और कम लागत में लंबे समय तक मुनाफा- जैसे फायदे मिल सकते हैं। साथ ही, इससे राज्य में हरित आवरण बढ़ेगा और पर्यावरण संरक्षण को भी मजबूती मिलेगी।

सरकार का उद्देश्य

सरकार का लक्ष्य है कि अधिक से अधिक किसान परंपरागत खेती के साथ वैकल्पिक आय स्रोत अपनाएं और आत्मनिर्भर बनें। कृषि वानिकी योजना इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।

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