राज्य कृषि समाचार (State News)

फूलों की खेती से बढ़ेगी दतिया के किसानों की आमदनी, उद्यानिकी विभाग ने दिए निःशुल्क फूलों के पौधे और बीज

01 दिसंबर 2025, दतिया: फूलों की खेती से बढ़ेगी दतिया के किसानों की आमदनी, उद्यानिकी विभाग ने दिए निःशुल्क फूलों के पौधे और बीज – मध्यप्रदेश का दतिया जिला धार्मिक दृष्टि से अति महत्वपूर्ण हैं। यहाँ माँ पीताम्बरा पीठ एवं रतनगढ़ मंदिर है। माँ पीताम्बरा पीठ मंदिर पर प्रतिदिन लगभग 1.5 से 02 क्विंटल तथा शनिवार के दिन लगभग 2.5 से 03 क्विंटल तक फूलों की खपत होती हैं। माँ पीताम्बरा पीठ मंदिर पर गुलाब, गेंदा, ग्लार्डिया आदि फूलों का उपयोग किया जाता हैं। जिले से फूलों की पूर्ति का प्रतिशत लगभग 40 से 50 प्रतिशत है, शेष पूर्ति इंदौर, ग्वालियर एवं जयपुर से की जाती है। इसी समस्या को दूर करने के लिये उद्यानिकी विभाग द्वारा केन्द्रीय औषधि एवं सुगंध अनुसंधान केन्द्र लखनऊ के समन्वय कर कृषकों को गुलाब व गेंदे की खेती को बढावा देने हेतु निःशुल्क देशी गुलाब के 5000 पौधे एवं गेंदा बीज वितरित किया गया, जिससे आगे आने वाले समय मे फूलों का उत्पादन बढेगा।

इसी क्रम मे उद्यानिकी विभाग द्वारा ग्राम पलोथर मे अशोक सिंह ठाकुर, रामबाबू यादव एवं ग्राम बडोनकला मे अजितेष शर्मा के यहाँ पॉली/नेट हाउस का निर्माण कराया गया जिसमे गुलाब एवं गेंदा के फूलों की खेती की जाती है, जिससे लगभग 20-25 प्रतिशत फूलों की पूर्ति की जा रही हैं। धार्मिक दृष्टि से दतिया जिले के तीनों विकास खण्डों एवं माँ पीताम्बरा पीठ एवं रतनगढ़ मंदिर के आसपास के महत्वपूर्ण क्षेत्रों मे गुलाब, गेंदा, ग्लार्डिया आदि फूलों की खेती रकवा 12-15 हे. मे कृषकों द्वारा की जा रही है।

 इसी क्रम मे उद्यानिकी विभाग द्वारा फलो की खेती के रकवे को बढाने के प्रयास किये जा रहे है, जो कृषक फूलों की खेती करने के इच्छुक है, वह उद्यानिकी विभाग दतिया या विकास खण्ड कार्यालयों मे सम्पर्क कर सकते है जिले मे फूलों की मांग अधिक है अगर कृषक फूलों की खेती करते है तो निश्चित रूप से कृषकों की आय मे वृद्धि होगी। कृषक भाई अधिक जानकारी के लिए वि.ख. अधिकारी दतिया देवेन्द्र कुमार उदैनिया मो. न.ं 8878502592, वि.ख. अधिकारी भाण्डेर जितेन्द्र कुमार जाटव मो. नं. 8878502592, वि.ख. अधिकारी सेवढ़ा नरेश सिंह सुमन मो. नं. 9926648821 से सम्पर्क किया जा सकता है।

Advertisements
Advertisement
Advertisement

आपने उपरोक्त समाचार कृषक जगत वेबसाइट पर पढ़ा: हमसे जुड़ें
> नवीनतम कृषि समाचार और अपडेट के लिए आप अपने मनपसंद प्लेटफॉर्म पे कृषक जगत से जुड़े – गूगल न्यूज़व्हाट्सएप्प
> कृषक जगत अखबार की सदस्यता लेने के लिए यहां क्लिक करें – घर बैठे विस्तृत कृषि पद्धतियों और नई तकनीक के बारे में पढ़ें
> कृषक जगत ई-पेपर पढ़ने के लिए नीचे दिए गए लिंक पर क्लिक करें: E-Paper
> कृषक जगत की अंग्रेजी वेबसाइट पर जाने के लिए नीचे दिए गए लिंक पर क्लिक करें: Global Agriculture

Advertisement
Advertisement
Advertisements
Advertisement
Advertisement