कड़कनाथ मुर्गी पालन से मिलेगा रोजगार

व्हाट्सएप या फेसबुक पर शेयर करने के लिए नीचे क्लिक करें

14 अगस्त 2020, रीवा। कड़कनाथ मुर्गी पालन से मिलेगा रोजगार कृषि विज्ञान केन्द्र रीवा द्वारा भारत सरकार की गरीब कल्याण रोजगार योजना में तीन दिवसीय प्रवासी श्रमिकों हेतु कौशल विकास प्रशिक्षण सिरमौर विकासखण्ड के ग्राम जिवार में सम्पन्न हुआ। कृषि महाविद्यालय रीवा के अधिष्ठाता डा. एस. के. पाण्डेय एव केन्द्र के वरिष्ठ वैज्ञानिक व प्रमुख डा. ए. के. पान्डेय के दिशा निर्देशन में उक्त कौशल विकास प्रशिक्षण कार्यक्रम कोविड-19 की समस्त गाइडलाइन्स एवं सामाजिक दूरी के नियमों के अनुरूप माह जुलाई 2020 से निरंतर जारी है।

उक्त प्रशिक्षण कार्यक्रम के समन्वयक डा. स्मिता सिंह ने प्रवासी श्रमिकों/कामगारों से आग्रह किया कि वे कड़कनाथ मुर्गी पालन के द्वारा कम लागत एवं घरेलू स्तर पर रोजगार का साधन विकसित करें। उन्होने बताया कि कड़कनाथ मुर्गी की बाजार मांग एवं कीमत बढ़ने के कारण हमारे प्रवासी श्रमिक कृषि विज्ञान केन्द्र एवं पशुपालन विभाग के तकनीकी मार्गदर्शन में इसे उत्तम व्यवसाय के रूप में विकसित कर सकते है। प्रशिक्षण कार्यक्रम के दौरान उपसंचालक पशु चिकित्सा सेवाएं डॉ. के. बी. सिंह ने मुर्गी पालन से सबंधित आहार वैक्सीनेशन रखरखाव आदि के बारे में विस्तृत तकनीकी जानकारी दी।

उक्त अवसर पर डॉ. बी. के. तिवारी सस्य वैज्ञानिक द्वारा प्रवासी श्रमिकों को जलवायू परिवर्तन के अनुरूप उन्नत कृषि तकनीकों व अलसी की खेती के बारे में विस्तृत जानकारी दी गई। विस्तार विशेषज्ञ डा. संजय सिंह द्वारा प्रशिक्षणार्थियों को जानकारी दी कि वे कृषक उत्पादक संगठन (एफ. पी. ओ.) से जुड़ कर अपने क्षेत्र में कड़कनाथ मुर्गी पालन एक हब बना सकते है। कार्यक्रम के दौरान कड़कनाथ मुर्गी के चूजों का वितरण भी किया गया। कार्यक्रम को प्रभावी व सफल बनाने में केन्द्र के वैज्ञानिक दल डा. अखिलेश कुमार, डा. राजेश सिंह, डा. ए. के. पटेल, डा. के. सी. सिंह, डा. सी. जे. सिंह, डा. के. एस. बघेल, श्री. एम. के. मिश्रा, श्रीमती मजंू शुक्ला, पूजा द्विवेदी, एवं बृजेश सेन ने प्रभावी भूमिका निभाई। कार्यक्रम में गौफार्मर प्रोड्यूसर कम्पनी सेमरिया के सी. ई. ओ. श्री बालेन्द्र गौतम, डायरेक्टर श्री राजकुमार मिश्रा, श्री आशीष मिश्रा ग्राम भटिगवां के सरंपच एवं उपस्थिति प्रवासी श्रमिक बंधुओं का महत्वपूर्ण योगदान रहा।

व्हाट्सएप या फेसबुक पर शेयर करने के लिए नीचे क्लिक करें
Advertisements

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

eight − five =

Open chat
1
आपको यह खबर अपने किसान मित्रों के साथ साझा करनी चाहिए। ऊपर दिए गए 'शेयर' बटन पर क्लिक करें।