कृषि लोकरंग से किसानों के जीवन में आएगा उत्सव और सम्मान का नया रंग : मुख्यमंत्री डॉ. यादव
12 अप्रैल 2026, भोपाल: कृषि लोकरंग से किसानों के जीवन में आएगा उत्सव और सम्मान का नया रंग : मुख्यमंत्री डॉ. यादव – मध्यप्रदेश के मु्ख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि कृषि केवल आजीविका का साधन नहीं, बल्कि हमारी जीवन संस्कृति का मूल आधार है। किसान न केवल अन्नदाता हैं, बल्कि हमारी परंपराओं, सामाजिक संरचना और सुरक्षित भविष्य के सशक्त स्तंभ भी हैं। वे अपने परिवार ही नहीं, पूरे समाज के लिए अन्न उत्पादन करते हैं और मनुष्य के साथ-साथ पशु-पक्षियों एवं जीव-जंतुओं का भी पोषण करते हैं। ऐसे अन्नदाता के जीवन में आनंद और उत्सव का संचार करना सरकार का कर्तव्य है।
मुख्यमंत्री शुक्रवार को समत्व भवन स्थित अपने निवास पर ‘कृषि लोकरंग-2026’ आयोजन की तैयारियों की समीक्षा बैठक को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि यह आयोजन किसानों के जीवन, उनकी परंपराओं और कृषि संस्कृति का जीवंत उत्सव बने। उन्होंने कहा कि जो किसान दिन-रात अथक परिश्रम कर समाज का पेट भरता है, उसके जीवन में खुशियों के रंग भरना हम सभी की जिम्मेदारी है।
किसान कल्याण वर्ष और लोकरंग का उद्देश्य
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि मध्यप्रदेश सरकार इस वर्ष को ‘किसान कल्याण वर्ष’ के रूप में मना रही है। इसका उद्देश्य किसानों की आय बढ़ाना, उनके जीवन स्तर में सुधार लाना और कृषि को अधिक लाभकारी बनाना है। साथ ही किसानों के जीवन में सामाजिक और सांस्कृतिक आनंद का समावेश भी इस पहल का महत्वपूर्ण हिस्सा है।
उन्होंने कहा कि ‘कृषि लोकरंग-2026’ इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रयास है, जिसके माध्यम से किसान केवल आर्थिक रूप से ही नहीं, बल्कि सामाजिक रूप से भी सम्मानित महसूस करेंगे। उन्होंने निर्देश दिए कि राज्य, संभाग और जिला स्तर पर सांस्कृतिक कार्यक्रम, प्रदर्शनी और कवि सम्मेलन जैसे आयोजन किए जाएं, जिनमें किसानों की अधिकतम भागीदारी सुनिश्चित हो।
नवाचार और प्रतियोगिताओं पर जोर
मुख्यमंत्री ने कहा कि लोकरंग आयोजन को आकर्षक और सहभागितापूर्ण बनाने के लिए कृषि क्विज प्रतियोगिता जैसे नवाचार किए जाएं। प्रतियोगिता के विजेताओं को उपयोगी कृषि संसाधन, जैसे ट्रैक्टर आदि, पुरस्कार स्वरूप दिए जा सकते हैं। प्रत्येक जिले के टॉप प्रतिभागियों को विशेष रूप से सम्मानित किया जाएगा।
उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि ग्रामीण क्षेत्रों तक इस आयोजन की जानकारी प्रभावी ढंग से पहुंचाई जाए और इसमें स्थानीय उत्पादों, हस्तशिल्प तथा कृषि आधारित उद्योगों को प्रदर्शित करने का अवसर दिया जाए, जिससे किसानों को बाजार से जुड़ने में मदद मिले।
जल संरक्षण और आधुनिक कृषि पर फोकस
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि ‘किसान कल्याण वर्ष’ को वर्तमान में चल रहे ‘जल गंगा संवर्धन अभियान’ से जोड़ा जाए। इस अभियान के तहत जल संरचनाओं का निर्माण और सूखे जल स्रोतों का पुनर्जीवन किया जा रहा है, जिससे किसानों को सीधा लाभ मिलेगा।
उन्होंने कहा कि ‘कृषि लोकरंग’ के दौरान किसानों को उन्नत कृषि तकनीक, जैविक और प्राकृतिक खेती, जल संरक्षण, फसल विविधिकरण जैसे विषयों पर जानकारी दी जाए। साथ ही पराली न जलाने के लिए भी उन्हें प्रेरित किया जाए। आयोजन में प्रगतिशील किसानों को सम्मानित करने की भी व्यवस्था की जाएगी।
स्थानीय मेलों और युवाओं की भागीदारी
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में आयोजित होने वाले स्थानीय धार्मिक और सांस्कृतिक मेलों के साथ ‘कृषि लोकरंग’ को जोड़ा जाए, ताकि अधिक से अधिक लोग इससे जुड़ सकें। इन आयोजनों के माध्यम से सरकार की किसान हितैषी योजनाओं को रोचक तरीके से प्रस्तुत किया जाए।
उन्होंने विशेष रूप से युवाओं की भागीदारी बढ़ाने पर जोर देते हुए कहा कि नई पीढ़ी को कृषि और किसानों के महत्व से अवगत कराना जरूरी है, जिससे वे इस क्षेत्र के प्रति आकर्षित हों और नवाचार को बढ़ावा मिले।
प्राकृतिक खेती करने वाले किसान होंगे सम्मानित
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्राकृतिक खेती आज की आवश्यकता है। ऐसे किसान जिन्होंने प्राकृतिक खेती अपनाकर सफलता हासिल की है और अपने उत्पादों से पहचान बनाई है, उन्हें गणतंत्र दिवस और स्वतंत्रता दिवस जैसे अवसरों पर सम्मानित किया जाएगा। इसके अलावा राज्य और संभाग स्तर पर भी उनके लिए विशेष सम्मान समारोह आयोजित किए जाएंगे।
बैठक में मुख्य सचिव अनुराग जैन, अपर मुख्य सचिव अनुपम राजन, प्रमुख सचिव डी.पी. आहूजा, सचिव निशांत बरवड़े सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
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