कृषक जगत के फेसबुक समर्थक एक लाख के पार
19 जनवरी 2026, भोपाल: कृषक जगत के फेसबुक समर्थक एक लाख के पार – लगातार 80 वर्षों से देश के किसानों को कृषि संबंधी समाचार, सामयिक सलाह, अद्यतन जानकारी और उनकी समस्याओं को प्रमुखता से उठाने वाला राष्ट्रीय कृषि समाचार पत्र कृषक जगत ने प्रिंट मीडिया के साथ-साथ सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर भी अपनी सशक्त उपस्थिति दर्ज कराई है। यह बताते हुए हर्ष हो रहा है कि कृषक जगत के आधिकारिक फेसबुक पेज पर समर्थकों की संख्या एक लाख के पार हो गई है, जो कृषक जगत के प्रति पाठकों, किसानों और दर्शकों के स्नेह व विश्वास का प्रतीक है।
उल्लेखनीय है कि 1946 में स्थापित कृषक जगत का मूल उद्देश्य किसानों का हित रहा है। यही कारण है कि पिछले आठ दशकों से कृषक जगत किसानों की आवाज बना हुआ है। अतीत से लेकर वर्तमान तक कृषक जगत ने किसानों को कृषि समाचार, सामयिक सलाह, मौसम संबंधी जानकारी तथा कृषि से जुड़ी अद्यतन सूचनाएं उपलब्ध कराई हैं। इसमें कृषि वैज्ञानिकों के लेख, शोध-आधारित सामग्री, त्वरित मार्गदर्शन और नवीनतम जानकारियां शामिल हैं, वहीं किसानों की समस्याओं के समाधान हेतु एक प्रभावी सेतु के रूप में भी कृषक जगत ने निरंतर भूमिका निभाई है।
समय के साथ तालमेल बिठाते हुए कृषक जगत ने न केवल कृषक जगत पोर्टल की शुरुआत की, बल्कि फेसबुक पर आधिकारिक पेज के माध्यम से सोशल मीडिया पर भी अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज की, ताकि कृषि से संबंधित सूचनाओं का त्वरित और व्यापक प्रेषण संभव हो सके। फेसबुक पेज पर समर्थकों की संख्या का एक लाख के पार पहुंचना इस बात का प्रमाण है कि किसानों और आमजन ने कृषक जगत की इस डिजिटल पहल को दिल से स्वीकार किया है।
फेसबुक लाइव के माध्यम से कृषक जगत किसान सत्र के अंतर्गत अब तक 100 से अधिक वेबिनार का सफल प्रसारण किया गया, जिन्हें लाखों लोगों ने देखा। इन सत्रों के दौरान कमेंट बॉक्स के जरिए किसानों के प्रश्नों का विषय-विशेषज्ञों द्वारा समाधान प्रस्तुत किया गया। किसान सत्र में आयोजित कृषि ज्ञान प्रतियोगिताओं में सैकड़ों दर्शकों ने भाग लेकर पुरस्कार भी जीते। साथ ही, इस मंच के माध्यम से कई प्रगतिशील किसानों ने सरकारी योजनाओं पर अपने अनुभव, प्रतिक्रियाएं और उपयोगी सुझाव साझा किए। इस प्रकार यह माध्यम केवल सूचना और ज्ञान का स्रोत ही नहीं रहा, बल्कि सरकारी तंत्र और किसानों के बीच इंटरएक्टिव संवाद का सशक्त मंच भी बना।
विदित है कि कृषक जगत का प्रकाशन संस्थापक द्वय श्री माणिकचंद्र बोंद्रिया और श्री सुरेश चंद्र गंगराड़े के दूरदर्शी नेतृत्व में 1946 में नागपुर से आरंभ हुआ था। मध्यप्रदेश की स्थापना के बाद 1957 में भोपाल से इसका प्रकाशन शुरू किया गया। कृषि को पूर्णतः समर्पित इस समाचार पत्र की बढ़ती लोकप्रियता के चलते 25 वर्ष पूर्व जयपुर से राजस्थान संस्करण और 23 वर्ष पूर्व रायपुर से छत्तीसगढ़ संस्करण का साप्ताहिक प्रकाशन आरंभ किया गया, जिन्हें सराहनीय प्रतिसाद मिला और आज भी दोनों संस्करण निरंतर प्रकाशित हो रहे हैं।
श्रेष्ठ कृषि पत्रकारिता के लिए कृषक जगत को आईसीएआर अवार्ड से सम्मानित किया गया है, जो इसे देश का एकमात्र सम्मानित कृषि समाचार पत्र बनाता है। विकास की इस कड़ी में, वैश्विक कृषि परिदृश्य और कॉर्पोरेट जगत की मांग को देखते हुए दो वर्ष पूर्व अंग्रेजी मासिक पत्रिका ‘ग्लोबल एग्रीकल्चर’ का प्रकाशन भी शुरू किया गया, जो अल्पकाल में ही देश-प्रदेश के साथ-साथ विदेशों में भी लोकप्रिय हो रही है।
इस उपलब्धि के अवसर पर कृषक जगत परिवार सभी दर्शकों, पाठकों, ग्राहकों, विज्ञापनदाताओं तथा दशकों से जुड़े सभी नाम–अनाम सहयोगियों के प्रति हृदय से आभार व्यक्त करता है। आपका अटूट विश्वास और स्नेह हमें भविष्य में भी नई पहलें, सुविधाएं और किसान-हितैषी पत्रकारिता को और सशक्त बनाने के लिए प्रेरित करता रहेगा। पुनः हार्दिक आभार एवं धन्यवाद!
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