देपालपुर में कांग्रेस की किसान ट्रैक्टर रैली

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  कांट्रेक्ट फार्मिंग से किसान बंधुआ मज़दूर बन जाएंगे – श्री कमलनाथ 

(शैलेष ठाकुर, देपालपुर ) :  केंद्र सरकार द्वारा किसान विरोधी कानून को वापस नहीं लिए जाने के विरोध में  किसानों द्वारा दिल्ली में किए जा रहे आंदोलन के समर्थन में कांग्रेस द्वारा देपालपुर में विशाल ट्रेक्टर रैली का आयोजन किया गया, जिसमें प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री श्री कमलनाथ के अलावा कई पूर्व मंत्री शामिल हुए l रैली का नेतृत्व देपालपुर विधायक श्री विशाल पटेल द्वारा किया गया ।इस रैली में विधायक श्री संजय शुक्ला, पूर्व कैबिनेट मंत्री श्री सज्जनसिंह वर्मा, श्री जीतू पटवारी ,पूर्व प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष श्री अरुण यादव ,इंदौर दुग्ध संघ अध्यक्ष श्री मोतीसिंह पटेल, श्री बहादुरसिंह पंवार सहित कांग्रेस के कई वरिष्ठ नेताओं ने भाग लिया l  ट्रैक्टर रैली में श्री कमलनाथ ने स्वयं ट्रैक्टर चलाया l क्षेत्र के किसान करीब एक हजार ट्रैक्टर के साथ रैली में शामिल हुए , जिसमें बिरगोदा ,नेवरी,देपालपुर के करीब दो सौ  ट्रैक्टर रैली की पूर्व संध्या पर ही सभा स्थल पर आ गए थे बाकी अन्य गांव के ट्रैक्टर अगले दिन रैली में शामिल हुए ।

दो कतार में निकली इस ट्रैक्टर रैली का दृश्य देखने लायक था l श्री कमलनाथ ने अपने भाषण की शुरुआत देपालपुर की पिछली चुनावी यात्रा का स्मरण कर कहा कि जब राज्य में हमारी पार्टी  सत्ता में आई तो श्री शिवराज सिंह ने ऐसा प्रदेश सौंपा जो किसान आत्महत्या में ,बेरोजगारी में और महिला अत्याचार में नंबर वन था l हमारे सामने कई चुनौतियाँ थीं l  किसानों को सही न्याय मिले इसलिए पहली किश्त में 27 लाख किसानों का क़र्ज़ माफ़ किया , जिसमें चूककर्ता और चालू खाते वाले किसान भी शामिल थे l हम धीरे -धीरे आगे बढ़ रहे थे ,लेकिन हमें पता नहीं था कि 15 माह में हमारी सरकार गिर जाएगी l मैंने माफिया के खिलाफ कार्रवाई की ,बिजली बिल घटाए,सामूहिक विवाह की राशि 51 हजार की l उन्होंने फिर दोहराया कि आखिर मेरा गुनाह क्या था ?

श्री कमलनाथ ने कहा कि कांग्रेस के राज में समर्थन मूल्य की शुरुआत हुई , एफसीआई बनाया , ताकि अनाज का भंडारण हो l  पंजाब और हरियाणा के किसानों को सबसे ज्यादा 95 % समर्थन मूल्य मिलता है ,जबकि हमारे यहां सिर्फ 20 % किसानों को मिलता है l तीन कृषि कानूनों की आलोचना करते हुए कहा  कि ये कृषि क्षेत्र का निजीकरण करेंगे l  बड़े उद्योगपतियों को मंडी का दर्जा मिल जाएगा l समर्थन मूल्य की सम्भावना खत्म हो जाएगी l मनमाने भाव पर किसानों से उपज की खरीदी की जाएगी l  किसानों का शोषण होगा l कांट्रेक्ट फार्मिंग से किसान बंधुआ मज़दूर बन जाएंगे l आवश्यक वस्तु अधिनियम में संशोधन के बाद बड़े उद्योगपति खरीदी के बाद अपने हिसाब से बेचेगा l  ये उद्योगपति समाजसेवा करने नहीं आएँगे l  यह निजीकरण उनके नफे के लिए किया जा रहा है l इसीलिए दिल्ली में हजारों किसान दो माह से आंदोलन कर रहे हैं , जिसमें म.प्र. से 1500 किसान शामिल हुए हैं l सभा को श्री जीतू पटवारी, श्री सज्जन सिंह वर्मा , श्री अरुण यादव आदि ने भी सम्बोधित किया l             

  

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