PMMSY से छत्तीसगढ़ में बढ़ा मछली उत्पादन, 10 साल में 3.14 लाख से बढ़कर 8.73 लाख टन पहुंचा
13 अगस्त 2026, रायपुर: PMMSY से छत्तीसगढ़ में बढ़ा मछली उत्पादन, 10 साल में 3.14 लाख से बढ़कर 8.73 लाख टन पहुंचा – प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना (PMMSY) के तहत छत्तीसगढ़ में मत्स्य पालन और जलीय कृषि के विकास को बढ़ावा दिया जा रहा है। योजना के तहत बुनियादी ढांचे, मछली उत्पादन, जलीय कृषि, तकनीक, बाजार विस्तार और मछुआरों की सामाजिक-आर्थिक सुरक्षा से जुड़ी कई परियोजनाओं को मंजूरी दी गई है। इसके परिणामस्वरूप राज्य में मछली उत्पादन वर्ष 2014-15 के 3.14 लाख मीट्रिक टन से बढ़कर 2024-25 में 8.73 लाख मीट्रिक टन हो गया है।
956.86 करोड़ की परियोजनाओं को मिली मंजूरी
मत्स्यपालन विभाग के अनुसार, वर्ष 2020-21 से 2025-26 के दौरान छत्तीसगढ़ सरकार को PMMSY के तहत 956.86 करोड़ रुपये की परियोजनाओं को मंजूरी दी गई। इसमें केंद्र सरकार का हिस्सा 321.01 करोड़ रुपये था। स्वीकृत केंद्रीय हिस्से में से 274.16 करोड़ रुपये छत्तीसगढ़ सरकार को जारी किए गए हैं।
3200 हेक्टेयर में नए मछली तालाब
PMMSY के तहत राज्य में मत्स्य पालन के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए कई परियोजनाओं को मंजूरी दी गई है। इनमें 28 मछली बीज हैचरी, 3200 हेक्टेयर नए मछली तालाब, 287 पुनर्संचारी मत्स्य पालन प्रणालियां (RAS) और 820 बायोफ्लॉक इकाइयां शामिल हैं। इसके अलावा विभिन्न क्षमताओं वाली 511 मछली चारा मिलें, 511 छोटे मछली परिवहन वाहन, जलाशयों में 8500 केज और एक एकीकृत मत्स्य पार्क स्थापित किए गए हैं।
5.52 लाख मछुआरों को दुर्घटना बीमा
मछुआरों की वित्तीय, सामाजिक और आर्थिक सुरक्षा को मजबूत करने के लिए भी योजना के तहत कई कदम उठाए गए हैं। छत्तीसगढ़ में 5.52 लाख मछुआरों को वार्षिक दुर्घटना बीमा कवरेज दिया गया है। वहीं 9667 मछुआरों को वार्षिक आजीविका एवं पोषण सहायता और 4189 मछुआरों को किसान क्रेडिट कार्ड के माध्यम से संस्थागत ऋण तक बेहतर पहुंच उपलब्ध कराई गई है।
आय और रोजगार के अवसर बढ़े
योजना के तहत किए गए इन प्रयासों से छत्तीसगढ़ के मत्स्य पालन क्षेत्र को मजबूती मिली है। मछली उत्पादन में वृद्धि के साथ किसानों की आय बढ़ाने, उद्यमिता को बढ़ावा देने और ग्रामीण रोजगार के अवसर पैदा करने में मदद मिली है। साथ ही, फसल कटाई के बाद होने वाले नुकसान को कम करने और मत्स्य पालन क्षेत्र के समग्र सामाजिक-आर्थिक विकास में भी योगदान मिला है।
20,750 करोड़ रुपये के कुल परिव्यय से लागू है PMMSY
मत्स्यपालन, पशुपालन और डेयरी मंत्रालय के मत्स्य विभाग द्वारा PMMSY को 2020-21 से 2026-27 (सितंबर 2026 तक) देश के सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में लागू किया गया है। योजना का कुल परिव्यय 20,750 करोड़ रुपये है। इसका उद्देश्य मत्स्य पालन और जलीय कृषि का सतत विकास करना तथा मछुआरों और मछली पालकों की वित्तीय, सामाजिक और आर्थिक सुरक्षा को मजबूत करना है।
यह जानकारी मत्स्यपालन, पशुपालन और डेयरी मंत्री राजीव रंजन सिंह उर्फ ललन सिंह ने बुधवार को राज्यसभा में पूछे गए एक प्रश्न के उत्तर में दी।
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