राज्य कृषि समाचार (State News)

मिर्च पर मंथन किसानों के साथ

16 दिसम्बर 2020. खरगोन: आत्मनिर्भर मिशन भारत सरकार द्वारा अधिकृत बोस्टन कंसलटेंसी ग्रुप (नॉलेज पार्टनर) की बीसीजी टीम एवं पीएसयू टीम के साथ बैठक में कलेक्टर श्रीमती अनुग्रह ने कहा कि जिले में उत्पादित मिर्च का प्रसंस्करण कर उसके उत्पाद को आगे बढाने के  लिए एक जिला एक उत्पाद अंतर्गत मिर्च फसल का चयन किया गया है. भारत सरकार द्वारा अधिकृत कंसलटेंसी ग्रुप जिले के भ्रमण पर आया है। इस दौरान बैडिया मिर्च मंडी के व्यापारियों एवं किसानों द्वारा बताया गया कि जिले की  मिर्च का लगभग 60 प्रतिशत किसान एवं 40 प्रतिशत व्यापारियों द्वारा कोल्ड स्टोरेज में रखा जा रहा है। जिले की मिर्च मुंबई, मुद्रा एवं चेन्नई पोर्ट से विदेशों में भेजी जा रही है। किसानों द्वारा ट्रेडर्स को मिर्च 110 से 120 रूपए किलों बेची जाती है तथा मंडी से लगभग 90 से 100 रूपए प्रति किलों ही बिकती है। कोल्ड स्टोरेज में 15 रूपए प्रति बेग (40 किग्र) प्रति माह के किराए पर मिर्च का स्टोरेज किया जा रहा है। बैडिया में 5 कोल्ड स्टोरेज स्थापित है, जिसमें मिर्च का स्टोरेज किया जा रहा है।

मिर्च के परिवहन पर प्रति किलों 4 से 6 रूपए आता है खर्च

बैठक व्यापारियों द्वारा बताया गया कि मिर्च की प्रोसेसिंग करने पर 100 किलों पर 92 किलों मिर्च पाउडर बनता है तथा मिर्च के परिवहन पर प्रति किलों लगभग 4 से 6 रूपए खर्च आता है। एक्सपोटर्स एनके एग्रो द्वारा बताया गया कि मिर्च की गुणवत्ता एवं साईज के आधार पर मिर्च के सैंपल चेन्नई प्रयोगशाला मे भेजे जाते है। सैंपल सही होने पर ही देश के बाहर मिर्च का निर्यात किया जाता है। बैठक में अतिरिक्त जिला पंचायत सीईओ श्री पुरूषोत्तम पाटीदार, कृषि उप संचालक एमएल चौहान, उद्यानिकी उप संचालक मोहनसिंह मुजाल्दा, नाबार्ड के जिला विकास प्रबंधक संतोष रामटेके, मंडी सचिव रामवीर किरार, प्रगतिशील किसान अलकेश पाटीदार, बालकृष्ण पाटीदार, मोहनसिंह सिसोदिया व मिर्च प्रोसेसर, ट्रेडर्स एवं एक्स पोटर्स, कोल्ड स्टोरेज प्रबंधक के अलावा जिला स्तरीय मॉनीटरिंग समिति के सदस्य एवं एक्सपोटर्स उपस्थित रहे।

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