राज्य कृषि समाचार (State News)

डॉ. भीमराव अंबेडकर कामधेनु योजना: पशुपालकों को डेयरी इकाई स्थापित करने पर मिलेगा 25-33% तक अनुदान  

05 दिसंबर 2025, भोपाल: डॉ. भीमराव अंबेडकर कामधेनु योजना: पशुपालकों को डेयरी इकाई स्थापित करने पर मिलेगा 25-33% तक अनुदान – मध्यप्रदेश राज्य में दूध और दुग्ध उत्पादों की बढ़ती मांग को पूरा करने तथा पशुपालकों को आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से मध्यप्रदेश सरकार ने “डॉ. भीमराव अंबेडकर कामधेनु योजना” शुरू की है। इस योजना के तहत पशुपालक डेयरी इकाई स्थापित कर सकते हैं और इसके लिए उन्हें बैंक ऋण सुविधा के साथ-साथ शासकीय अनुदान भी मिलेगा।

योजना की मुख्य विशेषताएं और पात्रता

यह योजना मध्य प्रदेश में रहने वाले सभी पशुपालकों के लिए है। एक हितग्राही अधिकतम 8 इकाइयां (200 दुधारू पशु) स्थापित कर सकता है। प्रत्येक इकाई के लिए न्यूनतम 3.50 एकड़ कृषि भूमि होना आवश्यक है और यह भूमि एक ही तहसील में होनी चाहिए। योजना में उन पशुपालकों को प्राथमिकता दी जाएगी जो वर्तमान में दुग्ध संघों या प्रोड्यूसर कंपनियों को दूध सप्लाई कर रहे हों। इसके अलावा, आवेदक को किसी भी बैंक का डिफाल्टर नहीं होना चाहिए।

वित्तीय सहायता और अनुदान

योजना “पहले आओ, पहले पाओ” के आधार पर संचालित होगी। एक इकाई में 25 दुधारू पशु होंगे, जिसमें केवल गाय या भैंस हो सकती है। देशी गाय के लिए इकाई की लागत 36 लाख रुपये और संकर गाय या भैंस के लिए 42 लाख रुपये तय की गई है। अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति के हितग्राहियों को परियोजना लागत का 33 प्रतिशत और अन्य हितग्राहियों को 25 प्रतिशत तक का अनुदान दिया जाएगा। ऋण की अधिकतम अवधि 7 वर्ष होगी, जिसमें पहली किश्त के 6 माह बाद मासिक किस्तें शुरू होंगी।

पशु क्रय और आवेदन प्रक्रिया

योजना के तहत खरीदे जाने वाले पशु प्रथम या द्वितीय वर्ष के होंगे और उनका दुग्ध उत्पादन भैंस में 8 लीटर, संकर गाय में 10 लीटर और देशी गाय में 7 लीटर प्रतिदिन से कम नहीं होना चाहिए। पशु राज्य के बाहर से लाए जाएंगे और उनका ट्रांजिट इंश्योरेंस अनिवार्य होगा। आवेदन www.mpdah.gov.in पर ऑनलाइन किए जा सकते हैं। पात्र आवेदकों के प्रकरण जिलेवार बैंक पूल में अग्रेषित किए जाएंगे।

आपने उपरोक्त समाचार कृषक जगत वेबसाइट पर पढ़ा: हमसे जुड़ें
> नवीनतम कृषि समाचार और अपडेट के लिए आप अपने मनपसंद प्लेटफॉर्म पे कृषक जगत से जुड़े – गूगल न्यूज़व्हाट्सएप्प
> कृषक जगत अखबार की सदस्यता लेने के लिए यहां क्लिक करें – घर बैठे विस्तृत कृषि पद्धतियों और नई तकनीक के बारे में पढ़ें
> कृषक जगत ई-पेपर पढ़ने के लिए नीचे दिए गए लिंक पर क्लिक करें: E-Paper
> कृषक जगत की अंग्रेजी वेबसाइट पर जाने के लिए नीचे दिए गए लिंक पर क्लिक करें: Global Agriculture

Advertisements