पारंपरिक खेती छोड़ ग्वालियर की उषा रावत ने शुरू की नर्सरी, अब सालाना कमा रहीं 10 लाख रुपए; जानिए कैसे
22 सितंबर 2026, भोपाल: पारंपरिक खेती छोड़ ग्वालियर की उषा रावत ने शुरू की नर्सरी, अब सालाना कमा रहीं 10 लाख रुपए; जानिए कैसे – सीमित कृषि भूमि के कारण परिवार की जरूरतें पूरी करना मुश्किल था, लेकिन ग्वालियर जिले की उषा रावत ने परिस्थितियों के सामने हार नहीं मानी। उन्होंने आत्मा योजना के तहत नर्सरी प्रबंधन का प्रशिक्षण लेकर आधुनिक तरीके से पौध तैयार करने का काम शुरू किया। आज उनकी नर्सरी परिवार की आय का स्थायी स्रोत बन गई है और वे सालाना करीब 10 लाख रुपए की आय अर्जित कर रही हैं।
आत्मा योजना से लिया नर्सरी प्रबंधन का प्रशिक्षण
ग्वालियर जिले के भितरवार विकासखंड के ग्राम निकोड़ी निवासी उषा रावत का परिवार पहले पूरी तरह खेती पर निर्भर था। खेती की कम भूमि के कारण घर का खर्च और बच्चों की पढ़ाई का खर्च उठाना चुनौतीपूर्ण था। इसके बाद उन्होंने बदलाव का रास्ता अपनाते हुए आत्मा योजना के अंतर्गत नर्सरी प्रबंधन का प्रशिक्षण लिया। प्रशिक्षण के दौरान उन्होंने बीज उपचार, खेती की तैयारी, सही बुवाई, सिंचाई, पोषक तत्व प्रबंधन और कीट-रोग नियंत्रण की वैज्ञानिक विधियां सीखीं। इसके बाद उन्होंने सब्जियों, फूलों और अन्य उपयोगी पौधों की स्वस्थ पौध तैयार करना शुरू किया।
4 लाख की लागत में 10 लाख की आय
उषा रावत की नर्सरी में तैयार पौधों की गुणवत्ता अच्छी होने से आसपास के किसानों का भरोसा बढ़ा। पौधों की मांग बढ़ी और धीरे-धीरे नर्सरी उनके परिवार की आय का स्थायी स्रोत बन गई। उन्होंने करीब 4 लाख रुपए की लागत लगाकर लगभग 10 लाख रुपए की आय अर्जित की, जिससे उन्हें करीब 6 लाख रुपए का शुद्ध लाभ हुआ। इस आय से परिवार की आर्थिक स्थिति में सुधार हुआ और बच्चों की पढ़ाई भी जारी रखने में मदद मिली।
बच्चों की पढ़ाई में भी दे रहीं सहयोग
उषा रावत की बड़ी बेटी बीए के बाद एमएसडब्ल्यू की पढ़ाई कर रही है। बेटा बीए कर रहा है, जबकि छोटी बेटी कृषि विज्ञान के साथ कक्षा 12वीं में अध्ययनरत है। उषा अब परिवार की आर्थिक गतिविधियों और कृषि संबंधी निर्णयों में भी अग्रणी भूमिका निभा रही हैं। उनकी सफलता से प्रेरित होकर आसपास के किसान भी पौध उत्पादन और आधुनिक तकनीक को अपना रहे हैं। उषा की कहानी “सेवा संकल्प अभियान” की उस भावना को भी दर्शाती है, जिसके तहत शासकीय योजनाओं का मार्गदर्शन गांव-गांव तक पहुंचाकर किसान परिवारों को आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है।
प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री का जताया आभार
उषा रावत अपनी सफलता का श्रेय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को देती हैं। उनका कहना है कि किसानों की आय दोगुनी करने के आह्वान से प्रेरित होकर उन्होंने उद्यानिकी और नर्सरी प्रबंधन को अपनाया। सरकार से मिले प्रशिक्षण और तकनीकी मार्गदर्शन ने उन्हें नर्सरी प्रबंधन सीखने और सफल होने में मदद की। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के प्रति आभार जताते हुए कहा कि उन्हें भरोसा है कि उनकी नर्सरी अन्य किसानों, विशेषकर महिलाओं को भी आधुनिक कृषि अपनाकर आत्मनिर्भर बनने के लिए प्रेरित करेगी।
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