राज्य कृषि समाचार (State News)

मध्यप्रदेश में 27 सितम्बर से ऑनलाइन होगा खाद वितरण, सीहोर कलेक्टर ने कालाबाजारी रोकने का अभियान किया शुरू

10 सितम्बर 2025, भोपाल: मध्यप्रदेश में 27 सितम्बर से ऑनलाइन होगा खाद वितरण, सीहोर कलेक्टर ने कालाबाजारी रोकने का अभियान किया शुरू – मध्यप्रदेश के सीहोर जिले के कलेक्टर बालागुरू के. ने किसानों को खाद की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने और कालाबाजारी रोकने के लिए अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि गोदामों और दुकानों का नियमित निरीक्षण किया जाए और जिले की सीमाओं पर भी विशेष नजर रखी जाए ताकि खाद की कालाबाजारी पूरी तरह रोकी जा सके।

कलेक्टर ने यह भी कहा कि खाद का वितरण किसानों को उनकी जमीन के अनुपात में किया जाना चाहिए। इस संबंध में उप संचालक कृषि ने जानकारी दी कि आगामी 27 सितम्बर से जिले में खाद का वितरण ऑनलाइन किया जाएगा। इस ऑनलाइन सिस्टम में आधार लिंकिंग भी होगी, जिससे किसानों को खाद लेने और उनकी भूमि की जानकारी ऑनलाइन देखी जा सकेगी।

कालाबाजारी रोकने के लिए सख्त कदम

कलेक्टर ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि खाद की कालाबाजारी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। गोदाम और दुकानें नियमित रूप से जांची जाएं ताकि खाद उचित दाम और सही मात्रा में किसानों तक पहुंचे। कलेक्टर ने कहा कि इस व्यवस्था से न सिर्फ खाद का पारदर्शी वितरण होगा बल्कि किसानों को अपनी जमीन के अनुसार खाद प्राप्त करने में भी मदद मिलेगी।

ऑनलाइन वितरण से किसानों को होगा फायदा

27 सितम्बर से शुरू हो रहे इस ऑनलाइन खाद वितरण अभियान से किसानों को अपनी जमीन और खाद की डिटेल्स ऑनलाइन देख पाने की सुविधा मिलेगी। इससे न केवल खाद की सही मात्रा किसानों तक पहुंचेगी, बल्कि वितरण प्रक्रिया भी अधिक पारदर्शी और आसान होगी। 

Advertisement
Advertisement
Advertisements
Advertisement
Advertisement

आपने उपरोक्त समाचार कृषक जगत वेबसाइट पर पढ़ा: हमसे जुड़ें
> नवीनतम कृषि समाचार और अपडेट के लिए आप अपने मनपसंद प्लेटफॉर्म पे कृषक जगत से जुड़े – गूगल न्यूज़व्हाट्सएप्प
> कृषक जगत अखबार की सदस्यता लेने के लिए यहां क्लिक करें – घर बैठे विस्तृत कृषि पद्धतियों और नई तकनीक के बारे में पढ़ें
> कृषक जगत ई-पेपर पढ़ने के लिए नीचे दिए गए लिंक पर क्लिक करें: E-Paper
> कृषक जगत की अंग्रेजी वेबसाइट पर जाने के लिए नीचे दिए गए लिंक पर क्लिक करें: Global Agriculture

Advertisement
Advertisement
Advertisements
Advertisement
Advertisement