राज्य कृषि समाचार (State News)

मध्यप्रदेश में सिंचाई क्षेत्र होगा दोगुना, 3 वर्षों में 100 लाख हेक्टेयर तक विस्तार का लक्ष्य- सीएम डॉ. मोहन यादव

23 अगस्त 2025, भोपाल: मध्यप्रदेश में सिंचाई क्षेत्र होगा दोगुना, 3 वर्षों में 100 लाख हेक्टेयर तक विस्तार का लक्ष्य- सीएम डॉ. मोहन यादव – मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि किसानों की समृद्धि और प्रदेश की आर्थिक स्थिति में सुधार के लिए सिंचाई का दायरा बढ़ाना बहुत जरूरी है। इसके लिए जल संसाधन विभाग और इससे जुड़ी सभी एजेंसियों को तेजी से काम करना होगा। फिलहाल प्रदेश में शासकीय साधनों से 52 लाख हेक्टेयर जमीन पर सिंचाई हो रही है। अब इसका लक्ष्य है कि आने वाले तीन वर्षों में यह क्षेत्र बढ़कर 100 लाख हेक्टेयर तक पहुंच जाए।

डॉ. यादव ने बताया कि खेती के साथ-साथ उद्योग, पेयजल और बिजली उत्पादन के लिए भी जल संसाधन विभाग का पानी इस्तेमाल हो रहा है। इसलिए जल का सही और संतुलित उपयोग करना प्राथमिकता है। गुरुवार को जल संसाधन विभाग की समीक्षा बैठक में उन्होंने विभिन्न परियोजनाओं की जानकारी ली, जिनसे सिंचाई का क्षेत्र बढ़ रहा है।

नदी जोड़ो परियोजनाओं से बदलेगी तस्वीर

मुख्यमंत्री ने केन-बेतवा लिंक, पार्वती-काली-सिंध-चंबल जैसी बड़ी नदी जोड़ो परियोजनाओं को बेहद फायदेमंद बताया। उन्होंने कहा कि इनसे प्रदेश के करीब आधे जिलों में पानी की स्थिति बेहतर होगी और किसानों को बहुत लाभ मिलेगा। राज्य के भीतर भी नदियों को जोड़ने की योजनाएं शुरू की जा रही हैं।

डॉ. यादव ने कहा कि भारत रत्न पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी का सपना था नदियों को जोड़ने का, जिसे अब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पूरा कर रहे हैं। केंद्र सरकार ने इन परियोजनाओं के लिए 90% तक फंड देने का प्रावधान किया है। राज्य सरकार इन योजनाओं के सर्वे कराकर केंद्र को प्रस्ताव भेजेगी।

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सिंहस्थ 2028 की तैयारी और शिप्रा शुद्धिकरण

बैठक में सिंहस्थ 2028 की तैयारियों की भी समीक्षा की गई। शिप्रा नदी की सफाई, घाटों का निर्माण और जल स्रोतों के विकास पर चर्चा हुई। जानकारी दी गई कि शिप्रा पर लगभग 30 किलोमीटर क्षेत्र में घाट बनाए जा रहे हैं, जो 2027 तक पूरे हो जाएंगे। इससे सिंहस्थ में एक ही दिन में करीब 5 करोड़ श्रद्धालु स्नान कर सकेंगे। बैराज निर्माण की योजनाओं की भी समीक्षा हुई, जिससे नदी में जल स्थिर रहेगा और शुद्धिकरण संभव होगा।

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सिंचाई में तेज़ी से हो रहा विस्तार

समीक्षा बैठक में बताया गया कि रबी 2023-24 में सिंचित क्षेत्र 44.56 लाख हेक्टेयर था, जो रबी 2025-26 में बढ़कर 52.06 लाख हेक्टेयर हो गया है। यानी डेढ़ साल में 7.5 लाख हेक्टेयर की वृद्धि हुई है। इसमें जल संसाधन विभाग ने 2.39 लाख और नर्मदा घाटी विकास विभाग ने 5.11 लाख हेक्टेयर का योगदान दिया है।

आने वाले पांच वर्षों में 200 करोड़ रुपये से अधिक की लागत वाली 38 सिंचाई परियोजनाएं पूरी होंगी, जिससे 17.33 लाख हेक्टेयर और भूमि सिंचित की जा सकेगी। इस साल ही 2 लाख हेक्टेयर नया सिंचाई क्षेत्र जुड़ जाएगा, जो राजगढ़, अशोकनगर, दमोह, सागर, रीवा और बैतूल जिलों की प्रमुख परियोजनाओं के माध्यम से संभव होगा।

उपस्थित अधिकारी

बैठक में जल संसाधन मंत्री तुलसीराम सिलावट, मुख्य सचिव अनुराग जैन, अपर मुख्य सचिव डॉ. राजेश राजौरा और अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे।

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