छिंदवाड़ा: किसानों ने लिया मशरूम तकनीकी उत्पादन का प्रशिक्षण
24 फरवरी 2026, छिंदवाड़ा: छिंदवाड़ा: किसानों ने लिया मशरूम तकनीकी उत्पादन का प्रशिक्षण – जवाहरलाल नेहरू कृषि विश्वविद्यालय के अधीनस्थ कृषि विज्ञान केंद्र, चंदनगांव, छिंदवाड़ा में किसान कल्याण वर्ष 2026 के अंतर्गत एक दिवसीय मशरूम उत्पादन तकनीकी प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस पहल का उद्देश्य किसानों की आय में वृद्धि, स्वरोजगार सृजन तथा कृषि आधारित उद्यमिता को बढ़ावा देना है।
कम लागत में अधिक लाभ का अवसर – कार्यक्रम में केंद्र के वरिष्ठ वैज्ञानिक एवं प्रमुख डॉ. आर.के. झाड़े ने किसानों को जानकारी देते हुए बताया कि मशरूम उत्पादन कम लागत, कम स्थान और कम समय में अधिक लाभ देने वाला व्यवसाय है। वर्तमान जलवायु परिस्थितियाँ इसके लिए अनुकूल हैं, जिससे किसान इसे अतिरिक्त आय के प्रभावी स्रोत के रूप में अपना सकते हैं। उन्होंने किसानों से आग्रह किया कि वे अन्य कृषकों एवं बागवानों को भी इस व्यवसाय से जोड़ें, ताकि सामूहिक रूप से आय में वृद्धि हो सके।
उन्नत तकनीक और व्यवहारिक प्रशिक्षण – डॉ. डी.सी. श्रीवास्तव ने पावर पॉइंट प्रेजेंटेशन एवं वीडियो के माध्यम से मशरूम उत्पादन की उन्नत तकनीकों की जानकारी दी। प्रायोगिक सत्र में मशरूम बैग भरने की विधि, स्वच्छता, तापमान नियंत्रण एवं उचित प्रबंधन के बारे में विस्तार से समझाया गया। साथ ही मशरूम के मूल्य संवर्धन (वैल्यू एडिशन) के विभिन्न उपाय बताए गए, जिससे किसानों को बेहतर बाजार मूल्य प्राप्त हो सके।
युवाओं के लिए स्वरोजगार का सुनहरा अवसर – केंद्र की वैज्ञानिक डॉ. रिया ठाकुर ने युवाओं को प्रेरित करते हुए कहा कि वे केवल नौकरी की तलाश तक सीमित न रहें, बल्कि स्वरोजगार स्थापित कर अन्य लोगों को भी रोजगार उपलब्ध कराएं। डॉ. सरिता सिंह ने मशरूम के पोषण महत्व पर प्रकाश डालते हुए बताया कि सप्ताह में कम से कम एक दिन मशरूम का सेवन स्वास्थ्य के लिए लाभकारी है, जिससे इसकी बाजार मांग लगातार बढ़ रही है। डॉ. चंचल भार्गव ने बताया कि मात्र 15×15 फीट के कमरे में भी मशरूम उत्पादन कर किसान 5,000 से 10,000 रुपये तक की अतिरिक्त आय अर्जित कर सकते हैं। 25 से 35 दिनों में फलन प्रारंभ हो जाता है, जिससे शीघ्र विपणन संभव है। यह व्यवसाय किसानों को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में अत्यंत उपयोगी सिद्ध हो रहा है।
40 किसानों ने लिया प्रशिक्षण – कार्यक्रम में छिंदवाड़ा जिले के विभिन्न विकास खंडों से 40 किसान भाइयों एवं बहनों ने सहभागिता की। कार्यक्रम की सफल तैयारी एवं संचालन में डॉ. सुंदर लाल अलावा का विशेष योगदान रहा।
किसान कल्याण वर्ष 2026: सशक्त किसान, समृद्ध प्रदेश – उल्लेखनीय है कि मध्यप्रदेश शासन द्वारा वर्ष 2026 को किसान कल्याण वर्ष के रूप में मनाया जा रहा है। इसी क्रम में ऐसे प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं, जिनका उद्देश्य किसानों को आधुनिक तकनीकों से जोड़कर आय के नए स्रोत उपलब्ध कराना है। मशरूम उत्पादन जैसी लाभकारी खेती को अपनाकर किसान न केवल आर्थिक रूप से सशक्त बन रहे हैं, बल्कि आत्मनिर्भर भारत के निर्माण में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। किसान कल्याण वर्ष 2026 किसानों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने की दिशा में एक सार्थक पहल साबित हो रहा है।
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