राज्य कृषि समाचार (State News)

दूध उत्पादन बढ़ाने पर सरकार का जोर, प्रदेश में हर साल तैयार होंगी एक लाख गिर नस्ल की बछिया: सीएम यादव

25 अगस्त 2026, भोपाल: दूध उत्पादन बढ़ाने पर सरकार का जोर, प्रदेश में हर साल तैयार होंगी एक लाख गिर नस्ल की बछिया: सीएम यादव – मध्यप्रदेश में दूध उत्पादन बढ़ाने और पशुपालकों की आय में इजाफा करने के लिए राज्य सरकार लगातार प्रयास कर रही है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि प्रदेश में हर साल एक लाख गिर नस्ल की बछिया तैयार करने की योजना जल्द लागू की जाएगी। इससे प्रदेश में उन्नत नस्ल के पशुओं की उपलब्धता बढ़ेगी और दुग्ध उत्पादन को भी बढ़ावा मिलेगा।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने यह बात मध्यप्रदेश युवा आयोग द्वारा रवीन्द्र भवन में आयोजित कृषि नवाचार संवाद कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कही। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश को दुग्ध उत्पादन में अग्रणी राज्य बनाने के लिए राष्ट्रीय डेयरी डेवलपमेंट बोर्ड (एनडीडीबी) के साथ एमओयू किया गया है। सरकार के प्रयासों से किसानों को अब दूध के दाम पहले की तुलना में 8 से 10 रुपये प्रति लीटर अधिक मिलने लगे हैं। उन्होंने कहा कि दुग्ध उत्पादन किसानों की आय बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।

पशुपालकों को मिलेंगी उन्नत नस्लें

मुख्यमंत्री ने कहा कि पशुपालकों को उन्नत नस्ल के पशु उपलब्ध कराने के लिए राज्य सरकार ने डॉ. भीमराव अंबेडकर कामधेनु योजना शुरू की है। सरकार का लक्ष्य है कि बेहतर नस्ल और आधुनिक पशुपालन के माध्यम से दूध उत्पादन बढ़ाया जाए। उन्होंने युवाओं से कृषि के साथ पशुपालन को भी आय का जरिया बनाने की अपील की।

खेती के साथ अन्य गतिविधियों से बढ़ाएं आय

सीएम यादव ने युवाओं को बहुफसलीय खेती के साथ पशुपालन, मत्स्य पालन, बकरी पालन और मुर्गी पालन अपनाने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि किसान अब केवल एक फसल पर निर्भर रहने के बजाय खेती के साथ अन्य गतिविधियों को जोड़कर अपनी आय बढ़ा सकते हैं। कृषि यंत्रों की नई तकनीक अपनाने और नवाचारी तरीकों को बढ़ावा देने की भी जरूरत है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार खेती को लाभ का व्यवसाय बनाने के लक्ष्य के साथ काम कर रही है। इसके लिए फूड प्रोसेसिंग और कृषि आधारित उद्यमिता के विकास पर भी विशेष जोर दिया जा रहा है। युवाओं को कृषि संकाय की पढ़ाई कर कृषि क्षेत्र में नए अवसर तलाशने चाहिए और अपनी जड़ों से जुड़े रहना चाहिए।

कृषि में नवाचार पर युवाओं से संवाद

कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने कृषि महाविद्यालयों के विद्यार्थियों, कृषि स्टार्ट-अप प्रतिनिधियों, एग्रीकल्चर इन्फ्लुएंसर्स और कृषि क्षेत्र में नवाचार करने वाले युवाओं से संवाद किया। इस दौरान पॉलीहाउस, मधुमक्खी पालन, मशरूम, मोती, एवाकाडो, सोना मोती गेहूं और कृषि तकनीक पर आधारित ऐप सहित विभिन्न नवाचारों पर चर्चा हुई। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में कृषि क्षेत्र को समृद्ध बनाने के लिए संभाग और जिला स्तर पर भी कृषि नवाचार संवाद कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। साथ ही युवाओं को प्राकृतिक और जैविक खेती से जुड़ने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा।

मत्स्य पालन को भी दिया जा रहा बढ़ाव

सीएम यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश में तालाब और जलाशयों की पर्याप्त संख्या है, इसलिए मत्स्य पालन में भी युवाओं के लिए बेहतर संभावनाएं हैं। पहले प्रदेश में मछली का बीज दूसरे राज्यों से लाना पड़ता था, लेकिन अब राज्य सरकार ने मछली का बीज तैयार करने के लिए तीन हैचरी शुरू की हैं। इससे स्थानीय स्तर पर मत्स्य पालन को बढ़ावा मिलेगा और युवाओं को आय के नए अवसर मिलेंगे। कार्यक्रम में खेल एवं युवा कल्याण तथा सहकारिता मंत्री विश्वास सारंग, युवा आयोग के अध्यक्ष प्रवीण शर्मा सहित कृषि महाविद्यालयों के विद्यार्थी, फैकल्टी सदस्य, कृषि वैज्ञानिक, स्टार्ट-अप प्रतिनिधि, युवा सरपंच, कृषि शोधकर्ता और कृषि क्षेत्र में नवाचार करने वाले युवा उपस्थित रहे।

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