मां की स्मृति में बेटी-दामाद ने बांटी ‘ऑक्सीजन’ की सौगात
11 मार्च 2026, (दिलीप दसौंधी, कृषक जगत, मंडलेश्वर): मां की स्मृति में बेटी-दामाद ने बांटी ‘ऑक्सीजन’ की सौगात – आदिवासी समाज की रूढ़िवादिता को पीछे छोड़कर जनजातीय परंपराओं को सेवा कार्य से जोड़ते हुए महेश्वर के एक शिक्षित आदिवासी परिवार ने मानवता और पर्यावरण संरक्षण का अनूठा उदाहरण पेश किया है। सेवानिवृत्त शिक्षिका स्व. श्रीमती शांता बुन्देला के निधन के बाद आयोजित ग्यारहवें के कार्यक्रम में उनके परिवार द्वारा मृत्यु भोज और अन्न दान के साथ ही मेहमानों को स्मृति स्वरूप पौधे वितरित किए गए ।
बेटी-दामाद ने निभाई अंतिम रस्में – 75 वर्षीय शिक्षिका शांता बुन्देला का गत दिनों निधन हो गया। उनका कोई पुत्र न होने पर उनकी बेटी प्रियंका बुन्देला (शिक्षिका) और दामाद श्री दिनेश ब्राह्मणे (कृषि विस्तार अधिकारी) ने परंपराओं को तोड़ते हुए बेटे का उत्तरदायित्व निभाया। अंतिम संस्कार से लेकर ग्यारहवें की पगड़ी रस्म तक के सभी कार्य बेटी-दामाद ने पूर्ण कर समाज को नई दिशा दिखाई।
पगड़ी रस्म में बांटी हरियाली – इस अवसर पर आयोजित भोज के साथ ही परिवार ने ‘एक पेड़ माँ के नाम’ अभियान के तहत स्वयं पौधरोपण किया। इसके पश्चात शोक सभा और भोज में शामिल होने आए सभी रिश्तेदारों व मेहमानों को विभिन्न प्रजातियों के फलदार एवं छायादार पौधे भेंट किए । दामाद श्री ब्राह्मणे ने मेहमानों से इन पौधों को रोपित कर उनके वृक्ष बनने तक देखभाल करने का संकल्प भी दिलाया। बेटी प्रियंका व दामाद दिनेश का कहना था कि हमारी माँ स्वयं एक शिक्षिका थीं, जिन्होंने हमेशा समाज और परिवार को शिक्षित करने का कार्य किया। उनके ग्यारहवें पर हमने अन्न दान के साथ ही सेवा भावना से पौधे बांटकर प्रकृति के संरक्षण का प्रयास किया है।
हो रही सराहना – इस शिक्षित परिवार की इस अनूठी पहल की महेश्वर क्षेत्र में सराहना हो रही है। लोगों का कहना है कि मृत्यु भोज जैसे आयोजनों को पर्यावरण सेवा से जोड़कर इस परिवार ने समाज के सामने एक उत्कृष्ट उदाहरण प्रस्तुत किया है।
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