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राज्य कृषि समाचार (State News)

अक्टूबर-नवंबर में करें चिया की खेती, 90-120 दिन में तैयार होगी फसल; 1 एकड़ में 4-6 क्विंटल तक मिलेगा उत्पादन    

23 सितंबर 2026, भोपाल: अक्टूबर-नवंबर में करें चिया की खेती, 90-120 दिन में तैयार होगी फसल; 1 एकड़ में 4-6 क्विंटल तक मिलेगा उत्पादन – मध्यप्रदेश किसान कल्याण तथा कृषि विकास विभाग द्वारा किसानों को चिया फसल की खेती के संबंध में विस्तृत जानकारी दी गई है। चिया एक वर्षीय तिलहनी फसल है, जिसकी खेती मध्यप्रदेश के मंदसौर एवं नीमच सहित देश के विभिन्न क्षेत्रों में शुरू हो चुकी है। चिया का पौधा लगभग 70 से 100 सेंटीमीटर तक ऊंचा होता है तथा इसके बीज काले एवं सफेद रंग के होते हैं। चिया बीज में 30 से 35 प्रतिशत तक तेल पाया जाता है और यह ओमेगा-3 एवं ओमेगा-6 फैटी एसिड का अच्छा स्रोत माना जाता है।

अक्टूबर-नवंबर में बुआई उपयुक्त

चिया प्रकाश संवेदनशील फसल है। इसकी बेहतर वृद्धि और उत्पादन के लिए खरीफ में जून-जुलाई के बाद तथा रबी में अक्टूबर-नवंबर में बुआई करना उपयुक्त बताया गया है। खेत की अच्छी तरह जुताई कर मिट्टी को भुरभुरा एवं समतल करने के बाद बुआई करनी चाहिए। लाइन से बुआई करना अधिक उपयुक्त रहता है। एक एकड़ के लिए लगभग 1 से 1.5 किलोग्राम बीज की आवश्यकता होती है। बुआई के दौरान कतारों की दूरी 30 से 45 सेंटीमीटर और बीज की गहराई 1.5 सेंटीमीटर से अधिक नहीं रखनी चाहिए।

हल्की और जल निकास वाली भूमि उपयुक्त

चिया की खेती विभिन्न प्रकार की उपजाऊ एवं कम उर्वर भूमि में की जा सकती है, लेकिन जल निकास वाली हल्की, भुरभुरी और रेतीली मिट्टी इसके लिए अधिक उपयुक्त मानी गई है। खेत की तैयारी के लिए जुताई के बाद पाटा लगाकर भूमि को समतल और बारीक करना चाहिए। मिट्टी परीक्षण के आधार पर खाद एवं उर्वरक का प्रयोग करने की सलाह दी गई है।

90 से 120 दिन में तैयार होती है फसल

चिया फसल को तैयार होने में लगभग 90 से 120 दिन लगते हैं। पौधों में करीब 40 से 50 दिन के भीतर फूल आना शुरू हो जाता है और पुष्पन के 25 से 30 दिन बाद बीज पककर तैयार हो जाते हैं। फसल पकने पर पौधे और बालियां पीली पड़ने लगती हैं। इसके बाद कटाई कर थ्रेसर मशीन से बीज निकाले जा सकते हैं।

एक एकड़ में 4 से 6 क्विंटल तक उत्पादन

मौसम और फसल प्रबंधन के आधार पर चिया से प्रति एकड़ लगभग 4 से 6 क्विंटल तक उपज प्राप्त हो सकती है। गुणवत्ता के आधार पर चिया का विक्रय मूल्य सामान्यतः 100 से 150 रुपए प्रति किलोग्राम बताया गया है। वहीं, नीमच जैसी प्रमुख मंडियों में गुणवत्ता के अनुसार 15,000 से 19,000 रुपए प्रति क्विंटल तक के थोक भाव दर्ज किए जाते हैं।

सिंचाई और खरपतवार नियंत्रण पर ध्यान

कृषि विभाग ने किसानों को चिया की खेती में उचित बीज दर, समय पर बुआई, खरपतवार नियंत्रण, आवश्यकतानुसार सिंचाई और फसल सुरक्षा उपाय अपनाने की सलाह दी है। चिया फसल में सामान्यतः दो से तीन सिंचाई की आवश्यकता होती है। वहीं, लगभग 30 दिन के अंतराल पर दो से तीन बार निदाई-गुड़ाई करने की जानकारी दी गई है।

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