सीड्स बिल–2025 पर सरकार ने मांगे सुझाव
नए बिल में किसानों के हित और गुणवत्ता नियंत्रण पर बड़ा फोकस।
सीड्स एक्ट 1966 का स्थान लेगा नया बीज कानून 2025 ।
14 नवंबर 2025, इंदौर: सीड्स बिल–2025 पर सरकार ने मांगे सुझाव – केंद्र सरकार ने ड्राफ्ट सीड्स बिल–2025 जारी करते हुए इसके स्थान पर लागू करने की तैयारी शुरू कर दी है। बिल का उद्देश्य किसानों को गुणवत्तापूर्ण बीज उपलब्ध कराना, नकली/स्प्यूरियस बीजों पर रोक लगाना और बीज कारोबार को पारदर्शी बनाना है। मंत्रालय ने सभी हितधारकों और आम नागरिकों से 11 दिसंबर 2025 तक सुझाव मांगे हैं।
बिल के प्रमुख प्रावधान –
1. किसान के अधिकार सुरक्षित – किसान पहले की तरह अपने खेत में उगाए बीजों को बोने, फिर से बोने, बदलने, साझा करने और बेचने (बिना ब्रांड नाम) का अधिकार रखेगा।
2. बिना रजिस्ट्रेशन कोई बीज बिक्री नहीं – किसी भी बीज (फार्मर वैरायटी को छोड़कर) की बिक्री तभी संभव होगी जब वह रजिस्टर्ड वैरायटी हो।
3. नकली (Spurious) और गलत लेबल वाले बीज पर कड़ी कार्रवाई– गलत जानकारी वाले मानक से कम गुणवत्ता वाले गैर–रजिस्टर्ड बीज बेचने वालों पर 10–30 लाख रुपए तक जुर्माना और गंभीर मामलों में कानूनी कार्रवाई का प्रावधान।
4. बीज की ट्रेसिंग अब अनिवार्य , QR कोड अनिवार्य – हर बीज पैक में QR कोड होगा, जिसमें उत्पादन, गुणवत्ता परीक्षण और प्रमाणन से जुड़े सभी डेटा मौजूद होंगे।
5. बीज उत्पादक, प्रोसेसिंग यूनिट, डीलर सभी को रजिस्ट्रेशन जरूरी- बीज उत्पादन, प्रोसेसिंग या बिक्री का काम करने वालों को अनिवार्य रूप से स्टेट रजिस्ट्रेशन कराना होगा।
6. बीज की कीमत – आपात स्थिति में सरकार तय कर सकेगी कीमत। यदि किसी बीज की कीमतों में अत्यधिक वृद्धि, जमाखोरी या कमी पाई जाती है तो केंद्र सरकार कीमतें तय कर सकेगी।
7. आयात पर सख्त व्यवस्था– बीज आयात को Plant Quarantine Order 2003 के मानकों, गुणवत्ता परीक्षण और रजिस्ट्रेशन के आधार पर मंजूरी मिलेगी।
8. छोटे अपराधों का डिक्रिमिनलाइज़ेशन- नियमों में छोटे उल्लंघनों को अपराध की बजाय सुधार नोटिस या आर्थिक दंड की श्रेणी में रखा गया है। Ease of Doing Business के अनुरूप।
सुझाव आमंत्रित करने के लिए नोट (हिंदी में) – कृषि और किसान कल्याण मंत्रालय, भारत सरकार ने ड्राफ्ट सीड्स बिल–2025 पर सभी हितधारकों, किसान संगठनों, कृषि विशेषज्ञों, वैज्ञानिकों, बीज उद्योग और आम जनता से अंतिम तिथि 11 दिसंबर 2025 तक सुझाव मांगे हैं। सभी सुझाव MS Word या PDF में ईमेल jsseeds-agri@gov.in द्वारा भेजे जा सकते हैं।
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