दमोह प्राकृतिक खेती का उभरता हब- कलेक्टर श्री कोचर
20 फरवरी 2026, दमोह: दमोह प्राकृतिक खेती का उभरता हब- कलेक्टर श्री कोचर – कलेक्टर सुधीर कुमार कोचर ने कहा कि दमोह जिला प्राकृतिक खेती के क्षेत्र में तेजी से उभर रहा है। उन्होंने बताया कि युवा किसानों द्वारा किए जा रहे नवाचारों को देखने के लिए वे श्री दबे जी के अनुरोध पर उनके फार्म पहुंचे। निरीक्षण के दौरान उन्होंने जैविक खाद निर्माण, खरबूज-तरबूज की उन्नत खेती, आम के बागान और ग्राफ्टिंग पद्धति से विकसित पौधों को देखा और उन्होने कहा दमोह जिले में अमृत- कृषि का एक खूबसूरत धड़ा देखने को मिला, शुभकामनाऍ इस विरासत के विकास और विस्तार की।
कलेक्टर श्री कोचर ने कहा कि यह फार्म जैविक खेती का जीवंत दस्तावेज है, यहॉ पर युवा ऊर्जा से बढ़ती उर्वरता और अनुभव से जुडते प्राकृतिक आयाम का बेहतरीन समन्वय देखने को मिला। उन्होंने विशेष रूप से श्री अहिरवार और युवा किसान की सराहना करते हुए कहा कि दोनों ने मिलकर खेती की दशा और दिशा बदलने का कार्य किया है। ऐसे किसान पूरे जिले के लिए प्रेरणा स्रोत हैं। उन्होंने आश्वासन दिया कि किसानों को जो सभी प्रकार की सहायता की आवश्यकता होगी, शासन नियमानुसार हर संभव मदद प्रदान करेगा।उन्होने कहा कि जिले के कृषि विज्ञान केंद्र में जैविक एवं प्राकृतिक खेती प्रशिक्षण संस्थान की स्थापना की जाएगी। इस संस्थान में प्रतिमाह कम से कम दो प्रशिक्षण कोर्स संचालित किए जाएंगे, जिनके माध्यम से लगभग 60 किसानों को प्राकृतिक खेती का व्यापक प्रशिक्षण दिया जाएगा। प्रशिक्षण कार्यक्रम में जिले के अनुभवी प्राकृतिक किसान, जो स्वयं इस पद्धति पर सफलतापूर्वक कार्य कर रहे हैं, उन्हें भी विशेषज्ञ के रूप में जोड़ा जाएगा।
कलेक्टर श्री कोचर ने कहा कि जिले में जिस प्रकार युवा किसान नवाचार और आधुनिक तकनीकों को अपनाते हुए प्राकृतिक खेती को आगे बढ़ा रहे हैं, उससे स्पष्ट है कि दमोह में प्राकृतिक खेती का भविष्य उज्ज्वल है।
आपने उपरोक्त समाचार कृषक जगत वेबसाइट पर पढ़ा: हमसे जुड़ें
> नवीनतम कृषि समाचार और अपडेट के लिए आप अपने मनपसंद प्लेटफॉर्म पे कृषक जगत से जुड़े – गूगल न्यूज़, व्हाट्सएप्प
> कृषक जगत अखबार की सदस्यता लेने के लिए यहां क्लिक करें – घर बैठे विस्तृत कृषि पद्धतियों और नई तकनीक के बारे में पढ़ें
> कृषक जगत ई-पेपर पढ़ने के लिए नीचे दिए गए लिंक पर क्लिक करें: E-Paper
> कृषक जगत की अंग्रेजी वेबसाइट पर जाने के लिए नीचे दिए गए लिंक पर क्लिक करें: Global Agriculture

