राज्य कृषि समाचार (State News)

नरवाई में आग लगाने की घटनाओं पर नियंत्रण हेतु निर्देश जारी

06 मई 2025, अनूपपुर: नरवाई में आग लगाने की घटनाओं पर नियंत्रण हेतु निर्देश जारी – मध्य प्रदेश में धान एवं  गेहूं मुख्य फसल के रूप में बोई जा रही है। उक्त फसलों की कटाई मुख्य रूप से कंबाइन हार्वेस्टर के माध्यम से की जाती है। कंबाइन हार्वेस्टर से कटाई उपरांत फसलों की नरवाई में आग लगाने की घटनाओं में तेजी से वृद्धि हुई है। आग लगाने से भूमि की उर्वरा शक्ति में कमी होती है तथा पर्यावरण भी गंभीर रूप से प्रभावित होता है। भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद, नई दिल्ली के द्वारा नरवाई में आग लगाने की घटनाओं की सेटेलाइट  मैपिंग की जा रही है।

नरवाई में आग लगाना कृषि के लिये नुकसानदायक होने के साथ ही पर्यावरण की दृष्टि से भी हानिकारक है। साथ ही विगत वर्षों में गंभीर स्वरूप की अग्नि दुर्घटना घटित हुई है तथा व्यापक संपत्ति की हानि हुई है। इसके कारण ग्रीष्म ऋतु में जल संकट उत्पन्न होता है। साथ ही कानून व्यवस्था के लिये विपरीत परिस्थितियां निर्मित होती है। नरवाई जलाने से खेत में आग के अनियंत्रित होने पर जन, धन, संपत्ति, प्राकृतिक वनस्पति एवं जीव जन्तु आदि नष्ट हो जाते हैं, जिससे व्यापक नुकसान होता है। खेत की मिट्टी में प्राकृतिक रूप से पाये जाने वाले लाभकारी सूक्ष्म जीवाणु इससे नष्ट होते हैं, जिससे खेत की उर्वरा शक्ति शनैः शैनः घट रही है और उत्पादन प्रभावित होता है। खेत में पड़ा कचरा भूसा डंठल सड़ने के बाद भूमि को प्राकृतिक रूप से उपजाऊ बनाते हैं, जिन्हें जलाकर नष्ट करना ऊर्जा को नष्ट करना है। आग लगाने से हानिकारक गैसों का उत्सर्जन होता है, जिससे पर्यावरण पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है।

 इसे दृष्टिगत रखते हुए कलेक्टर एवं जिला मजिस्ट्रेट श्री हर्षल पंचोली ने वर्तमान में गेहूं फसल की कटाई उपरांत नरवाई में आग लगाने की घटनाओं पर नियंत्रण हेतु भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023 की धारा-163 के अन्तर्गत आदेश जारी किए हैं। जारी आदेश के अनुसार समस्त हार्वेस्टर मालिकों को निर्देशित किया गया है कि फसलों की कटाई में उपयोग किये जाने वाले कंबाइन हार्वेस्टर के साथ स्ट्रा मैनेजमेंट सिस्टम (एसएमएस) का उपयोग किया जाना अनिवार्य होगा। कंबाइन हार्वेस्टर के साथ एसएमएस अथवा स्ट्रा रीपर में से कोई भी एक मशीन साथ में रखना अनिवार्य होगा। फसलों की कटाई उपरांत नरवाई में आग लगाना पूर्णतः प्रतिबंधित होगा। पर्यावरण विभाग द्वारा जारी नोटिफिकेशन अंतर्गत नरवाई में आग लगाना दण्डनीय होगा। उक्त आदेश का उल्लंघन करने वाले व्यक्ति के विरुद्ध भा.न्या.सं. की धारा 223 के अंतर्गत कार्यवाही की जाएगी।

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