राज्य कृषि समाचार (State News)

मध्यप्रदेश: MSP पर सोयाबीन की खरीदी बढ़ेगी, किसानों को कैसे होगा लाभ?

31 जनवरी 2025, भोपाल: मध्यप्रदेश: MSP पर सोयाबीन की खरीदी बढ़ेगी, किसानों को कैसे होगा लाभ? – मध्यप्रदेश में जैविक और प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने के लिए योजनाबद्ध प्रयास किए जा रहे हैं। राज्य में जैविक खेती को रासायनिक उर्वरकों से मुक्त करने और अधिक टिकाऊ बनाने की दिशा में काम किया जा रहा है। इसके तहत क्लस्टर आधारित खेती को बढ़ावा दिया जा रहा है, जिससे प्रदेश को जैविक कृषि के क्षेत्र में अग्रणी बनाने का लक्ष्य रखा गया है।

प्रदेश में जैविक खेती का दायरा बढ़ाने के लिए विभिन्न जिलों में इसे प्राथमिकता दी जा रही है। मंडला, डिंडोरी, बालाघाट, छिंदवाड़ा, बैतूल, कटनी, उमरिया और अनूपपुर में जैविक खेती प्रमुखता से की जा रही है। इन जिलों में रासायनिक उर्वरकों के बिना खेती को बढ़ावा देने के लिए किसानों को जागरूक किया जा रहा है।

रेशम उत्पादन और मधुमक्खी पालन पर भी ध्यान

जैविक खेती के साथ-साथ प्रदेश में रेशम उत्पादन और मधुमक्खी पालन को भी बढ़ावा देने की पहल की गई है। किसानों को इन वैकल्पिक कृषि कार्यों से जोड़कर उनकी आय बढ़ाने पर जोर दिया जा रहा है।

राज्य में प्राकृतिक खेती बोर्ड का गठन किया गया है, जो इस क्षेत्र में नए प्रयोग और योजनाओं पर काम करेगा। सरकार ने सहकारिता विभाग को कृषि और उद्यानिकी विभाग के साथ जोड़कर इस दिशा में ठोस कदम उठाए हैं।

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अगले वर्षों में कृषि क्षेत्र में क्या होंगे बदलाव?

  • कृषि निर्यात को दोगुना करने का लक्ष्य
  • एमएसपी पर सोयाबीन की खरीदी बढ़ाने की योजना
  • उज्जैन में चना अनुसंधान संस्थान की स्थापना
  • डिंडोरी में श्रीअन्न अनुसंधान संस्थान की शुरुआत
  • ग्वालियर में सरसों अनुसंधान संस्थान की स्थापना
  • दाल उत्पादन बढ़ाने के लिए ‘मिशन दाल’ योजना
  • नेशनल मिशन ऑन एडिबल ऑयल का क्रियान्वयन

क्या किसान जैविक खेती को अपनाएंगे?

जैविक और प्राकृतिक खेती की ओर किसानों को आकर्षित करने के लिए जागरूकता अभियान और प्रोत्साहन योजनाएँ शुरू की जा रही हैं। लेकिन किसानों की मुख्य चिंता जैविक उत्पादों की उचित बाजार उपलब्धता और परंपरागत खेती की तुलना में इसकी लागत है। आने वाले वर्षों में इन योजनाओं का वास्तविक प्रभाव खेती और किसानों की आय पर कैसा रहेगा, यह देखना अहम होगा।

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