फसल खराब होने पर तुरंत करें शिकायत दर्ज, मुआवजा पाने के लिए समय सीमा का रखें ध्यान
21 फरवरी 2026, इंदौर: फसल खराब होने पर तुरंत करें शिकायत दर्ज, मुआवजा पाने के लिए समय सीमा का रखें ध्यान – मध्य प्रदेश और राजस्थान के कई जिलों में हाल ही में सक्रिय हुए वेस्टर्न डिस्टरबेंस के कारण मावठे की बारिश और ओलावृष्टि हुई। तेज हवाओं और ओलों की मार से गेहूं, चना, मसूर, सरसों सहित कई रबी फसलों को व्यापक नुकसान पहुंचा है। खेतों में खड़ी फसल गिर गई है, बालियां झुक गई हैं और कई स्थानों पर दाने झड़ने की स्थिति बन गई है। ऐसी स्थिति में जिन किसान साथियों ने प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना (PMFBY) के तहत बीमा कराया है, वे घबराएं नहीं, बल्कि तुरंत बीमा कंपनी को नुकसान की सूचना दें, ताकि समय पर सर्वे कर मुआवजे की प्रक्रिया शुरू हो सके।
शिकायत दर्ज करने के तरीके – टोल फ्री नंबर: 14447 (24×7 उपलब्ध)। Crop Insurance App के माध्यम से ऑनलाइन शिकायत
PMFBY WhatsApp Chatbot: 7065514447 । किसान मोबाइल से फोटो अपलोड कर भी नुकसान की सूचना दे सकते हैं। शिकायत दर्ज करते समय रजिस्ट्रेशन नंबर और फसल का विवरण सही-सही भरें।
शिकायत करते समय ये दस्तावेज रखें तैयार – आधार कार्ड,पंजीकृत मोबाइल नंबर,बीमा पॉलिसी नंबर (यदि उपलब्ध हो),बैंक खाता विवरण,फसल की अवस्था स्पष्ट बताना जरूरी।
बीमा कंपनी द्वारा सर्वे के दौरान फसल की स्थिति के बारे में विस्तृत जानकारी मांगी जाती है। किसान निम्न अवस्थाओं का स्पष्ट उल्लेख करें—
अंकुरण अवस्था (Germination Stage): बीज निकलने के तुरंत बाद की स्थिति,शाकीय वृद्धि अवस्था (Vegetative Stage): पौधे की बढ़वार जारी,फूल अवस्था (Flowering Stage): पौधों में फूल आ चुके हैं। दूधिया अवस्था (Milking Stage): दानों में दूध भरना शुरू,दाना भराव अवस्था (Grain Filling Stage), पकाव अवस्था (Maturity Stage): फसल कटाई के लिए तैयार।
कटी हुई एवं खेत में रखी फसल: कट चुकी लेकिन उठाई नहीं गई साथ ही यह भी बताएं कि वर्षा/ओलावृष्टि कब और कितनी देर हुई, हवा की तीव्रता कैसी थी तथा अनुमानित नुकसान कितना प्रतिशत है।
समय सीमा का रखें विशेष ध्यान – फसल नुकसान की सूचना निर्धारित समय सीमा (आमतौर पर 72 घंटे के भीतर) देना आवश्यक होता है। देरी होने पर दावा निरस्त हो सकता है। इसलिए प्रभावित किसान साथी तुरंत शिकायत दर्ज करें और पावती नंबर सुरक्षित रखें।
विशेषज्ञों की सलाह– कृषि विशेषज्ञों का कहना है कि ओलावृष्टि के बाद खेत से अतिरिक्त पानी की निकासी करें, गिरी हुई फसल को सहारा दें तथा यदि संभव हो तो कृषि विभाग के मार्गदर्शन में पोषक तत्वों का छिड़काव करें, जिससे आंशिक रूप से फसल की स्थिति सुधर सके। कृषक जगत अपील करता है कि यह महत्वपूर्ण जानकारी अधिक से अधिक किसान भाइयों तक पहुंचाएं, ताकि कोई भी पात्र किसान मुआवजे से वंचित न रहे।
आपने उपरोक्त समाचार कृषक जगत वेबसाइट पर पढ़ा: हमसे जुड़ें
> नवीनतम कृषि समाचार और अपडेट के लिए आप अपने मनपसंद प्लेटफॉर्म पे कृषक जगत से जुड़े – गूगल न्यूज़, व्हाट्सएप्प
> कृषक जगत अखबार की सदस्यता लेने के लिए यहां क्लिक करें – घर बैठे विस्तृत कृषि पद्धतियों और नई तकनीक के बारे में पढ़ें
> कृषक जगत ई-पेपर पढ़ने के लिए नीचे दिए गए लिंक पर क्लिक करें: E-Paper
> कृषक जगत की अंग्रेजी वेबसाइट पर जाने के लिए नीचे दिए गए लिंक पर क्लिक करें: Global Agriculture

