राज्य कृषि समाचार (State News)

मणीबेन शाह स्मृति सम्मान जल योद्धा उमाशंकर पाण्डेय को

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13 जनवरी 2023, विदिशा: मणीबेन शाह स्मृति सम्मान जल योद्धा उमाशंकर पाण्डेय को – भारत सरकार द्धारा जल यौद्धा के रुप में सम्मानित उमाशंकर पाण्डेय ने कहां कि समृद्धि वहीं आती है, जहां पानी होता है। धन की देवी लक्ष्मी पानी में लेटे विष्णु के पैर दबाती है। हिन्दू ग्रंथों,कुरान, बाइबिल एंव जैन शास्त्रों में पानी महत्वत्ता है एंव पानी के संयमित उपयोग का मार्गदर्शन है। हमारे पुरखे हमें पानी बचाने की सीख देते थे। अपने कार्य का परिचय देते हुए, उन्होंने कहा कि 2005 के पहले उप्र के वांदा जिले का जखनी गांव अपराधियो के लिए कुख्यात था। सबसे ज्यादा अपराधी जखनी गांव के होते थे, क्योंकि गांव में खेती तो दूर पूरे बांदा जिले में पानी चित्रकूट से मालगाड़ी में भराके आता था। गांव का किसान सूखा राहत राशि से पेट भरता था। लेकिन खेत पर तीन फिट चौड़ी एंव तीन फीट ऊंची मेढ के सहारे जखनी गांव सहित सम्पूर्ण बांदा जिला बासमती धान का निर्यातक बन गया है। गत बर्ष बांदा जिले के किसानों ने 182 करोड़ रुपए की धान फसल का सरकार को विक्रय किया है। प्रदेश के अनेक जिलो ने भी जखनी मांडल अपनाकर समृद्धि हासिल की है। उन्होंने क्षेत्र के किसानों से मेढ पर नींबू, करौंदा,अरहर के पेड़ लगाने की सलाह दी, जो कि पानी को जमीन के नीचे पहुंचाते है। उन्होंने विधार्थियों एंव जनता से आव्हान किया कि आप जहां रहे वहीं बर्षा जल का संचय करें। विदिशा  जिला कलेक्टर ने जल यौद्धा उमाशंकर पांडेय को मणीबेन शाह स्मृति पर्यावरण सम्मान 2023 से सम्मानित किया।

उप्र का बुंदेलखंड क्षेत्र वह इलाका जहां इंसानी जिंदगी बूंद-बूंद पानी के लिए तरसती थी। दूर-दूर तक कोई भविष्य नजर नहीं आता था। लेकिन सूखे से दरकती जंमी को गीला बनाने की कल्पना गांव का एक किसान करता है। बर्ष 2005 में पूर्व राष्ट्रपति ए.पी.जी. अब्दुल कलाम को सुन उप्र के बांदा जिले के जखनी गांव से उमाशंकर पाण्डेय द्बढ संकल्प के साथ क्षेत्र को पानीदार बनाने घर से निकल पड़ते हैं। “खेत पर मेढ, मेढ पर पेड़” की कल्पना में गेती-फाबडा लेकर यह व्यक्ति अकेला जुट जाता है। पहली साल बंजर खेतों में बासमती धान की खुशबू महकने लगती है। यही से इस यौद्धा का कांरवा बढ़ने लगता है। बांदा जिला कलेक्टर शपूरे जिले की 470 ग्राम पंचायतो में श्री उमाशंकर पाण्डेय की प्रेरणा एंव सहयोग से खेत पर मेढ, मेढ पर पेड़ के अभियान को आगे बडाते है। देश के प्रधानमंत्री माननीय नरेन्द्र मोदी मन की बात में श्री पाण्डेय के कार्यों की प्रशंसा करते हैं। 

केन्द्रीय जल शक्ति मंत्रालय देश के प्रत्येक जिले को कम से कम दो गांवों में जखनी मांडल से जल गांव बनाने की योजना क्रियान्वित करता है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जखनी मांडल पर आधारित छः हजार करोड़ की अटल भूजल योजना का शुभारंभ करते हैं। आज देश ही नहीं विदेशों से जखनी मांडल जानने लोग जखनी गांव पहुंच रहे हैं।

उप्र का बांदा जिले का किसान अब संपन्नता के साथ रोजगार देने का काम कर रहा है।एक चाह,द्धढ संकल्प एंव काम करने के जज्बे ने पूरे देश में एक छोटे से गांव की तस्वीर को जखनी मांडल के रुप प्रतिष्ठित कर दिया है।

महत्वपूर्ण खबर: कपास मंडी रेट (12 जनवरी 2023 के अनुसार)

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