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राज्य कृषि समाचार (State News)

किसानों को उद्यानिकी फसलें तथा जैविक खेती अपनाने पर जोर

13 दिसम्बर 2022, जबलपुर: किसानों को उद्यानिकी फसलें तथा जैविक खेती अपनाने पर जोर – मध्य प्रदेश के उद्यानिकी एवं खाद्य प्रसंस्करण राज्यमंत्री श्री भारत सिंह कुशवाहा ने किसानों को उद्यानिकी की फसलें तथा जैविक खेती को अपनाने के लिए प्रोत्साहित करने पर जोर दिया है। श्री कुशवाहा ने कहा कि फसलों के साथ-साथ प्रसंस्करण को जोड़कर किसान अपनी आमदनी को कई गुना बढ़ा सकते हैं। यह बात किसानों को समझाने की जरूरत है। कृषि वैज्ञानिक और कृषि विज्ञान केन्द्र इस दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।     

उद्यानिकी एवं खाद्य प्रसंस्करण राज्यमंत्री श्री कुशवाहा गत दिवस  यहां जवाहरलाल नेहरू कृषि विश्वविद्यालय परिसर में स्थित कृषि प्रौद्योगिकी अनुप्रयोग अनुसंधान संस्थान में इस  विषय पर आयोजित परिचर्चा को संबोधित कर रहे थे। भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद एवं जवाहरलाल नेहरू कृषि विश्वविद्यालय द्वारा संयुक्त रूप से आयोजित इस परिचर्चा में विधायक श्री अशोक रोहाणी, विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. प्रदीप कुमार मिश्रा एवं कृषि प्रौद्योगिकी अनुप्रयोग अनुसंधान संस्थान के निदेशक डॉ. एसआर के सिंह भी मौजूद थे। परिचर्चा के दौरान मध्यप्रदेश एवं छत्तीसगढ़ में कृषि विज्ञान केन्द्रों के माध्यम से संचालित हो रही विभिन्न गतिविधियों को पॉवर प्वाइंट प्रजेंटेशन के माध्यम से प्रस्तुत किया गया। उद्यानिकी एवं खाद्य प्रसंस्करण राज्य मंत्री श्री भारत सिंह कुशवाहा ने परिचर्चा में उद्यानिकी फसलों को अपनाने तथा प्राकृतिक एवं जैविक खेती से होने वाले फायदों को बताया। उन्होंने बताया कि वे स्वयं पिछले पांच साल से प्राकृतिक एवं जैविक खेती को अपना रहे हैं। इसकी गुणवत्ता और उपयोगिता को उन्होंने खुद महसूस किया है। इससे फसल की अच्छी कीमत एवं अच्छा मुनाफा प्राप्त किया जा सकता है। श्री कुशवाहा ने कहा कि उद्यानिकी फसलों को अपनाकर तथा खाद्य प्रसंस्करण की छोटी-छोटी ईकाई स्थापित कर किसान अच्छा लाभ कमा सकते हैं। उन्होंने कहा कि केन्द्र एवं राज्य शासन द्वारा उद्यानिकी फसलों को बढ़ावा देने तथा जैविक एवं प्राकृतिक खेती को प्रोत्साहित कई योजनाएं शुरू की गई हैं। किसानों को खाद्य प्रसंस्करण ईकाई स्थापित करने में सहायता देने केन्द्र शासन द्वारा शुरू की गई प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्यम उन्नयन योजना में 10 लाख रुपये तक की ईकाई की स्थापना पर 35 प्रतिशत अनुदान राशि उपलब्ध कराई जा रही है.

विधायक श्री अशोक रोहाणी ने अपने विचार व्यक्त करते हुए मटर, स्वीट कार्न, मशरूम, सिंघाड़ा जैसी क्षेत्र की फसलों के लिए फूड प्रोसेसिंग यूनिट देने  का आग्रह किया। परिचर्चा में जवाहरलाल नेहरू कृषि विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. प्रमोद कुमार मिश्रा, डॉ. एस.आर.के. सिंह ने भी विचार व्यक्त किये।

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