Ad DesktopAd TabletAd Mobile
राज्य कृषि समाचार (State News)

हरदा में मृदा स्वास्थ्य में सुधार हेतु किसानों को दी सलाह

02 मार्च 2026, हरदा: हरदा में मृदा स्वास्थ्य में सुधार हेतु किसानों को दी सलाह – कृषि विज्ञान केंद्र हरदा के वैज्ञानिक डॉ. आर.सी. जाटव ने बताया कि हरदा जिले की मृदा की वर्तमान स्थिति के संबंध में जारी परामर्श के अनुसार विभिन्न मृदा परीक्षण रिपोर्ट से यह स्पष्ट हुआ है कि जिले की मृदाओं में नाइट्रोजन, फास्फोरस, पोटाश, जिंक, सल्फर एवं जैविक कार्बन की कमी पाई गई है। जैविक कार्बन की कमी के कारण मृदा में लाभदायक सूक्ष्मजीवों की संख्या लगातार घट रही है तथा मृदा कठोर होती जा रही है। इसके परिणामस्वरूप वर्षा जल का अवशोषण एवं रिसाव कम हो रहा है, जिससे भू-जल स्तर में निरंतर गिरावट आ रही है। इन परिस्थितियों के कारण मृदा स्वास्थ्य निरंतर बिगड़ता जा रहा है। यह स्थिति मुख्यतः फसल अवशेषों को जलाने, असंतुलित उर्वरकों के उपयोग, जैव उर्वरक का प्रयोग न करने, जैविक खादों का कम प्रयोग करने के कारण उत्पन्न हुई है।

कृषि वैज्ञानिक  डॉ  जाटव ने किसानों को सलाह दी है कि मृदा स्वास्थ्य सुधार एवं संतुलित एवं गुणवत्तापूर्ण फसल उत्पादन प्राप्त करने के लिए खेत में फसल अवशेषों को न जलाएं, बल्कि उन्हें  हैप्पी सीडर, रोटावेटर आदि कृषि यंत्रों के उपयोग से खेत में ही काटकर मृदा में मिलाएं। मृदा परीक्षण के आधार पर प्राप्त मृदा स्वास्थ्य कार्ड की अनुशंसाओं के अनुसार ही खाद एवं उर्वरकों की संतुलित मात्रा का प्रयोग करें। पोषक तत्व प्रबंधन में जैव उर्वरकों को अनिवार्य रूप से शामिल करें। दलहनी फसलों में राइजोबियम कल्चर का उपयोग करें। अनाज फसलों में एजोटोबैक्टर एवं एजोस्पिरिलम का प्रयोग करें। फास्फोरस घुलनशील जीवाणु का प्रयोग करें।

 श्री जाटव ने  बताया कि 5-10 टन प्रति हेक्टेयर गोबर खाद या कम्पोस्ट का प्रयोग करें। हरी खाद (ढैंचा, सनई आदि) का समावेश करें तथा प्राकृतिक खेती एवं जैविक खेती की पद्धतियों को अपनाकर मृदा की उर्वरता एवं संरचना को सुधारें। उन्होने बताया कि इन उपायों को अपनाकर मृदा की गुणवत्ता में सुधार किया जा सकता है तथा दीर्घकालीन टिकाऊ कृषि उत्पादन सुनिश्चित किया जा सकता है।

Ad DesktopAd TabletAd Mobile
Ad DesktopAd TabletAd Mobile

आपने उपरोक्त समाचार कृषक जगत वेबसाइट पर पढ़ा: हमसे जुड़ें
> नवीनतम कृषि समाचार और अपडेट के लिए आप अपने मनपसंद प्लेटफॉर्म पे कृषक जगत से जुड़े – गूगल न्यूज़, व्हाट्सएप्प
> कृषक जगत अखबार की सदस्यता लेने के लिए यहां क्लिक करें – घर बैठे विस्तृत कृषि पद्धतियों और नई तकनीक के बारे में पढ़ें
> कृषक जगत ई-पेपर पढ़ने के लिए नीचे दिए गए लिंक पर क्लिक करें: E-Paper
> कृषक जगत की अंग्रेजी वेबसाइट पर जाने के लिए नीचे दिए गए लिंक पर क्लिक करें: Global Agriculture

कृषक जगत को व्हाट्सएप पर फॉलो करें
खेती-किसानी की ताज़ा खबरें, सीधे आपके फ़ोन पर
चैनल फॉलो करें