Ad DesktopAd TabletAd Mobile
राज्य कृषि समाचार (State News)

प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना में खरीफ 2024 के लिए राजस्थान में अधिसूचना जारी, अंतिम तिथि 31 जुलाई

11 जुलाई 2024, श्रीगंगानगर: प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना में खरीफ 2024 के लिए राजस्थान में अधिसूचना जारी, अंतिम तिथि 31 जुलाई – प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत खरीफ 2024 के लिए राजस्थान में अधिसूचना जारी कर दी गई है। इस योजना के तहत ऋणी और गैर ऋणी किसानों को फसल बीमा करवाने की अंतिम तिथि 31 जुलाई निर्धारित की गई है। जिला श्रीगंगानगर में इस योजना को लागू करने के लिए क्षेमा जनरल इंश्योरेंस लिमिटेड को अधिकृत किया गया है।

अधिसूचित फसलें और बीमा राशि

जिले में कपास, ग्वार, धान, मूंग, मूंगफली, बाजरा, मोठ और तिल जैसी फसलों को बीमा के लिए अधिसूचित किया गया है। प्रति हेक्टेयर बीमा राशि कपास के लिए 40925 रुपये, मूंग के लिए 42996 रुपये, मूंगफली के लिए 120700 रुपये, ग्वार के लिए 36978 रुपये, मोठ के लिए 20643 रुपये, धान के लिए 75676 रुपये, बाजरा के लिए 35374 रुपये और तिल के लिए 28899 रुपये निर्धारित की गई है।

बीमा योजना के तहत खड़ी फसल (बुवाई से कटाई) में सूखा, बाढ़, जल प्लावन, कीट एवं व्याधि, प्राकृतिक आग, बिजली गिरना, तूफान, ओलावृष्टि, चक्रवात से होने वाले नुकसान के लिए बीमा कवरेज उपलब्ध होगा। कटाई उपरांत सूखने के लिए खेत में फैलाई गई फसल को चक्रवात, असामयिक वर्षा और ओलावृष्टि से होने वाले नुकसान के लिए अधिकतम दो सप्ताह की अवधि के लिए बीमा कवरेज दिया जाएगा।

Ad DesktopAd TabletAd Mobile
Ad DesktopAd TabletAd Mobile

प्रभावित किसान को 72 घंटे के अंदर कृषि रक्षक पोर्टल, हेल्पलाइन 14447, क्रॉप इंश्योरेंस ऐप, किसान सुविधा ऐप या ई-मित्र के माध्यम से शिकायत दर्ज करनी होगी।

कृषक जगत को व्हाट्सएप पर फॉलो करें
खेती-किसानी की ताज़ा खबरें, सीधे आपके फ़ोन पर
चैनल फॉलो करें

कृषि विभाग के संयुक्त निदेशक डॉ. सतीश शर्मा ने बताया कि फसली ऋण लेने वाले किसानों को 31 जुलाई से 7 दिन पूर्व (24 जुलाई तक) अपने संबंधित बैंक में इस योजना से बाहर रहने का घोषणा पत्र प्रस्तुत करना होगा। अन्यथा, उन्हें योजना में शामिल माना जाएगा। गैर ऋणी किसान और बंटाईदार किसान भी स्वैच्छिक आधार पर फसल बीमा करवा सकते हैं।

फसल बीमा के लिए आवश्यक दस्तावेज

गैर ऋणी किसान और बंटाईदार किसान भू स्वामित्व के साक्ष्य, बैंक खाता संबंधी साक्ष्य, आधार कार्ड की प्रति, स्वप्रमाणित फसल बुवाई घोषणा-पत्र, बंटाईदार किसान का शपथ पत्र और अन्य आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत करके बीमा करवा सकते हैं। बीमा कंपनियों के प्रतिनिधियों से एआईडीई ऐप के माध्यम से भी फसल बीमा करवाया जा सकता है।

बैंक शाखा प्रबंधकों से आग्रह है कि वे किसानों की बीमा पॉलिसी अपने बैंक के नवीनतम आईएफएससी कोड के साथ सृजित करें। यदि किसी किसान ने किसी अन्य बैंक से केसीसी ऋण स्वीकृत करवाने की कार्यवाही की है, तो उस किसान के पूर्व संचालित केसीसी से संबंधित बचत खातों को बंद नहीं किया जाए।

प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना किसानों को प्राकृतिक आपदाओं से सुरक्षित रखने का एक महत्वपूर्ण कदम है, और सरकार इसके सफल क्रियान्वयन के लिए प्रतिबद्ध है।

(नवीनतम कृषि समाचार और अपडेट के लिए आप अपने मनपसंद प्लेटफॉर्म पे कृषक जगत से जुड़े – गूगल न्यूज़,  टेलीग्राम, व्हाट्सएप्प)

(कृषक जगत अखबार की सदस्यता लेने के लिए यहां क्लिक करें – घर बैठे विस्तृत कृषि पद्धतियों और नई तकनीक के बारे में पढ़ें)

कृषक जगत ई-पेपर पढ़ने के लिए नीचे दिए गए लिंक पर क्लिक करें:

www.krishakjagat.org/kj_epaper/

कृषक जगत की अंग्रेजी वेबसाइट पर जाने के लिए नीचे दिए गए लिंक पर क्लिक करें:

www.global-agriculture.com