Ad DesktopAd TabletAd Mobile
राज्य कृषि समाचार (State News)

नर्मदापुरम् में उद्योगों के संतुलित विकास के लिए जुटेंगे निवेशक: 7 दिसंबर को रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव का आयोजन

14 नवंबर 2024, भोपाल: नर्मदापुरम् में उद्योगों के संतुलित विकास के लिए जुटेंगे निवेशक: 7 दिसंबर को रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव का आयोजन – मध्य प्रदेश के सभी क्षेत्रों में संतुलित औद्योगिक विकास को गति देने के लिए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अगुवाई में एक और महत्वपूर्ण कदम उठाया जा रहा है। इस बार नर्मदापुरम् में 7 दिसंबर को रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव (आरआईसी) का आयोजन किया जाएगा, जिसमें क्षेत्रीय औद्योगिक विकास के नए आयामों पर चर्चा होगी। इस कॉन्क्लेव का मुख्य उद्देश्य नर्मदापुरम्, हरदा और होशंगाबाद में औद्योगिक संभावनाओं को बढ़ावा देना और निवेश के अवसरों का विस्तार करना है।

नर्मदापुरम् और इसके आसपास के क्षेत्र में पहले से ही कृषि आधारित उद्योग, खाद्य प्र-संस्करण, सोयाबीन तेल, मसाला उत्पादन और दुग्ध प्र-संस्करण जैसे उद्योग स्थापित हैं, जो स्थानीय आर्थिक गतिविधियों की रीढ़ माने जाते हैं। यहाँ की खनिज संपदा का उपयोग कर निर्माण उद्योगों के विकास का भी प्रयास किया जा रहा है। छठवीं रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव का आयोजन नर्मदापुरम् के डिवीजनल आईटीआई में होगा, जिससे क्षेत्र में निवेशकों को आकर्षित करने और रोजगार के नए अवसर पैदा करने की कोशिश की जाएगी।

इस कॉन्क्लेव में कृषि, खाद्य प्रसंस्करण, MSME, खनिज और पर्यटन क्षेत्रों में निवेश की संभावनाओं पर विचार किया जाएगा। सरकार का प्रयास है कि इन उद्योगों के माध्यम से नर्मदापुरम् और उसके आसपास के क्षेत्रों की अर्थव्यवस्था को मजबूत किया जाए और स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के अवसर उत्पन्न किए जाएं। कॉन्क्लेव में विशेषज्ञों द्वारा इन उद्योगों की चुनौतियों और संभावनाओं पर चर्चा होगी, जिससे नर्मदापुरम् के विकास में तेजी लाई जा सके।

Ad DesktopAd TabletAd Mobile
Ad DesktopAd TabletAd Mobile

कॉन्क्लेव के एक विशेष सत्र में पचमढ़ी के पर्यटन और नर्मदा नदी के किनारे संभावित औद्योगिक विकास के मुद्दों पर भी चर्चा की जाएगी। पचमढ़ी, जो अपने प्राकृतिक सौंदर्य और जैव विविधता के लिए प्रसिद्ध है, अब निवेशकों के लिए आकर्षण का केंद्र बनता जा रहा है। इसके अलावा, नर्मदा नदी तट पर औद्योगिक और पर्यटन क्षेत्र के विकास की भी व्यापक संभावनाएं हैं, जो स्थानीय समुदाय के आर्थिक विकास में सहायक सिद्ध होंगी।

कृषक जगत को व्हाट्सएप पर फॉलो करें
खेती-किसानी की ताज़ा खबरें, सीधे आपके फ़ोन पर
चैनल फॉलो करें

(नवीनतम कृषि समाचार और अपडेट के लिए आप अपने मनपसंद प्लेटफॉर्म पे कृषक जगत से जुड़े – गूगल न्यूज़,  टेलीग्राम, व्हाट्सएप्प)

(कृषक जगत अखबार की सदस्यता लेने के लिए यहां क्लिक करें – घर बैठे विस्तृत कृषि पद्धतियों और नई तकनीक के बारे में पढ़ें)

कृषक जगत ई-पेपर पढ़ने के लिए नीचे दिए गए लिंक पर क्लिक करें:

www.krishakjagat.org/kj_epaper/

कृषक जगत की अंग्रेजी वेबसाइट पर जाने के लिए नीचे दिए गए लिंक पर क्लिक करें:

www.global-agriculture.com