राज्य कृषि समाचार (State News)

नये वर्ष में बढ़ जाएंगे खाद के भाव, किसानों को सताने लगी चिंता

22 दिसंबर 2024, भोपाल: नये वर्ष में बढ़ जाएंगे खाद के भाव, किसानों को सताने लगी चिंता – नये वर्ष 2025 के पहले माह अर्थात जनवरी से डीएपी और अन्य खाद के भावों में बढ़ोतरी होगी। यह जानकारी सामने आने के बाद अब किसानों को चिंता सताने लगी है कि उन्हें अतिरिक्त रूप से आर्थिक बोझ पढ़ेगा। बता दें कि । केंद्र सरकार ने डीएपी सहित अन्य कुछ उर्वरकों के दाम में बढ़ोतरी करने का फैसला लिया है। 

यह भाव 1 जनवरी 2025 से लागू हो जाएंगे। भाव बढ़ने के पीछे सरकार द्वारा तर्क दिया जा रहा है कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उर्वरकों के कच्चे माल में बढ़ोतरी होने के कारण भाव में वृद्धि की गई है। बताया जा रहा है कि उर्वरकों में यह वृद्धि 4 वर्ष के बाद हुई है। उर्वरकों पर सब्सिडी पूर्व की भांति ही दी जाएगी। बाजार में 1 जनवरी 2025 डाईअमोनिया फॉस्फेट (डीएपी) की कीमतें करीब 240 रुपये प्रति बोरी बढ़ाई जायेगी। डीएपी की मौजूदा कीमत 1,350 रुपये प्रति बोरी से बढ़कर 1,590 रूपये प्रति बोरी हो जाएगी। डीएपी की कीमतों में 12 से 15 फीसदी के दायरे में वृद्धि होगी। जिसे 1 जनवरी, 2025 से प्रभावी होने के आसार हैं। यूरिया के बाद देश में दूसरा सबसे ज्यादा खपत वाला उर्वरक डीएपी की बोरी का वजन 50 किलोग्राम होता है। कच्चे माल की कीमतों में तेजी के कारण यह वृद्धि की गई है।  सूत्रों ने बताया कि कीमतों पर लगी गैर-आधिकारिक सीमा हटा ली गई है और कंपनियों को डीएपी एवं अन्य जटिल उत्पादों की कीमतों में एक निश्चित सीमा तक वृद्धि करने की अनुमति दे दी गई है।  किसानों को राहत देने के लिए यूरिया की 45 किलो की बोरी पर सरकार द्वारा 1969.87 रुपये की सब्सिडी दी जाती हैं। किसानों को यह बोरी 266.50 रुपये में मिलती है जिसकी कीमत सरकार निर्धारित करती है। सरकार किसानों का बोझ कम करने के लिए यूरिया की बोरी 266.50 रुपये में बेचती हैं जबकि इस यूरिया की एक बोरी का दाम 2236.37 रुपये होता है। अगर सरकार किसानों को सब्सिडी नहीं देती हैं तो किसानों को इस यूरिया की बोरी का 739 फीसदी अधिक मूल्य देना होगा। जिसका सीधा असर किसानों की आय पर पडे़गा। इसलिए सरकार किसानों के बोझ को कम करने के लिए हर साल डीएपी पर सब्सिडी के रूप में बड़ी मोटी राशि खर्च कर रही है।

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