राज्य कृषि समाचार (State News)

MP Weather: मध्य प्रदेश में मौसम की लुकाछिपी, तेज गर्मी के बीच ग्वालियर समेत इन जिलों में बारिश-तेज हवाओं का अलर्ट

29 मार्च 2026, भोपाल: MP Weather: मध्य प्रदेश में मौसम की लुकाछिपी, तेज गर्मी के बीच ग्वालियर समेत इन जिलों में बारिश-तेज हवाओं का अलर्ट – IMD भोपाल के मुताबिक, पिछले 24 घंटों में मध्य प्रदेश के सभी संभागों के जिलों में मौसम सामान्य रूप से शुष्क रहा। राज्य में अधिकतम तापमानों में किसी भी जिले में विशेष बदलाव नहीं देखा गया। हालांकि, नर्मदापुरम, रतलाम, विदिशा और भोपाल जैसे जिलों में अधिकतम तापमान 38-41.6°C तक पहुंचा, जबकि पचमढ़ी (नर्मदापुरम) में न्यूनतम तापमान 14.2°C रिकॉर्ड किया गया। राज्य में सबसे उच्चतम तापमान 41.6°C नमदापुरम में दर्ज किया गया, जबकि सबसे कम न्यूनतम तापमान 14.2°C पचमढ़ी (नर्मदापुरम) में रिकॉर्ड किया गया।

इस अवधि के दौरान, भोपाल, नर्मदापुरम, उज्जैन, ग्वालियर, चंबल और जबलपुर संभागों के जिलों में तापमान सामान्य से 1.7°C – 2.7°C अधिक रहा। वहीं, भोपाल और ग्वालियर संभागों के जिलों में न्यूनतम तापमान 2.3°C – 3.0°C तक बढ़ा।

सबसे गर्म और सबसे ठंडे जिले

5 सबसे अधिकतम तापमान वाले जिले:
– नर्मदापुरम – 41.6°C
-रतलाम – 39.6°C
-विदिशा – 39.1°C
-भोपाल / बैरसिया (सीहोर) / गुना / राजगढ़ – 38.6°C
-शिवपुरी – 38.0°C

5 सबसे न्यूनतम तापमान वाले जिले:

-पचमढ़ी – 14.2°C
-करौंदा (कटनी) – 16.1°C
-मंदसौर – 16.5°C
-शहडोल – 16.7°C
-अमरकंटक (अनूपपुर) – 17.8°C

मौसमी परिस्थितियों

मध्य प्रदेश में पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय है। पश्चिमी विक्षोभ, ऊपरी वायुमंडलीय स्तर पर लगभग 5.8 किलोमीटर की ऊंचाई पर 32° उत्तर अक्षांश और 76° पूर्व देशांतर पर स्थित है। इसके अलावा, राज्य के ऊपर एक टफ पश्चिम-उत्तर राज्य से दक्षिण-पश्चिम मध्य प्रदेश तक 1.5 किलोमीटर ऊंचाई पर विस्तृत है। उपरोक्त प्रणाली के चलते कुछ जिलों में हवाओं की गति 30-40 किमी/घंटा तक पहुँच सकती है।

इन जिलों में येलो अलर्ट जारी

मौसम विभाग ने ग्वालियर, दतिया, भिंड, मुरैना, सिंगरौली, सीधी, रीवा, मऊगंज, सतना, अनूपपुर, शहडोल, उमरिया, डिंडोरी, कटनी, जबलपुर, पन्ना, छतरपुर, टीकमगढ़, नीमच, मैहर जिलों में झंझावात और तेज हवाओं के लिए चेतावनी जारी की है।

किसानों के लिए विशेष सलाह

-इस अवधि में सिंचाई, उर्वरक और कीटनाशक का छिड़काव न करें।
-बेलदार और सहायक फसलों को सहारा दें।
-कटाई की गई उपज को तिरपाल से ढक कर सुरक्षित स्थान पर रखें।
-खेत में जलभराव से बचने के लिए उचित जल निकासी सुनिश्चित करें।
-नर्सरी और संवेदनशील फसलों को पॉलीथीन या जाल से ढकें।
-आंधी-तूफान के दौरान पशुओं को सुरक्षित स्थान पर रखें।
-बिजली गिरने की स्थिति में पशुओं को खुले मैदान में चराने से रोकें।
-घटना के बाद फसलों का निरीक्षण कर जरूरी सुधारात्मक उपाय अपनाएं।

आपने उपरोक्त समाचार कृषक जगत वेबसाइट पर पढ़ा: हमसे जुड़ें
> नवीनतम कृषि समाचार और अपडेट के लिए आप अपने मनपसंद प्लेटफॉर्म पे कृषक जगत से जुड़े – गूगल न्यूज़व्हाट्सएप्प
> कृषक जगत अखबार की सदस्यता लेने के लिए यहां क्लिक करें – घर बैठे विस्तृत कृषि पद्धतियों और नई तकनीक के बारे में पढ़ें
> कृषक जगत ई-पेपर पढ़ने के लिए नीचे दिए गए लिंक पर क्लिक करें: E-Paper
> कृषक जगत की अंग्रेजी वेबसाइट पर जाने के लिए नीचे दिए गए लिंक पर क्लिक करें: Global Agriculture

Advertisements