राजस्थान में उर्वरकों की दैनिक उपलब्धता पर लगातार निगरानी रखी जा रही
29 नवंबर 2025, जयपुर: राजस्थान में उर्वरकों की दैनिक उपलब्धता पर लगातार निगरानी रखी जा रही – राजस्थान में उर्वरकों की दैनिक उपलब्धता पर लगातार निगरानी रखी जा रही है ताकि किसानों को उर्वकों की आपूर्ति में किसी तरह से परेशानी का सामना न करना पड़े ।
राजस्थान के कृषि मंत्री डॉ. किरोड़ी लाल ने किसानों को उर्वरकों की आपूर्ति एवं आवश्यकता अनुसार उपलब्धता सुनिश्चित करने हेतु विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार और कृषि विभाग द्वारा उर्वरकों की दैनिक उपलब्धता पर लगातार निगरानी रखी जा रही है। कम उपलब्धता और अधिक खपत वाले जिलों व ब्लॉकों को चिन्हित कर प्रदेश भर में प्राथमिकता के साथ पूर्ण पारदर्शिता से उर्वरकों का वितरण किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि उर्वरकों की कालाबाजारी व जमाखोरी रोकने के लिए विभागीय अधिकारी प्रदेश भर में पूर्ण सतर्कता से कार्य कर रहे हैं। राज्य सरकार द्वारा निरंतर केंद्र सरकार से समन्वय स्थापित कर प्रदेश की मांग अनुसार उर्वरकों की आपूर्ति करवाई जा रही है।
कृषि मंत्री ने बताया कि राज्य के किसानों को पर्याप्त मात्रा में उर्वरकों की उपलब्धता सुनिश्चित करने हेतु रबी 2025 में अक्टूबर व नवम्बर में भारत सरकार द्वारा आवंटित 7 लाख 55 हजार मैट्रिक टन यूरिया के विरुद्ध 01 अक्टूबर 2025 को उपलब्ध स्टॉक सहित अब तक 8 लाख 99 हजार मीट्रिक टन की उपलब्धता की गई है एवं 35 हजार मीट्रिक टन यूरिया परिवहन में है, जिसकी आपूर्ति आगामी 2 दिनों में हो जायेगी।
उन्होंने बताया कि प्रदेश में वर्तमान में 1 लाख 84 हजार मीट्रिक टन यूरिया, 65 हजार मीट्रिक टन डीएपी, 64 हजार मीट्रिक टन एनपीके एवं 1 लाख 53 हजार मीट्रिक टन एसएसपी उर्वरकों का स्टॉक उपलब्ध है।
वर्तमान में पिछले वर्ष की तुलना में फॉस्फेटिक उर्वरकों का स्टॉक 69 हजार मीट्रिक टन अधिक है। केंद्र सरकार की ओर से यूरिया, डीएपी एवं अन्य उर्वरकों का राज्यों को माहवार व कम्पनीवार आवंटन किया जाता है। राज्य सरकार द्वारा प्राप्त आवंटन एवं जिलों की मांग के अनुसार जिलेवार आपूर्ति योजना तैयार कर प्रदेश में उर्वरकों का वितरण पारदर्शिता से कराया जा रहा है।
आपने उपरोक्त समाचार कृषक जगत वेबसाइट पर पढ़ा: हमसे जुड़ें
> नवीनतम कृषि समाचार और अपडेट के लिए आप अपने मनपसंद प्लेटफॉर्म पे कृषक जगत से जुड़े – गूगल न्यूज़, व्हाट्सएप्प
> कृषक जगत अखबार की सदस्यता लेने के लिए यहां क्लिक करें – घर बैठे विस्तृत कृषि पद्धतियों और नई तकनीक के बारे में पढ़ें
> कृषक जगत ई-पेपर पढ़ने के लिए नीचे दिए गए लिंक पर क्लिक करें: E-Paper
> कृषक जगत की अंग्रेजी वेबसाइट पर जाने के लिए नीचे दिए गए लिंक पर क्लिक करें: Global Agriculture

