राज्य कृषि समाचार (State News)

हिमाचल सरकार करेगी 1000 ‘पशु मित्रों’ की नियुक्ति, सुदूर इलाकों तक पहुंचेगी पशु चिकित्सा सेवा

22 सितम्बर 2025, भोपाल: हिमाचल सरकार करेगी 1000 ‘पशु मित्रों’ की नियुक्ति, सुदूर इलाकों तक पहुंचेगी पशु चिकित्सा सेवा – हिमाचल प्रदेश सरकार ने राज्य में पशुपालन क्षेत्र को मजबूत करने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया है। सरकार ने ‘पशु मित्र नीति-2025’ की शुरुआत की है, जिसका उद्देश्य ग्रामीण और दूरदराज के इलाकों में पशु चिकित्सा सेवाओं को लोगों के दरवाजे तक पहुंचाना है। इस योजना के तहत 1,000 स्थानीय युवाओं को प्रशिक्षित कर ‘पशु मित्र’ के रूप में नियुक्त किया जाएगा, जो पशुपालकों और सरकारी पशु चिकित्सकों के बीच एक सेतु की भूमिका निभाएंगे।

राज्य के पशुपालन विभाग के प्रवक्ता ने बताया कि यह नीति खास तौर पर उन इलाकों के लिए फायदेमंद होगी, जहां पशु चिकित्सा केंद्रों की पहुंच सीमित है या फिर दूरी के कारण पशुपालकों को समय पर इलाज नहीं मिल पाता। ‘पशु मित्र’ स्थानीय समुदाय के लोग होंगे, जिन्हें सरकार द्वारा आवश्यक प्रशिक्षण दिया जाएगा ताकि वे छोटे-मोटे पशु उपचार, नस्ल सुधार और स्वास्थ्य जागरूकता जैसे कार्यों को सही ढंग से कर सकें। इसके अलावा ये कार्यकर्ता तरल नाइट्रोजन कंटेनरों को संभालने, बड़े जानवरों जैसे गाय, भैंस, घोड़े आदि को ढालने और सुरक्षित रखने जैसे कार्यों में भी सहायता करेंगे।

स्थानीय स्तर पर बढ़ेगा रोजगार

पशु मित्र नीति का एक प्रमुख उद्देश्य स्थानीय युवाओं को रोजगार के अवसर प्रदान करना भी है। सरकार ने स्पष्ट किया है कि नियुक्त किए गए पशु मित्रों को हर महीने 5,000 रुपये का मानदेय दिया जाएगा, और उन्हें प्रतिदिन केवल 4 घंटे कार्य करना होगा। खास बात यह है कि एक बार किसी पशु मित्र की नियुक्ति हो जाने पर उसका स्थानांतरण नहीं किया जाएगा, जिससे वह अपने ही क्षेत्र में स्थायी रूप से सेवाएं दे सकेगा।

कौन बन सकता है पशु मित्र?

प्रवक्ता के अनुसार, पशु मित्र बनने के लिए इच्छुक उम्मीदवार का उसी ग्राम पंचायत या शहरी निकाय से होना आवश्यक है, जो संबंधित पशु चिकित्सा संस्थान के अधिकार क्षेत्र में आता है। चयनित युवाओं को विभाग की गतिविधियों में भी शामिल किया जाएगा और वे मानव-पशु संघर्ष, आवारा पशुओं की समस्या और स्वास्थ्य जागरूकता जैसे स्थानीय मुद्दों पर भी कार्य करेंगे। यह योजना न केवल पशु स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता बढ़ाएगी, बल्कि समुदाय को भी पशुधन प्रबंधन में अधिक सक्रिय भागीदार बनाएगी।

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राज्य सरकार की सोच और भविष्य की दिशा

हिमाचल सरकार की यह पहल न केवल पशुपालकों की जरूरतों को त्वरित रूप से पूरा करने में सहायक होगी, बल्कि पशुपालन को एक सशक्त ग्रामीण आजीविका मॉडल के रूप में भी स्थापित करेगी। ‘पशु मित्र नीति-2025’ के माध्यम से सरकार पशु नस्ल सुधार, टीकाकरण, और बीमारियों की समय रहते पहचान जैसे क्षेत्रों में भी बेहतर परिणाम लाने की उम्मीद कर रही है। इसके साथ ही, ग्रामीण स्तर पर स्वस्थ पशुधन और आर्थिक समृद्धि के नए रास्ते खुलेंगे।

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