कोदो-कुटकी, रागी की भी होगी समर्थन मूल्य पर खरीदी

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1 मार्च 2021, रायपुर । कोदो-कुटकी, रागी की भी होगी समर्थन मूल्य पर खरीदी –  मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल की अध्यक्षता में मंत्रिपरिषद की बैठक हुई । बैठक में महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए।

  • प्रदेश के अनुसूचित क्षेत्र में कोदो-कुटकी एवं रागी को समर्थन मूल्य पर खरीदी करने का निर्णय लिया गया।
  • छत्तीसगढ़ राज्य लघु वनोपज संघ द्वारा निर्मित आयुर्वेद दवाओं, हर्बल उत्पादों तथा लघु वनोपज के प्रसंस्करण से प्राप्त प्रसंस्कृत खाद्य पदार्थो के शासकीय विभागों द्वारा क्रय किए जाने का निर्णय लिया गया। राज्य लघु वनोपज संघ के पास उत्पाद उपलब्ध नहीं होने की स्थिति में शासकीय विभागों द्वारा संघ से अनापत्ति प्राप्त कर उन उत्पादों की खरीदी बाजार से की जा सकेगी। छ.ग. राज्य लघु वनोपज संघ द्वारा स्वयं अथवा पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप के माध्यम से निर्मित उपरोक्त उत्पादों के संबंध में छत्तीसगढ़ भण्डार क्रय नियम के प्रावधान के अनुसार निविदा आमंत्रण को शिथिल करने का निर्णय लिया गया। विक्रय मूल्य के निर्धारण के लिए अपर मुख्य सचिव प्रमुख सचिव वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग की अध्यक्षता में छह सदस्यीय समिति के गठन का भी निर्णय लिया गया। 
  • खरीफ विपणन वर्ष 2019-20 में समर्थन मूल्य पर उपार्जित अनिराकृत धान के निराकरण के संबंध में निर्णय लिया गया कि - सूखत उपरांत संग्रहण केन्द्र में शेष अनुमानित 2.27 लाख मे.टन धान के निराकरण के लिए उसना कस्टम मिलिंग के शेष 1.72 लाख मे.टन चावल जमा करने के लक्ष्य को निरस्त कर छत्तीसगढ़ राज्य नागरिक आपूर्ति निगम में पूर्व में निर्धारित लक्ष्य 28.55 लाख टन के विरूद्ध चावल जमा करने हेतु शेष मात्रा 92,000 टन के अतिरिक्त 60,000 टन चावल स्टेट पूल में छत्तीसगढ़ राज्य नागरिक आपूर्ति निगम में जमा करने की अनुमति दी गयी।
  •  राज्य में खरीफ विपणन वर्ष 2020-21 में समर्थन मूल्य पर 92 लाख मे.टन धान की खरीदी की गई है। भारत सरकार द्वारा भारतीय खाद्य निगम मेें 24 लाख में.टन. चावल लिए जाने की अनुमति दी गई है। राज्य पीडीएस हेतु 24 लाख मे.टन. चावल की आवश्यकता की पूर्ति के पश्चात् अनिराकृत धान 20.5 लाख में.टन सरप्लस (अतिशेष) है। जिसका निराकरण समिति स्तर से नीलामी के माध्यम से करने का निर्णय लिया गया। 
  •  छ.ग. राज्य में लघु वनोपज के परिवहन में टी.पी. नियम को शिथिल करने का निर्णय लिया गया। जिसके तहत राज्य सरकार द्वारा काष्ठ, खनिज, वन्य जीव उत्पाद तथा तेन्दूपत्ता को छोड़कर समस्त अविनिर्दिष्ट लघु वनोपजों को यह छूट दी गई है।
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