उत्तर प्रदेश में बेमौसम बारिश से फसलें हुई खराब, कृषि विभाग ने जारी की एडवाइजरी
12 अप्रैल 2026, भोपाल: उत्तर प्रदेश में बेमौसम बारिश से फसलें हुई खराब, कृषि विभाग ने जारी की एडवाइजरी – उत्तर प्रदेश में हाल के दिनों में हुई बेमौसम बारिश ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है। खासतौर पर गेहूं, सरसों, चना, मसूर और मटर जैसी रबी फसलों को नुकसान की आशंका जताई जा रही है। कई जिलों में कटाई के लिए तैयार खड़ी फसलें बारिश से भीग गईं, जबकि कुछ जगहों पर कटी हुई फसल भी खेतों और खलिहानों में खराब होने लगी है। इस स्थिति ने किसानों के सामने उत्पादन और भंडारण दोनों को लेकर नई चुनौतियां खड़ी कर दी हैं।
राज्य सरकार और कृषि विभाग ने हालात को गंभीरता से लेते हुए किसानों से सतर्क रहने की अपील की है। योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर प्रशासन को फसल नुकसान का आकलन करने और प्रभावित किसानों तक जल्द राहत पहुंचाने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही सूर्य प्रताप शाही ने प्रभावित जिलों का हवाई सर्वे कर अधिकारियों को लगातार किसानों के संपर्क में रहने को कहा है।
किसानों के लिए कृषि विभाग की एडवाइजरी
कृषि विभाग ने किसानों को सलाह दी है कि यदि खेतों में खड़ी फसल बारिश से भीग गई है तो उसे तुरंत काटने के बजाय एक-दो दिन सूखने का समय दें। वहीं, कटी हुई फसल को खेत में पानी जमा न होने दें और बोझा बांधकर सुरक्षित स्थान पर रखें। खलिहान में पड़ी फसल को खोलकर धूप और हवा लगने दें, ताकि नमी कम हो सके और नुकसान से बचाव हो सके।
भंडारण से पहले नमी का रखें ध्यान
विभाग ने स्पष्ट किया है कि अनाज को भंडारित करने से पहले उसकी नमी लगभग 10 प्रतिशत तक रहनी चाहिए। अधिक नमी होने पर फसल में फफूंद और कीट लगने का खतरा बढ़ जाता है। इसलिए भंडारण स्थल, बोरे और दीवारों को साफ और सूखा रखने के साथ फ्यूमिगेशन करना भी जरूरी है, ताकि अनाज लंबे समय तक सुरक्षित रह सके।
थोड़ी सावधानी से कम होगा नुकसान
विशेषज्ञों का मानना है कि सही प्रबंधन और थोड़ी सावधानी से बारिश से होने वाले नुकसान को काफी हद तक कम किया जा सकता है। किसानों को कटाई, मड़ाई और भंडारण के हर चरण में सतर्कता बरतनी चाहिए। सरकार ने भी भरोसा दिलाया है कि जिन किसानों की फसलें प्रभावित हुई हैं, उन्हें सर्वे के बाद जल्द ही उचित सहायता उपलब्ध कराई जाएगी।
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