राज्य कृषि समाचार (State News)

जैविक कृषि अपनाकर किसान अधिक लाभ कमाएं

23 सितम्बर 2021, पोकरण ।  जैविक कृषि  अपनाकर किसान अधिक लाभ कमाएं राजस्थान के कृषि विज्ञान केंद्र पोकरण द्वारा बांदेवा ग्राम में जैविक खेती प्रशिक्षण का आयोजन किया गया। वर्तमान में रासायनिक उर्वरकों एवं कीटनाशकों के उपयोग से मृदा स्वास्थ्य एवं जल पर विपरीत प्रभाव पड़ रहा है। केन्द्र के प्रसार वैज्ञानिक सुनील कुमार शर्मा ने किसानों को जैविक खेती के समूह बनाकर खेती करने के लिए प्रेरित किया जिससे किसान जैविक उपज को अधिक मूल्यों पर बाजार में बेच सकते है। उन्होने जैविक उत्पादों को दैनिक आहार में शामिल करके उत्तम स्वास्थय एवं बीमारियों पर आने वाले खर्च को कम करने कि बात कही।

प्रशिक्षण में शर्मा ने ग्रामीण कृषको को जैविक खेती, वर्मी कम्पोस्ट, सब्जी बगीचा, कम्पोस्ट निर्माण व खेत में पोषक तत्व प्रबंधन पर विस्तृत चर्चा की। मृदा वैज्ञानिक डॉ बबलू शर्मा ने प्राकृतिक कीट नियंत्रण, वेस्ट डिकम्पोजर, कंपोस्ट खाद, जैविक बीज, हरी खाद का प्रयोग करने की जानकारी दी। जिससे भूमि की उर्वरा क्षमता बनी रहती है। प्रशिक्षण शिविर मे पशुपालन वैज्ञानिक डॉ राम निवास ढाका ने बताया कि भारतीय परिस्थितियों के अनुसार जैविक दूध उत्पादन सबसे ज्यादा महत्वपूर्ण है।

उन्होने जैविक पशुपालन कृषि से अंतरसंबंधित, पर्यावरण अनुकूल एक ऐसा प्रबंधन है जिसमें पशुओं को जो भी चारा एवं दाना खिलाया जाता है वह जैविक होना चाहिए। ऐसा करने से वातावरण में प्रदूषण के स्तर को कम करके स्वास्थ्यवर्धक बनाया जा सकता है।


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