MP Budget 2026: कृषि के लिए 38,850 करोड़, 1 लाख सोलर पंप और किसानों को 12,000 रुपये वार्षिक सहायता
19 फरवरी 2026, नई दिल्ली: MP Budget 2026: कृषि के लिए 38,850 करोड़, 1 लाख सोलर पंप और किसानों को 12,000 रुपये वार्षिक सहायता – मध्यप्रदेश सरकार ने विधानसभा में वित्तीय वर्ष 2026-27 का बजट पेश कर दिया है। उप मुख्यमंत्री और वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा द्वारा पेश किया गया यह बजट 4 लाख 38 हजार 317 करोड़ रुपए का है। सरकार ने इस बजट को ‘GYANII’ (गरीब, युवा, अन्नदाता, नारी, आधारभूत ढांचा और औद्योगिक निवेश) के मार्गदर्शी सिद्धांतों पर केंद्रित रखा है। बजट का सबसे बड़ा आकर्षण कृषि क्षेत्र रहा। वित्त मंत्री ने घोषणा की कि राज्य सरकार वर्ष 2026 को “किसान कल्याण वर्ष” के रूप में मनाएगी।
कृषि क्षेत्र को 38,850 करोड़ रुपये
वहीं कृषि एवं संबंधित क्षेत्रों के बजट को 37,400 करोड़ रुपए से बढ़ाकर 38,850 करोड़ रुपए कर दिया है। इसमें:
किसान कल्याण तथा कृषि विकास विभाग के लिए 31,759 करोड़ रुपए,
खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग के लिए 1,863 करोड़ रुपए,
पशुपालन एवं डेयरी विभाग के लिए 2,365 करोड़ रुपए,
सहकारिता विभाग के लिए 1679 करोड़ रुपए,
उद्यानिकी तथा खाद्य प्रसंस्करण के लिए 772 करोड़ रुपए,
मछुआ कल्याण तथा मत्स्य विकास विभाग के लिए 413 करोड़ रुपए का प्रावधान किया है।
किसानों को दिए जाएंगे 1 लाख सोलर पम्प
बजट में किसानों को स्थायी सिंचाई पम्प कनेक्शन की योजना अंतर्गत 1 लाख 25 हज़ार ट्रांसफार्मर स्थापित किए गए है। सिंचाई के लिए ऊर्जा की निर्बाध आपूर्ति और सुदृढ़ करने के लिए “प्रधानमंत्री कृषक सूर्य मित्र योजना” अंतर्गत वित्तीय वर्ष 2026-27 में 3 हज़ार करोड़ रुपये की लागत के 1 लाख सोलर सिंचाई पम्प किसानों को उपलब्ध कराने का लक्ष्य रखा गया है। वहीं कृषि उपभोक्ताओं को बिजली बिल में दी जा रही राहत के लिए 20 हज़ार 485 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है।
12 हजार रुपए की आर्थिक सहायता
प्रधानमंत्री किसान समाधान निधि अंतर्गत किसान परिवारों को 6 हजार रुपए प्रति वर्ष की आर्थिक सहायता प्राप्त हो रही है। हमारी सरकार द्वारा भी मुख्यमंत्री किसान कल्याण योजना के अंतर्गत 6 हजार रुपए प्रतिवर्ष जोड़कर कुल 12 हज़ार रुपए का लाभ किसानों को दिया जा रहा है। इसके लिए सरकार ने इस वर्ष अपने बजट में “मुख्यमंत्री किसान कल्याण योजना” के लिए 5 हज़ार 500 करोड़ करोड़ रुपए का प्रावधान किया है।
उर्वरकों की होम डिलीवरी
किसानों की सुविधा के लिए उन्नत सूचना प्रौद्योगिकी के उपयोग को बढ़ावा देने के उद्देश्य से एग्री-जीआईएस, एमपी किसान मोबाइल ऐप तथा एग्रीस्टैक का उपयोग किया जा रहा है। भारत सरकार के फसल बीमा पोर्टल का भू-अभिलेख पोर्टल इंटीग्रेशन किया गया है। किसानों को उर्वरकों की होम डिलीवरी का पायलट प्रोजेक्ट ई-विकास पोर्टल के माध्यम से सफलतापूर्वक तीन जिलों में सम्पन्न हो चुका है। “प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना” के लिए 1 हज़ार 299 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है।
शून्य प्रतिशत ब्याज पर कृषि ऋण
प्रदेश में 4 हज़ार 536 प्राथमिक कृषि सहकारी समितियों के माध्यम से किसानों को शून्य ब्याज पर फसल ऋण उपलब्ध कराया जा रहा है। वर्ष 2026-27 हेतु 25 हज़ार करोड़ का कृषि ऋण इन समितियों के माध्यम से वितरित किए जाने का लक्ष्य है।
प्रदेश में वर्तमान में लगभग 70 लाख “किसान क्रेडिट कार्ड” धारक हैं, जिनमें से लगभग 41 लाख किसानों को इन समितियों के माध्यम से 19 हज़ार 764 करोड़ का अल्पकालीन ऋण शून्य ब्याज दर पर उपलब्ध कराया गया है। “सहकारी बैंकों के माध्यम से किसानों को अल्पकालीन ऋण पर ब्याज अनुदान योजना हेतु 720 करोड़ रुपए का प्रावधान प्रस्तावित है।
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