राज्य कृषि समाचार (State News)

ग्वालियर के किसानों के लिए खुशखबरी! सिंचाई के लिए सोलर पंप लगवाने पर सरकार दे रही 90% अनुदान, ऐसे करें आवेदन

24 अक्टूबर 2025, भोपाल: ग्वालियर के किसानों के लिए खुशखबरी! सिंचाई के लिए सोलर पंप लगवाने पर सरकार दे रही 90% अनुदान, ऐसे करें आवेदन – ग्वालियर जिले के किसान भी “प्रधानमंत्री कृषक मित्र सूर्य योजना” के माध्यम से 90 प्रतिशत अनुदान पर सोलर पंप लगवा सकते हैं। इस योजना का क्रियान्वयन केन्द्र सरकार की “कुसुम योजना” के घटक ‘ब’ अंतर्गत प्रदेश सरकार द्वारा किया जा रहा है। योजना के तहत सोलर पंप लगवाने वाले किसानों को प्रदेश सरकार द्वारा लगभग 60 प्रतिशत व केन्द्र सरकार 30 प्रतिशत अनुदान दिया जाता है। हितग्राही को मात्र 10 प्रतिशत अंशदान देना होता है। किसान भाई सोलर पंप के लिए पोर्टल cmsolarpump.mp.gov.in पर ऑनलाइन आवेदन कर सकते है।

कलेक्टर रुचिका चौहान ने उप संचालक किसान कल्याण व कृषि विकास एवं जिला अक्षय ऊर्जा अधिकारी को “प्रधानमंत्री कृषक मित्र सूर्य योजना” का व्यापक प्रचार – प्रसार कर जिले के ज्यादा से ज्यादा किसानों को लाभान्वित कराने के निर्देश दिए हैं।

“प्रधानमंत्री कृषक मित्र सूर्य योजना” सरकार द्वारा मध्यप्रदेश ऊर्जा विकास निगम के माध्यम से संचालित की जा रही है। योजना के तहत पूर्व में सोलर पंप के लिये आवेदन प्राप्त किए गए हैं। नए आवेदन के लिये ऐसे किसान पात्र हैं जिन्होंने वर्ष 2023-24 एवं वर्ष 2024-25 में अस्थायी विद्युत कनेक्शन लिए हैं। विस्तृत जानकारी के लिये ऊर्जा विकास निगम के साथ-साथ उप संचालक किसान कल्याण एवं कृषि विकास के कार्यालय में संपर्क किया जा सकता है।

सरकार द्वारा शुरू की गई “प्रधानमंत्री कृषक मित्र सूर्य योजना” के तहत कृषि क्षेत्र में सोलर पम्पों के उपयोग से प्रदेश में सिंचित भूमि का क्षेत्रफल बढ़ेगा। साथ ही कृषि उत्पादन में वृद्धि होगी। सोलर पम्प की स्थापना से विद्युत पम्पों को विद्युत प्रदाय के लिए राज्य सरकार पर अनुदान के भार को सीमित किया जा सकेगा एवं विद्युत वितरण कम्पनियों की वितरण हानियों को कम किया जा सकेगा। इससे किसान भाई सिंचाई के लिए स्वावलम्बी हो सकेंगे।

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सभी वर्गों के किसानों को मिलता है एक समान अनुदान

वर्तमान में‘’प्रधानमंत्री कृषक मित्र सूर्य योजना’’ के अन्तुर्गत कृषि भूमि पर अस्थाई विद्युत कनेक्शन वाले कृषकों के खेतों में अनुदान पर 1 एच.पी. से 7.5 एच.पी. तक क्षमता के सोलर पम्प लगवाए जा रहे है। इस योजना के अन्तर्गत सभी वर्गों के किसानों को एक समान अनुदान दिया जाता है। पंप लगवाने के लिए कृषक की भूमि पर जल स्त्रोत होना अनिवार्य है।

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पाँच साल तक सोलर पंप के रख-रखाव की जिम्मेदारी संबंधित एजेंसी की

सोलर पम्पों के 5 वर्ष तक रख-रखाव की जिम्मेदारी, संबंधित स्थापनाकर्ता इकाई की होगी। इस योजना की विस्तृत जानकारी निगम की वेबसाईट cmsolarpump.mp.gov.in पर उपलब्ध है। योजनांतर्गत सोलर पम्प का लाभ इस शर्त पर दिया जाएगा कि कृषक की कृषि भूमि के आवेदित खसरे/बटांकित खसरे पर भविष्य में विद्युत पम्प लगाये जाने पर उसको विद्युत कनेक्शेन पर कोई अनुदान देय नहीं होगा। कृषक द्वारा यह स्वप्रमाणीकरण भी दिया जाएगा कि वर्तमान में अथवा पूर्व से कृषक के उस खसरे/बटांकित खसरे की भूमि पर स्थाई विद्युत पम्प संचालित/ संयोजित नहीं है।

सोलर पंप का अन्य उपयोग भी किया जा सकेगा

कृषि के लिए पम्पिंग की आवश्यकता न होने पर शेष ऊर्जा के वैकल्पिक उपयोगी, जैसे- चॉफ कटर, आटा चक्की, कोल्ड स्टोरेज, ड्रायर, बैटरी चार्जर के लिए यूनिवर्सल सोलर पम्प कन्ट्रोलर (यू.एस.पी.सी.) को भी योजना में शामिल किया गया है। इस योजना के सुचारु क्रियान्वयन के लिए एक पोर्टल तैयार किया गया है। 

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