राज्य कृषि समाचार (State News)

उद्यानिकी फसलों से किसानों की आय होगी दोगुनी: श्री कुशवाह

04 नवंबर 2024, भोपाल: उद्यानिकी फसलों से किसानों की आय होगी दोगुनी: श्री कुशवाह – प्रदेश में कृषि के साथ-साथ उद्यानिकी फसलों को भी बढ़ावा दिए जाने की आवश्यकता है, जिससे किसानों की आय में वृद्धि हो सके। उद्यानिकी फसलें किसानों की आय को आसानी से दोगुना करने में सहायक हो सकती हैं। केंद्र और राज्य सरकार द्वारा खाद्य प्र-संस्करण की गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए कई योजनाएं चलाई जा रही हैं। किसानों को उद्यानिकी फसलों की खेती और खाद्य प्र-संस्करण के नए तरीकों से अवगत कराना जरुरी है। वर्तमान में प्रदेश उद्यानिकी फसलों के उत्पादन में देश में अग्रणी राज्यों में शामिल हो गया है। मध्यप्रदेश संतरा, टमाटर, धनिया, लहसुन तथा मसाला उत्पादन में प्रथम स्थान पर हैं। राज्य में उद्यानिकी का रकबा बढ़कर लगभग 27 लाख हेक्टेयर हो गया है। यह जानकारी उद्यानिकी एवं खाद्य प्रसंस्करण मंत्री श्री नारायण सिंह कुशवाह ने दी।

प्र-संस्करण इकाई के लिए अनुदान

श्री कुशवाह ने बताया कि किसानों को उद्यानिकी एवं खाद्य प्र-संस्करण विभाग द्वारा फूड प्रोसेसिंग इकाईयाँ स्थापित करने के लिए अनुदान दिया जाता है। किसान सरकार से अनुदान लेकर फूड प्रोसेसिंग इकाईयाँ स्थापित कर सकते हैं। साथ ही अनुदान के आधार पर किसान छोटे, मध्यम और बड़े कोल्ड स्टोर भी स्थापित कर सकते हैं।

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रकबा बढ़ा

उद्यानिकी एवं खाद्य प्रसंस्करण मंत्री ने बताया कि प्रदेश में उद्यानिकी के प्रति किसानों का रुझान बढ़ा है। इस कारण रकबा 2019-20 में 21.75 लाख हेक्टेयर से बढ़कर 2023-24 में 26.51 लाख हेक्टेयर हो गया है। लगभग 23.72 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। उन्होंने बताया कि उत्पादन भी लगभग 27 फीसदी बढ़ा है। वर्ष 2019-20 में जो उत्पादन 317.36 लाख मी. टन था वह बढ़कर अब 404.24 लाख मी. टन हो गया है।

हितग्राही मूलक कार्य योजनाएं स्वीकृत

श्री कुशवाह ने हितग्राही मूलक योजनाओं के संबंध में बताया कि प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उन्नयन योजना (पी.एम.एफ.एम.सी.), पर ड्राप मोर क्राप (पी.पी.एम.सी), एकीकृत बागवानी विकास मिशन (एम.आई.डी.एच.) एवं राष्ट्रीय कृषि विकास योजना (आर.के.वी.वाय.) के तहत वर्ष 2024-25 में 528 करोड़ 91 लाख रुपए की कार्ययोजना स्वीकृत की गई है। उन्होंने बताया कि राज्य में उद्यानिकी उत्पादों को अंतर्राष्ट्रीय पहचान दिलाने के लिए 16 उत्पादों को जी.आई. टैग के लिए पंजीयन कराया गया है।

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सूक्ष्म सिंचाई

उद्यानिकी मंत्री ने सूक्ष्म सिंचाई के संबंध में बताया कि राज्य में 14900 हेक्टेयर से अधिक क्षेत्र में ड्रिप एवं स्प्रिंकलर लगाए गए हैं जिसमें लगभग 12790 हितग्राहियों को 114 करोड़ 76 लाख रुपए का अनुदान दिया गया है। उन्होंने बताया कि इजराइल तकनीक के समन्वय से प्रदेश में मुरैना में उच्च गुणवत्ता वाली सब्जी के लिए, छिंदवाड़ा में नींबूवर्गीय फसलों के लिए तथा हरदा में निर्यात करने लायक आम एवं सब्जी सेन्टर की स्थापना की जाएगी जिसके लिए 14 करोड़ 74 लाख की योजना का अनुमोदन किया गया है।

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ई-नर्सरी पोर्टल नई पहल

प्रदेश सरकार की नई पहल ई-नर्सरी पोर्टल के संबंध में श्री कुशवाह ने बताया कि घर, गार्डन या खेतों में उत्तम गुणवत्ता के पौधे लगाने के लिये, अच्छे और स्वस्थ पौध के लिये अब नर्सरी के चक्कर लगाने की आवश्यकता नहीं है। उद्यानिकी विभाग द्वारा ई-नर्सरी पोर्टल पर 300 से अधिक नर्सरियों की जानकारी ऑनलाईन उपलब्ध करवाई गई है। इसके माध्यम से पौधों का क्रय-विक्रय आसानी से किया जा सकता है। उन्होंने बताया कि ई-नर्सरी पोर्टल तकनीकी सुधार की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, जो न केवल किसानों को बेहतर सेवाएं प्रदान कर रहा है, बल्कि राज्य के उद्यानिकी विकास में भी इसका योगदान सराहनीय है।

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