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राज्य कृषि समाचार (State News)

 जबलपुर में कृषि मंथन, CM यादव बोले- आधुनिक तकनीक और बाजार से जुड़कर किसान होंगे समृद्ध  

11 अप्रैल 2026, जबलपुर: जबलपुर में कृषि मंथन, CM यादव बोले- आधुनिक तकनीक और बाजार से जुड़कर किसान होंगे समृद्ध – मध्यप्रदेश के जबलपुर जिले में आयोजित कृषि मंथन कार्यशाला में मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने किसानों के समग्र विकास और कृषि को लाभकारी व्यवसाय बनाने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश हर क्षेत्र में तेजी से प्रगति कर रहा है और मध्यप्रदेश भी कृषि के क्षेत्र में नए आयाम स्थापित कर रहा है। “समृद्ध किसान-समृद्ध मध्यप्रदेश” की थीम के साथ पूरे वर्ष प्रदेश में कृषि उत्सव मनाया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि कृषि केवल आजीविका का साधन नहीं, बल्कि प्रकृति के साथ सह-अस्तित्व का माध्यम है। भारतीय परंपरा में खेती का विशेष महत्व रहा है और हमारे ऋषि-मुनियों ने सदियों पहले ही कृषि आधारित जीवन शैली का मार्ग प्रशस्त किया था। उन्होंने बताया कि प्रदेश सरकार किसानों को केवल बुनियादी सुविधाएं ही नहीं, बल्कि आधुनिक तकनीक, वैज्ञानिक खेती और बेहतर बाजार से जोड़कर उन्हें आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में काम कर रही है।

विकास कार्यों की सौगात

कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने लगभग 23 करोड़ 21 लाख रुपये की लागत से विभिन्न विकास कार्यों का लोकार्पण किया। इसमें जवाहरलाल नेहरू कृषि विश्वविद्यालय का नया प्रशासनिक भवन, बोहानी गन्ना अनुसंधान केंद्र का भवन, बालाघाट के वारासिवनी स्थित कृषि महाविद्यालय का कौशल विकास केंद्र और जबलपुर में स्वचालित तरल जैव उर्वरक उत्पादन केंद्र शामिल हैं। इसके साथ ही रीवा और शहडोल में ज्ञान प्रसार केंद्रों सहित अन्य इकाइयों का भी उद्घाटन किया गया।

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कृषि स्टार्टअप्स और हितलाभ वितरण

मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर कृषि क्षेत्र में नवाचार को बढ़ावा देते हुए 10 स्टार्टअप्स को 10 करोड़ रुपये से अधिक के स्वीकृति आदेश वितरित किए। साथ ही विभिन्न योजनाओं के हितग्राहियों को लाभ वितरित किया गया और “कृषि सखी” प्रशिक्षण कार्यक्रम की शुरुआत भी की गई। इस पहल का उद्देश्य महिलाओं की भागीदारी बढ़ाना और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त करना है।

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खेती को लाभकारी बनाने पर फोकस

डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में दलहन उत्पादन में शीर्ष स्थान हासिल करना किसानों की मेहनत का परिणाम है। अब सरकार तिलहन, अनाज और अन्य फसलों के उत्पादन में भी तेजी लाने की दिशा में काम कर रही है। उन्नत बीजों के उपयोग से उत्पादन क्षमता बढ़ाने और किसानों को तीसरी फसल लेने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है।

प्राकृतिक खेती और दुग्ध उत्पादन पर जोर

मुख्यमंत्री ने बताया कि मध्यप्रदेश प्राकृतिक खेती के क्षेत्र में देश में अग्रणी बन चुका है। इसके साथ ही पशुपालन को बढ़ावा देकर किसानों की आय बढ़ाने की योजना पर काम किया जा रहा है। वर्तमान में प्रदेश का दूध उत्पादन लगभग 9 प्रतिशत है, जिसे बढ़ाकर 20 प्रतिशत तक ले जाने का लक्ष्य रखा गया है। स्कूलों में बच्चों को मुफ्त दूध वितरण जैसी योजनाएं भी इसी दिशा में उठाया गया कदम हैं।

गेहूं उपार्जन और समर्थन मूल्य

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में गेहूं उत्पादन में रिकॉर्ड वृद्धि हुई है और मध्यप्रदेश देश में अग्रणी बन गया है। किसानों को 2625 रुपये प्रति क्विंटल का समर्थन मूल्य दिया जा रहा है, जिसे बढ़ाकर 2700 रुपये तक पहुंचाने का लक्ष्य है। साथ ही सोयाबीन और सरसों जैसी फसलों पर भी भावांतर योजना का लाभ दिया जा रहा है।

नर्मदा और सिंचाई का महत्व

डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश नदियों का मायका है और नर्मदा नदी प्रदेश के किसानों के लिए जीवन रेखा है। यह नदी न केवल सिंचाई बल्कि उद्योग और पेयजल की जरूरतों को भी पूरा करती है। उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के नदी जोड़ो अभियान का उल्लेख करते हुए जल संसाधनों के बेहतर उपयोग पर जोर दिया।

वैज्ञानिकों के साथ संवाद

कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने कृषि वैज्ञानिकों के साथ संवाद कर आधुनिक तकनीकों के उपयोग, कम पानी में अधिक उत्पादन, प्राकृतिक खेती, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और पशुधन प्रबंधन जैसे विषयों पर चर्चा की। विशेषज्ञों ने किसानों की आय बढ़ाने के लिए नवाचार और अनुसंधान को बढ़ावा देने पर जोर दिया।

कार्यक्रम में कई जनप्रतिनिधि और अधिकारी उपस्थित रहे। राकेश सिंह, प्रहलाद सिंह पटेल सहित अन्य जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों और बड़ी संख्या में किसानों की मौजूदगी ने कार्यक्रम को विशेष बनाया।

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