मऊगंज में नरवाई न जलाने को लेकर किसानों को जागरूक करने का प्रयास
21 मार्च 2026, मऊगंज: मऊगंज में नरवाई न जलाने को लेकर किसानों को जागरूक करने का प्रयास – कृषि विभाग मऊगंज द्वारा कृषक कल्याण वर्ष 2026 के परिपालन में कृषकों को लगातार जागरूक किया जा रहा है। विकासखण्ड मऊगंज के वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी द्वारा ग्राम पंचायत हटवा सोरेहान में नरवाई प्रबंधन की जानकारी दी।
वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी उमेश चंद्र द्वारा बताया गया कि फसलों की कटाई के बाद उनके जो अवशेष खेत में रह जाते हैं, उसे नरवाई या पराली कहते हैं। मशीनों से फसल की कटाई होने पर बड़ी मात्रा में नरवाई खेत में रहती है, इसको हटाने के लिए किसान प्रायः इसे जला देते हैं. इससे खेत की मिट्टी की उपरी परत में रहने वाले फसलों के लिए उपयोगी जीवाणु नष्ट हो जाते हैं, मिट्टी में कड़कपन आ जाता है जिसके कारण जलधारण क्षमता बहुत कम हो जाती है।
किसान नरवाई प्रबंधन के लिए आधुनिक कृषि उपकरणों जैसे हैप्पी सीडर, सुपर सीडर आदि का उपयोग करें जिससे मिट्टी की उर्वरता बढ़ती है एवं पर्यावरण प्रदूषण भी नहीं होता है, साथ ही शासन द्वारा इन यंत्रों पर अनुदान भी दिया जा रहा हैं , जिसे लॉटरी सिस्टम से प्राप्त कर सकते है। किसान धान, गेहूं और अन्य फसलों की नरवाई खेत से हटाने के लिए सुपर सीडर और हैप्पी सीडर का उपयोग करें। ये उपकरण किसी भी ट्रैक्टर, जो 55 एचपी के हों, उस में आसानी से फिट हो जाते हैं। इन के उपयोग से एक ही बार में नरवाई नष्ट होने के साथ साथ खेत की जुताई और बोआई हो जाती है, इससे जुताई का खर्च और समय दोनों की बचत होती है। इस दौरान विभागीय आमला जनप्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में कृषकगण उपस्थित रहे। अतः किसान भाईयों से अपील है कि नरवाई नहीं जलाएं, भूमि एवं पर्यावरण के संरक्षण में सहयोग करें।
जिला कलेक्टर मऊगंज द्वारा नरवाई जलाने पर भारतीय नागरिक संहिता 2023 की धारा 163 के अंतर्गत 2026-27 में प्रति घटना क्षतिपूर्ति अर्थदंड निर्धारित किया हैं। ऐसे कृषक जिनके पास 2 एकड़ से कम खेत में नरवाई जलाने पर 2500/- प्रति घटना क्षतिपूर्ति अर्थदंड देय होगा। जिनके पास 2-5 एकड़ खेत में नरवाई जलाने पर 5000/- प्रति घटना क्षतिपूर्ति अर्थदंड देय होगा। इसी प्रकार जिनके पास 5 एकड़ से अधिक खेत में नरवाई जलाने पर 15000/- प्रति घटना क्षतिपूर्ति अर्थदंड देय होगा।
आपने उपरोक्त समाचार कृषक जगत वेबसाइट पर पढ़ा: हमसे जुड़ें
> नवीनतम कृषि समाचार और अपडेट के लिए आप अपने मनपसंद प्लेटफॉर्म पे कृषक जगत से जुड़े – गूगल न्यूज़, व्हाट्सएप्प
> कृषक जगत अखबार की सदस्यता लेने के लिए यहां क्लिक करें – घर बैठे विस्तृत कृषि पद्धतियों और नई तकनीक के बारे में पढ़ें
> कृषक जगत ई-पेपर पढ़ने के लिए नीचे दिए गए लिंक पर क्लिक करें: E-Paper
> कृषक जगत की अंग्रेजी वेबसाइट पर जाने के लिए नीचे दिए गए लिंक पर क्लिक करें: Global Agriculture

