कृषि में नवाचार से किसान कमाएंगे ज्यादा मुनाफा, सरकार दे रही पूर्ण समर्थन
24 सितम्बर 2025, भोपाल: कृषि में नवाचार से किसान कमाएंगे ज्यादा मुनाफा, सरकार दे रही पूर्ण समर्थन – मध्यप्रदेश सरकार किसानों की आमदनी को दोगुना करने के लक्ष्य पर निरंतर कार्य किया जा रहा है। किसानों को कृषि की उन्नत तकनीकें अपनाने, फसलों के विविधीकरण तथा खेती के साथ पशुपालन, डेयरी, मत्स्य पालन आदि गतिविधियों के लिए प्रेरित किया जाए। राज्य सरकार के दिशा निर्देशानुसार सभी संबंधित विभाग आपसी समन्वय के साथ कार्य करें और किसानों के खेत पर जाकर उन्हें हर संभव सहायता उपलब्ध कराएं।इस वर्ष धान के क्षेत्र में कमी तथा सोयाबीन और अरहर के क्षेत्र में वृद्धि की संभावना है।
कृषि उत्पादन आयुक्त ने कहा कि किसानों को बीज की उन्नत किस्में बोने के लिए प्रेरित किया जाए। बायोफोर्टिफाइड गेहूँ के बीज में आयरन और जिंक की मात्रा होती है जो कि स्वास्थ्य के लिए लाभदायक होता है। किसानों को गेहूँ के इस बीज की किस्म एचआई 1650, 1636, 1633, 1655 बोने के लिए प्रेरित किया जाए। पूसा अरहर 16 अच्छी फसल है और इसका उत्पादन भी ज्यादा है। किसानों को फसलों के विविधीकरण के लिए प्रेरित करें।
सिंचाई और मृदा परीक्षण
किसानों को प्रेशराइज्ड पाइप प्रणाली के माध्यम से सिंचाई के लिए प्रेरित किया जाना चाहिए। खेत में पाइप लाइन डालने पर सरकार की ओर से अनुदान दिया जाता है। सभी जिलों में मृदा परीक्षण प्रयोग शालाएं कार्य कर रही हैं, इनके माध्यम से अधिक से अधिक मृदा परीक्षण करवाए जाएं। कस्टम हायरिंग केन्द्रों के माध्यम से किसानों को खेती के लिए उन्नत कृषि यंत्र एवं उपकरण भी उपलब्ध करवाए जाएं।
एनपीके उर्वरक का करें इस्तेमाल
किसानों को डीएपी उर्वरक के स्थान पर एनपीके उर्वरक इस्तेमाल करने की सलाह दी जाए। एनपीके में फसलों के लिए उपयोगी सभी पोषक तत्व होते हैं। उर्वरक वितरण के लिए डबल लॉक केन्द्रों का आधुनिकीकरण किया जाए तथा प्रयास किया जाए कि किसानों को लाइन में खड़ा न होना पड़े और उनके बैठने की अच्छी व्यवस्था की जाए।
कृषि यंत्र अपनाने के लिए किया प्रोत्साहित
किसानों को समझाया जाए कि नरबाई जलाना खेत के लिए अत्यंत हानिकारक है। नरवाई जलाने के स्थान पर हैप्पीसीडर, सुपर सीडर से बुआई करने पर खेत को नुकसान नहीं होता, उसके पोषक तत्व बने रहते हैं तथा उत्पादकता अधिक आती है। जिन किसानों ने हैप्पी सीडर का उपयोग कर बुआई की उन्हें बहुत अच्छे परिणाम मिले हैं।
डिजिटल मार्केटिंग पहल
शासन द्वारा ई मंडी प्रारंभ की गई है। किसानों को अपनी फसल बेचने में मंडियों में कम से कम समय लगना चाहिए। मंडियों को हाईटेक बनाने की कार्यवाही की जानी चाहिए। सरकार द्वारा फार्म गेट एप प्रारंभ किया गया है।इस पर किसान अपना पंजीयन कराके घर बैठे अपनी फसलें बेच सकता है।
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