राज्य कृषि समाचार (State News)

ग्वार, बाजरा और मूंगफली की फसलों में कातरे का प्रकोप, कृषि विभाग ने किसानों को दिए रोकथाम के सुझाव  

01 अगस्त 2025, भोपाल: ग्वार, बाजरा और मूंगफली की फसलों में कातरे का प्रकोप, कृषि विभाग ने किसानों को दिए रोकथाम के सुझाव – संयुक्त निदेशक कृषि कैलाश चौधरी ने बताया कि कई स्थानों पर कातरा का प्रकोप आर्थिक नुकसान स्तर से अधिक पाया गया है। जिले के श्रीडूंगरगढ़, नोखा, पांचू और कोलायत क्षेत्र के खेतों में कातरा का असर बिखरे हुए रूप में देखा गया है।

कातरा कीट की पहचान और जीवनचक्र

कैलाश चौधरी के अनुसार, कातरा कीट के पतंगे वर्षा ऋतु की शुरुआत, विशेष रूप से पहली अच्छी बारिश के बाद जमीन से बाहर आते हैं और प्रकाश की ओर आकर्षित होते हैं। यह कीट खरीफ की फसलों जैसे मोठ, मूंग, बाजरा, ग्वार और तिल के लिए नुकसानदायक होता है। मादा कीट एक बार में लगभग 600 से 700 अंडे देती है, जिनसे 2 से 3 दिनों में लटें (सूंडियां) निकलती हैं। मादा पतंगें पत्तियों की निचली सतह पर पीले रंग के अंडे देती हैं जो पोस्त के बीज जैसे दिखते हैं। ये लटें पौधों की पत्तियों को कुतरती हैं, जिससे पौधे सूखकर नष्ट हो जाते हैं।

कातरा की रोकथाम और नियंत्रण के उपाय

सहायक निदेशक उद्यान मुकेश गहलोत ने बताया कि मानसून की शुरुआत में कातरे के पतंगे जमीन से निकलते हैं। खरीफ की खासकर दलहनी फसलों में यह कीट हानि पहुंचाता है। कीट की लट वाली अवस्था सबसे ज्यादा नुकसान करती है। जोन-I सी की खरीफ फसल “पैकेज ऑफ प्रैक्टिसेज” के अनुसार कातरे का नियंत्रण निम्न तरीकों से किया जा सकता है।

1. कातरे के पतंगों को नियंत्रित करने के लिए प्रकाश पाश तकनीक अपनाएं। खेतों की मेड़ों, चारागाहों और खेतों में गैस, लालटेन या बिजली का बल्ब जलाएं (जहां बिजली की सुविधा हो)। इनके नीचे मिट्टी के तेल मिला पानी रखें, जिससे रोशनी पर आकर्षित होकर पतंगे जलकर नष्ट हो जाएं।

2. खेतों के पास उगे जंगली पौधों और फसल क्षेत्रों में जहां अंडों से लटें निकली हों, वहां क्यूनालफॉस 1.5% चूर्ण की 6 किलो प्रति बीघा की दर से भुरकाव करें।

3. बंजर जमीन या चरागाह में उगे जंगली पौधों से खेतों में लटों के प्रवेश को रोकने के लिए खेत के चारों तरफ खाई बनाएं और उसमें मिथाईल पैराथियॉन 2% चूर्ण डालें, ताकि खाई में गिरने वाली लटें वहीं नष्ट हो जाएं।

कातरे की लट की बड़ी अवस्था में नियंत्रण

कातरे की लट की बड़ी अवस्था में नियंत्रण के लिए किसानों को सलाह दी गई है कि वे खेतों से लटों को चुन-चुनकर इकट्ठा करें और उन्हें मिट्टी के तेल मिले 5 प्रतिशत पानी में डालकर नष्ट करें। इसके अलावा रसायनों के माध्यम से भी नियंत्रण संभव है। 

इसके लिए खेतों में क्यूनालफॉस 1.5 प्रतिशत चूर्ण को 6 किलो प्रति बीघा की दर से भुरकाव करें। वहीं, जिन क्षेत्रों में पानी की सुविधा उपलब्ध है, वहां क्यूनालफॉस 25 ई.सी. की 250 मिलीलीटर मात्रा प्रति बीघा छिड़काव कर इस कीट पर प्रभावी नियंत्रण पाया जा सकता है।

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