राज्य कृषि समाचार (State News)

 झाबुआ जिले के किसान फसल बीमा करवाकर प्राकृतिक जोखिम से बचें

04 जुलाई 2024, झाबुआ:  झाबुआ जिले के किसान फसल बीमा करवाकर प्राकृतिक जोखिम से बचें – मौसम की अनिश्चितता को देखते हुए, प्राकृतिक आपदाओं, कीट एवं रोगों से किसी भी अधिसूचित फसल के नष्ट होने की स्थिति में किसानों को बीमा आवरण एवं वित्तीय समर्थन प्राप्त हो सके, इरा हेतु कृषि विभाग द्वारा किसानों से अपील की जाती है कि अधिक से अधिक संख्या में अपनी फसलों का प्राकृतिक क्षतिपूर्ति हेतु फसल बीमा की अंतिम तिथि 31 जुलाई 2024 के पूर्व फसल बीमा करवा सकते है। जिससे फसलों में प्राकृतिक आपदाओं से होने वाले नुकसान की भरपाई होकर, जोखिम से बचा जा सके। जिले के सभी किसान प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना का लाभ खरीफ मौसम में ले सकते है। यह योजना शासन द्वारा किसानों के हित में खेती किसानी उद्यम को समुचित आर्थिक सुरक्षा प्रदान करने के उद्दे श्य से प्रारंभ की गई है।

किसान फसल बीमा कहाँ  करवाएं :– जो कृषक किसी भी कारण से फसल ऋण नहीं ले रहे हो वे कृषक अपनी फसल का बीमा अपने क्षेत्र की राष्ट्रीयकृत बैंक/प्राथमिक कृषि साख सहकारी समिति/कामन सर्विस सेन्टर/ मध्यप्रदेश ग्रामीण बैंक शाखा से सम्पर्क कर आवश्यक प्रीमियम भुगतान उपरांत फसल बीमा करवा सकते है।

योजनान्तर्गत आच्छादित परिस्थितियां –  इस योजना में ओला, पाला, तूफान, बाढ़, जल प्लावन, सूखा, कीट एवं रोग, आकाशीय बिजली आदि नुकसानी को शामिल किया गया है। कीट- व्याधि  से फसल नुकसानी पर भी योजना में लाभ प्राप्त होगा। इस योजना में फसल  बोने /रोपने अंकुरण नष्ट होने के पश्चात मौसम की विपरीत परिस्थितियों के कारण फसल को नुकसान होने पर किसान को बीमित राशि के 25 प्रतिशत का भुगतान किये जाने का प्रावधान है। इस योजना में आने वाले खर्च का वहन केन्द्र और राज्य दोनों के द्वारा किया जायेगा। योजना में वे सभी किसान लाभांवित हो सकेंगे जिसके पास स्वयं की खेती है या बटाई पर खेती की गई हो। योजनान्तर्गत सभी प्रकार की  फसलों  ( रबी , खरीफ, वाणिज्यिक फसल) को शामिल किया गया है। ऋणी कृषकों का कराल ऋण प्राप्त करते समय बैंक द्वारा स्वतः फसल बीमा करवाया जा सकेगा किसान योजना से बाहर होने का विकल्प बीमांकन की अंतिम तारीख के 07 दिवस पूर्व चुन सकता है।

योजना के तहत प्रीमियम दर:- खरीफ फसलों हेतु बीमित  राशि  का 2 प्रतिशत या वास्तविक दर जो भी कम हो एवं कपास फसल के लिए 5 प्रतिशत या वास्तविक दर जो भी कम हो लागू होगी।

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जिले हेतु निर्धारित ऋण मान (स्केल ऑफ फाइनेंस):- खरीफ फसल 2024 हेतु ऋणमान प्रति हेक्ट. रूपये में निर्धारित किया गया है जिसमे धान सिंचित 30 हजार रुपए, धान असिंचित 22 हजार रुपए, मक्का 26 हजार रुपए, ज्वार 22 हजार रुपए, बाजरा 15 हजार रुपए, मूंगफली 19 हजार 500 रूपए, सोयाबीन 36 हजार रुपए, कपास 50 हजार रुपए, मूंग 22 हजार 800 रूपए, उड़द 25 हजार रुपए एवं तुअर 30 हजार 800 रूपए है।

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फसल बीमा हेतु कृषक श्रेणी:- ऋणी एवं अऋणी किसानों का फसल बीमा समान होगा। ऋण मान का निर्धारण स्केल ऑफ फाइनेंस के आधार पर होगा।

ऋणी कृषक:– ऋणी कृषकों का फसल ऋण प्राप्त करते समय बैंक द्वारा स्वतः फसल बीमा करवाया जा सकेगा।

अऋणी कृषक:- जो कृषक किसी भी कारण से फसल ऋण नहीं ले रहे  हैं , वे कृषक अपनी फसल का बीमा उनके क्षेत्र की राष्ट्रीयकृत / सहकारी /ग्रामीण बैंक शाखा/कामन सर्विस सेन्टर से सम्पर्क कर आवष्यक प्रीमियम भुगतान उपरांत फसल बीमा करवा सकते  हैं ।

आवश्यक दस्तावेज – अऋणी कृषक  कृषकों  हेतु फसल बीमा करवाने के लिए  पूर्णतः भरा हुआ प्रस्ताव फार्म (बैंक एकाउण्ट की समस्त जानकारी सहित), भू-अधिकार पुस्तिका, सक्षम अधिकारी द्वारा दिया गया बुवाई का प्रमाण-पत्र (पटवारी अथवा ग्राम पंचायत द्वारा प्रदान किया जावेगा), पहचान पत्र (मतदाता पहचान पत्र, पेन कार्ड, आधार कार्ड इत्यादि) एवं बैंक पासबुक की प्रतिलिपि ।

खरीफ 2024 हेतु अधिसूचित की गई फसलें:– जिला स्तर पर:- उड़द फसल। तहसील स्तर पर:- झाबुआ एवं रामा में मूंगफली एवं कपास फसल। राणापुर में ज्वार, मूंगफली एवं कपास फसल । मेघनगर, थांदला और पेटलावद में कपास फसल। फसल बीमा के संबंध में अधिक जानकारी प्राप्त करने अथवा समस्या समाधान हेतु निकटवर्ती बैंक शाखा, प्राथमिक सहकारी साख समिति, कृषि विभाग, के मैदानी अमले, बीमा कम्पनी के  प्रतिनिधि   तथा वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी कार्यालय एवं कार्यालय उप संचालक कृषि कार्यालय से सम्पर्क कर सकते हैं।

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