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राज्य कृषि समाचार (State News)

पहले कटाई कर लें फिर लगा सकते है अपने खेतों में गन्ना

10 मार्च 2025, भोपाल: पहले कटाई कर लें फिर लगा सकते है अपने खेतों में गन्ना – जी हां देश के किसान यदि चाहे तो अभी पहले गेहूं की कटाई करने के बाद आगामी माह अर्थात अप्रैल माह में अपने खाली खेतों में गन्ना लगा सकते है क्योंकि गन्ने की खेती लाभदायक मानी जाती है। हालांकि कृषि वैज्ञानिकों ने किसानों को यह भी सलाह दी है कि वे उन्नत किस्म के ही गन्ने की खेती करें।

गन्ना एक प्रमुख नकदी फसल है। इसकी खेती उत्तर प्रदेश और महाराष्ट्र में बड़े पैमाने पर की जाती है। कृषि वैज्ञानिकों का कहना है कि गेहूं की कटाई के बाद अप्रैल में भी गन्ना लगा सकते हैं।

इसके लिए उपयुक्त किस्म सीओएच-35 व सीओएच-37 है। ग्रीष्मकालीन गन्ने की बुवाई उत्तर प्रदेश, पंजाब, हरियाणा एवं उत्तराखंड में अप्रैल व मई में की जाती है। अगर आपने पहले से गन्ना लगाया हुआ है तो उसमें आवश्यकतानुसार फसल की मांग के अनुरूप सिंचाई एवं गुड़ाई करते रहें। जिन खेतों से गन्ने का बीज लेना है, उन खेतों में बीज लेने से 5-7 दिनों पूर्व सिंचाई करें। बसंत कालीन गन्ना जो फरवरी में लगा है, में 1/3 नाइट्रोजन की दूसरी किश्त 1 बोरा यूरिया अप्रैल में डाल दें एवं खेत में खाली स्थानों को पोरिया या नर्सरी में उगाएं गए पौधों से भर दें। गन्ने की बुवाई से पहले खेतों को अच्छी तरह से समतल कर लें। गन्ने की फसल खेत में 2-3 वर्षों तक रहती है। शीघ्र एवं कम अवधि में पकने वाली फसलों जैसे मूंग, उड़द एवं लोबिया को गन्ने की दो पंक्तियों के बीच में बो सकते हैं। इससे प्रति इकाई क्षेत्र अतिरिक्त लाभ के अलावा मिट्टी की उर्वरा शक्ति भी बढ़ा सकते हैं। इस मौसम की गन्ने की फसल के लिए खेत को जुताई करके भलीभांति तैयार कर लें। बुवाई के लिए लगभग 35,000-40,000 गन्ने की तीन आंख वाले टुकड़ों की आवश्यकता होती है। इसके लिए 5-6 टन गन्ने का बीज पर्याप्त होता है।

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