अधिक उत्पादन के लिए किसान गेंहू और चना की नई बायोफोर्टिफाइड किस्में का करें उपयोग, कृषि विभाग ने दी सलाह
09 नवंबर 2025, भोपाल: अधिक उत्पादन के लिए किसान गेंहू और चना की नई बायोफोर्टिफाइड किस्में का करें उपयोग, कृषि विभाग ने दी सलाह – मध्यप्रदेश के बुरहानपुर जिले के उपसंचालक कृषि एम.एस. देवके ने किसानों को सलाह दी है कि वे गेंहू और चना की नवीन बायोफोर्टिफाइड किस्मों का उपयोग करें, जिससे उत्पादन में वृद्धि हो और पौष्टिकता बढ़े। गेंहू में उपलब्ध नई किस्में हैं: एच.आई.-1650 (पूसा ओजस्वी), एच.आई.-1634 (पूसा अहिल्या), एच.आई.-1544 (पूर्णा), एच.आई.-1655, जी डब्ल्यू-322 एवं जे डब्ल्यू-513, जो फरवरी अंत में तापमान में कमी के बावजूद सहनशील हैं।
उन्होने यह भी बताया कि चना की फसल में सूखने की बीमारी से बचाव के लिए बीज का उपचार करना आवश्यक है। बीजोपचार के लिए कार्बेन्डाजिम और थायरम को 3 ग्राम प्रति किलो बीज या ड्रायकोडर्मा 10 ग्राम प्रति किलो से उपचार करने की सलाह दी गई है। चना की नवीन किस्मों में आर.व्ही.जी.-202, आर.व्ही.जी.-204 और पूसा-20211 का उपयोग किया जा सकता है।
कृषि विभाग ने किसानों से आग्रह किया है कि वे इन नई किस्मों को अपनाकर अपनी पैदावार और लाभ बढ़ाएँ।
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